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तीस परिवार तिरपालों के नीचे रात गुजारने को मजबूर, सरकार नही ले रही सुध
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- लोगों का आरोप पहली किश्त मिलने के बाद नहीं मिली राशि
- मकानों के काम फंसे हुए हैं अधर में, लोग रोजाना हो रहे हैं परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
खरड़। गांव झंजेड़ी में कच्चे मकानों को पक्के मकान बनाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा घोषित राशि के इंतजार में लगभग 30 परिवार तिरपालों के घरों में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित गुरमीत कौर, देव कौर तथा तरसेम सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा कच्चे मकानों को पक्का बनाने के लिए एक लाख बीस हजार की ग्रांट देने की घोषणा की थी। जिसमें से उन्हें पहली किश्त 30 हजार रुपये मिली है और उसके बाद काफी समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई किश्त नही मिली है। इस कारण वह तिरपालों के बनाए घरों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा दी गई। ग्रांट की पहली किश्त 30 हजार रुपये में उन्होंने अपने पैसे मिला कर मकानों की दीवारें तो खड़ी कर ली हैं, परंतु लेंटर डालने के लिए उनके पास पैसे नही हैं, जिस कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि यदि वह इस संबंधी सरपंच से बात करते हैं तो सरपंच उन्हें कोई जवाब नहीं देता है। इस अवसर पर पीड़ित लोगों ने पंजाब सरकार से मांग की कि प्राथमिकता के आधार पर मकान बनाने के लिए पूरी रकम दी जाए ताकि लोग अपने मकान बना सकें और ठंड से भी बच सकें।
नवंबर 2018 में छत गिरने से हुई थी पति पत्नी की मौत
गांव झंजेड़ी में नवंबर 2018 को कच्चे मकान की छत गिर जाने से पति पत्नी जीत सिंह व मनजीत कौर की मौत हो गई थी। यह पति पत्नी भी पक्के मकान के लिए सरकारी ग्रांट का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इसी बीच इस दुर्घटना के कारण दोनो पति पत्नी की कच्चे मकान की छत गिरने से मलबे में दब कर मौत हो गई थी। गांव झंजेड़ी के निवासी भाजपा के जिला उप प्रधान नरिंदर सिंह राणा तथा समाज सेवक राम सिंह राणा ने पंजाब सरकार से मांग की कि गांव में कच्चे मकानों को पक्का बनाने के लिये लोगों को जल्दी ग्रांट दी जाए। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि कच्चे मकानों को पक्का बनाने संबंधी कई बार सर्वे हो चुका है परंतु आज तक गांव के किसी भी गरीब परिवार को पक्का मकान बनाने के लिये ग्रांट जारी नही की गई।
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- मकानों के काम फंसे हुए हैं अधर में, लोग रोजाना हो रहे हैं परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
खरड़। गांव झंजेड़ी में कच्चे मकानों को पक्के मकान बनाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा घोषित राशि के इंतजार में लगभग 30 परिवार तिरपालों के घरों में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित गुरमीत कौर, देव कौर तथा तरसेम सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा कच्चे मकानों को पक्का बनाने के लिए एक लाख बीस हजार की ग्रांट देने की घोषणा की थी। जिसमें से उन्हें पहली किश्त 30 हजार रुपये मिली है और उसके बाद काफी समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई किश्त नही मिली है। इस कारण वह तिरपालों के बनाए घरों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा दी गई। ग्रांट की पहली किश्त 30 हजार रुपये में उन्होंने अपने पैसे मिला कर मकानों की दीवारें तो खड़ी कर ली हैं, परंतु लेंटर डालने के लिए उनके पास पैसे नही हैं, जिस कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि यदि वह इस संबंधी सरपंच से बात करते हैं तो सरपंच उन्हें कोई जवाब नहीं देता है। इस अवसर पर पीड़ित लोगों ने पंजाब सरकार से मांग की कि प्राथमिकता के आधार पर मकान बनाने के लिए पूरी रकम दी जाए ताकि लोग अपने मकान बना सकें और ठंड से भी बच सकें।
नवंबर 2018 में छत गिरने से हुई थी पति पत्नी की मौत
गांव झंजेड़ी में नवंबर 2018 को कच्चे मकान की छत गिर जाने से पति पत्नी जीत सिंह व मनजीत कौर की मौत हो गई थी। यह पति पत्नी भी पक्के मकान के लिए सरकारी ग्रांट का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इसी बीच इस दुर्घटना के कारण दोनो पति पत्नी की कच्चे मकान की छत गिरने से मलबे में दब कर मौत हो गई थी। गांव झंजेड़ी के निवासी भाजपा के जिला उप प्रधान नरिंदर सिंह राणा तथा समाज सेवक राम सिंह राणा ने पंजाब सरकार से मांग की कि गांव में कच्चे मकानों को पक्का बनाने के लिये लोगों को जल्दी ग्रांट दी जाए। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि कच्चे मकानों को पक्का बनाने संबंधी कई बार सर्वे हो चुका है परंतु आज तक गांव के किसी भी गरीब परिवार को पक्का मकान बनाने के लिये ग्रांट जारी नही की गई।
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