{"_id":"5a34215c4f1c1bc8678c1a6e","slug":"181513365852-mohali-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिस्काउंट सामान पर वसूला वैट, दस हजार लगा जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिस्काउंट सामान पर वसूला वैट, दस हजार लगा जुर्माना
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डिस्काउंट वाले सामान पर वसूला वैट, दस हजार लगा जुर्माना
जिला उपभोक्ता फोरम की तरफ से सुनाया गया फैसला
शोरूम मालिक को तीस दिन में करना होगा भुगतान
वरना पूरी रकम पर नौ फीसदी ब्याज भी चुकाना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
जिला उपभोक्ता फोरम ने डिस्काउंट वाले सामान पर शोरूम मालिक द्वारा वैट वसूलने के मामले को गंभीरता से लिया है। फोरम ने जीरकपुर स्थित चावला फैशन शॉप मालिक को सेवाओं में कोताही का दोषी करार दिया है। साथ ही शोरूम मालिक को ग्राहक से वैट के अतिरिक्त वसूले 64.03 रुपये वापस देने के आदेश दिए हैं। साथ ही दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यह सारी अदायगी तीस दिनों में करनी होगी। साथ ही अगर तय समय में भुगतान नहीं किया तो पूरी रकम पर नौ फीसदी ब्याज देना होगा।
इस संबंध सेक्टर-55 निवासी शेफाली महाजन की ओर से उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी गई थी। शेफाली ने बताया कि उन्होंने चौदह मार्च 2017 को शोरूम से कपड़े खरीदे थे। शोरूम मालिक ने एमआरपी पर तीस फीसदी डिस्काउंट देने की घोषणा की थी। उसने 1499 रुपये में टीशर्ट खरीदी थी। जब दुकानदार ने उन्हें बिल दिया तो 64.03 रुपये एमआरपी पर वैट के अंकित थे। इस दौरान उन्होंने इसका विरोध किया। उन्होंने शोरूम मालिक को कहा कि यह नियमों के विपरीत है, लेकिन उनकी बात को नहीं सुना। साथ ही मौके पर वह एमआरपी पर वैट वसूलने संबंधी कोई दस्तावेज व आर्डर नहीं दिखा पाए। इसके बाद उन्होंने सामान लेने से मना कर दिया। इसी बीच कंपनी के मुलाजिमों ने कहा कि उनका बिल कट चुका है, उन्हें भुगतान करना ही पड़ेगा। बिल को कैंसिल नहीं किया जा सकता है। ऐसे में उसे पेमेंट करनी पड़ी। शिकायतकर्ता ने कहा कि एमआरपी पर वैट वसूलना गलत है। ऐसे में उन्होंने शोरूम मालिक से एमआरपी पर वसूले 64.03 रुपये 18 फीसदी ब्याज के साथ पचास हजार मुआवजे व 25 हजार कानूनी खर्च देने की मांग की।
विज्ञापन
जिला उपभोक्ता फोरम की तरफ से सुनाया गया फैसला
शोरूम मालिक को तीस दिन में करना होगा भुगतान
वरना पूरी रकम पर नौ फीसदी ब्याज भी चुकाना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
जिला उपभोक्ता फोरम ने डिस्काउंट वाले सामान पर शोरूम मालिक द्वारा वैट वसूलने के मामले को गंभीरता से लिया है। फोरम ने जीरकपुर स्थित चावला फैशन शॉप मालिक को सेवाओं में कोताही का दोषी करार दिया है। साथ ही शोरूम मालिक को ग्राहक से वैट के अतिरिक्त वसूले 64.03 रुपये वापस देने के आदेश दिए हैं। साथ ही दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यह सारी अदायगी तीस दिनों में करनी होगी। साथ ही अगर तय समय में भुगतान नहीं किया तो पूरी रकम पर नौ फीसदी ब्याज देना होगा।
इस संबंध सेक्टर-55 निवासी शेफाली महाजन की ओर से उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी गई थी। शेफाली ने बताया कि उन्होंने चौदह मार्च 2017 को शोरूम से कपड़े खरीदे थे। शोरूम मालिक ने एमआरपी पर तीस फीसदी डिस्काउंट देने की घोषणा की थी। उसने 1499 रुपये में टीशर्ट खरीदी थी। जब दुकानदार ने उन्हें बिल दिया तो 64.03 रुपये एमआरपी पर वैट के अंकित थे। इस दौरान उन्होंने इसका विरोध किया। उन्होंने शोरूम मालिक को कहा कि यह नियमों के विपरीत है, लेकिन उनकी बात को नहीं सुना। साथ ही मौके पर वह एमआरपी पर वैट वसूलने संबंधी कोई दस्तावेज व आर्डर नहीं दिखा पाए। इसके बाद उन्होंने सामान लेने से मना कर दिया। इसी बीच कंपनी के मुलाजिमों ने कहा कि उनका बिल कट चुका है, उन्हें भुगतान करना ही पड़ेगा। बिल को कैंसिल नहीं किया जा सकता है। ऐसे में उसे पेमेंट करनी पड़ी। शिकायतकर्ता ने कहा कि एमआरपी पर वैट वसूलना गलत है। ऐसे में उन्होंने शोरूम मालिक से एमआरपी पर वसूले 64.03 रुपये 18 फीसदी ब्याज के साथ पचास हजार मुआवजे व 25 हजार कानूनी खर्च देने की मांग की।
विज्ञापन