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Mohali News: मनी लॉन्ड्रिंग में पंजाब के पूर्व डीएसपी जगदीश भोला समेत 17 को तीन से दस साल की सजा

Wed, 31 Jul 2024 07:15 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2024 07:15 AM IST
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17 including former Punjab DSP Jagdish Bhola sentenced to three to ten years in money laundering
मोहाली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत ने मंगलवार को छह हजार करोड़ रुपये की नशा तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के केस में पंजाब पुलिस के बर्खास्त डीएसपी व अर्जुन अवार्डी पहलवान रुस्तम-ए-हिंद जगदीश भोला समेत 17 लोगों को सजा सुनाई। दोषियों में भोला की पत्नी व ससुर भी शामिल हैं। दोषी जगदीश भोला व अवतार उर्फ तारी को 10 साल की कैद व 50 हजार जुर्माना, मनप्रीत सिंह, सुखराज सिंह, सुखजीत सिंह, दविंदर सिंह व मनिंदर सिंह को 10-10 साल की कैद, दोषी गुरप्रीत सिंह, सुभाष बजाज, सुरज बजाज व अंकुर बजाज को 5-5 साल की कैद व 30-30 हजार रुपये का जुर्माना जबकि जगदीश भोला की पत्नी गुरप्रीत कौर, अवतार सिंह की पत्नी संदीप कौर, जगमिंदर कौर औलख, गुरमीत कौर, अमरजीत कौर व भोला के ससुर दिलीप सिंह मान को 3-3 साल की सजा सुनाई गई। अदालत ने इन पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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बता दें कि मामले में 11 साल बाद फैसला आया है। वर्ष 2013 में ईडी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। दोषियों को पीएमएल एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत सजा सुनाई गई है। सजा सुनाने के समय जगदीश भोला अदालत में मौजूद नहीं था, उसे वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया जबकि अन्य दोषी कोर्ट में मौजूद रहे।
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ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह (जांचकर्ता) ने बताया कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय नशा तस्कर गिरोह से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस केस में चार चार्जशीट फाइल की गईं थीं। मामले में भोला और उसके परिवार सहित कुल 23 आरोपी थे। इनमें से चार की कोर्ट ट्रॉयल दौरान मौत हो चुकी है और दो आरोपी भगोड़ा हैं। आज 17 दोषियों को अदालत ने सजा सुनाई है।
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निरंजन सिंह ने बतया कि जांच के दौरान ड्रग मनी से दोषियों ने जो संपत्तियां खरीदी थीं, उन्हें ईडी ने अटैच किया था। बाद में लीगल अथॉरिटी ने इसकी पुष्टि भी की थी। जब्त की गई दोषियों की संपत्ति की कीमत करीब 400 करोड़ से अधिक और बुक वैल्यू 100 करोड़ रुपये से ऊपर थी। आरोपियों ने करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई लेकिन उसका इनकम टैक्स नहीं भरा। जब जांच शुरू हुई तो उनकी संपत्ति आय से अधिक निकलीं। इन संपत्तियों में आलीशान कोठियां, औद्योगिक प्लॉट व अन्य संपत्तियां शामिल थीं। उन्होंने कहा कि अगर कोविड न आता तो यह फैसला बहुत पहले आ जाता। कोविड के दौरान करीब डेढ़ साल मामले की सुनवाई अटकी रही।


जनवरी 2014 में गिरफ्तार हुआ था भोला, केस में आए थे कई नेताओं के नाम
इस मामले का पर्दाफाश साल 2013-14 के दौरान हुआ था। ईडी ने जनवरी 2014 में भोला को गिरफ्तार किया था और उसकी 95 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। बता दें कि जगदीश सिंह उर्फ भोला पहले एक कुश्ती का खिलाड़ी था जो बाद में पंजाब पुलिस में भर्ती हो गया। डीएसपी बनने के बाद वह नशा तस्करों के संपर्क में आया और बाद में उनका सरगना बन गया था। जांच में सामने आया था कि यह रैकेट पंजाब से लेकर विदेशों तक फैला हुआ है। इस केस में पंजाब के राजनेताओं का नाम भी समाने आया था। जांच पूरी होने तक पता चला कि नशा तस्करी से जुड़ा यह मामला करीब 6 हजार करोड़ रुपये का है। साल 2019 में इस मामले में सीबीआई की अदालत ने भोला सहित 25 लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन मामलों में सजा सुनाई थी।
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