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चंडीगढ़ में हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की योजना, 200 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें, बजट का पार्ट
Sat, 06 Jul 2019 11:05 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जीरकपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जीरकपुर
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jul 2019 11:05 AM IST
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भारतीय रेलवे जल्द चंडीगढ़ और दिल्ली के बीच हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की योजना बना रही है। फ्रेंच नेशनल रेलवे की सर्वे रिपोर्ट के बाद कई बार हाई लेवल की मीटिंग हो चुकी है। रेल मिनिस्ट्री के एक टॉप ऑफिसर ने बताया, प्लान की घोषणा जल्द होगी। यह भी बजट का एक पार्ट है।’
अधिकारी ने बताया कि इन नई रेल लाइनों पर ट्रेनें 200 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चल सकेंगी। ये लाइनें या तो मौजूदा या आने वाले दिनों में बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के ऊपर से होकर गुजरेंगी या फिर इन्हें मौजूदा रेल लाइनों के आसपास पड़ी रेलवे की जमीन पर बनाया जाएगा। रेलवे इस प्रोजेक्ट के लिए बड़े टेंडर जारी करेगा, जिसमें सभी बड़ी कंपनियों को न्योता दिया जाएगा। यह कदम कंस्ट्रक्शन की लागत कम से कम रखने के इरादे से उठाया जाएगा।
अगर रेलवे ट्रैक हाई स्पीड होता है तो चंडीगढ़ से दिल्ली महज 78 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। अभी 160 किलोमीटर प्रति घंटे और 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर विचार किया जा रहा है। फ्रेंच रेलवे के अनुसार दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए रेलवे ट्रैक पर 45 करोड़ प्रति किलोमीटर खर्च करने होंगे।
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अगर रेलवे ऐसा करती है तो इस रेल लाइन पर दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच 36 तेज रफ्तार वाली गाड़ियां चलाई जा सकेंगी और इस रूट पर आने वाले समय में बड़ी संख्या में मालगाड़ियां दौड़ाई जा सकती हैं। 200 किलोमीटर की स्पीड पर ट्रेन दौड़ाने के लिए पूरे ट्रैक पर सिग्नलिंग ऑटोमैटिक करनी पड़ेगी।
अधिकारी ने बताया कि हाई स्पीड रेलगाड़ियों को चलाने से पहले इंजन और डिब्बे बाहर से मंगाए जा सकते हैं। वहीं चंडीगढ़ से आने वाले कर्व को सीधा करना पड़ेगा ताकि स्पीड को बढ़ाया जा सके। सिग्नल और बिजली की सप्लाई को अत्याधुनिक करना होगा। दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच रेलवे लाइन की दोनों तरफ से फेंसिंग करनी जरूरी होगी तभी हादसे से बचाव किया जा सकता है। इसके साथ ही सभी लेवल क्रॉसिंग को पूरी तरह से खत्म करना पड़ेगा।
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अधिकारी ने बताया कि इन नई रेल लाइनों पर ट्रेनें 200 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चल सकेंगी। ये लाइनें या तो मौजूदा या आने वाले दिनों में बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के ऊपर से होकर गुजरेंगी या फिर इन्हें मौजूदा रेल लाइनों के आसपास पड़ी रेलवे की जमीन पर बनाया जाएगा। रेलवे इस प्रोजेक्ट के लिए बड़े टेंडर जारी करेगा, जिसमें सभी बड़ी कंपनियों को न्योता दिया जाएगा। यह कदम कंस्ट्रक्शन की लागत कम से कम रखने के इरादे से उठाया जाएगा।
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अगर रेलवे ट्रैक हाई स्पीड होता है तो चंडीगढ़ से दिल्ली महज 78 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। अभी 160 किलोमीटर प्रति घंटे और 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर विचार किया जा रहा है। फ्रेंच रेलवे के अनुसार दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए रेलवे ट्रैक पर 45 करोड़ प्रति किलोमीटर खर्च करने होंगे।
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अगर रेलवे ऐसा करती है तो इस रेल लाइन पर दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच 36 तेज रफ्तार वाली गाड़ियां चलाई जा सकेंगी और इस रूट पर आने वाले समय में बड़ी संख्या में मालगाड़ियां दौड़ाई जा सकती हैं। 200 किलोमीटर की स्पीड पर ट्रेन दौड़ाने के लिए पूरे ट्रैक पर सिग्नलिंग ऑटोमैटिक करनी पड़ेगी।
अधिकारी ने बताया कि हाई स्पीड रेलगाड़ियों को चलाने से पहले इंजन और डिब्बे बाहर से मंगाए जा सकते हैं। वहीं चंडीगढ़ से आने वाले कर्व को सीधा करना पड़ेगा ताकि स्पीड को बढ़ाया जा सके। सिग्नल और बिजली की सप्लाई को अत्याधुनिक करना होगा। दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच रेलवे लाइन की दोनों तरफ से फेंसिंग करनी जरूरी होगी तभी हादसे से बचाव किया जा सकता है। इसके साथ ही सभी लेवल क्रॉसिंग को पूरी तरह से खत्म करना पड़ेगा।