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सैरगाह के तौर पर विकसित किया जाएगा खरड़ का महाराजा अज्ज सरोवर
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खरड़। पंजाब सरकार के तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मंगलवार को धार्मिक व ऐतिहासिक महत्ता वाले महाराजा अज्ज सरोवर का दौरा किया। उनके साथ सैर सपाटा विभाग के अधिकारी जिनमें मुख्य इंजीनियर योगेश गुप्ता तथा नगर काउंसिल की प्रधान अंजू चंद्र, एसडीओ हरप्रीत सिंह, प्रदीप कुमार तथा मनमोहन सिंह समेत गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उन्होंने सरोवर का जायजा लेते हुए कहा कि सैर सपाटा विभाग इस धार्मिक स्थान की महत्ता को कायम रखते हुए इसे एक प्रमुख सैरगाह के तौर पर विकसित करेगा, ताकि लोगों को इस स्थान पर आकर सुकून प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि यह सरोवर मुख्य सड़क के साथ ही है और धार्मिक स्थानों पर जाने वाले श्रद्धालु यहां रुक कर आराम कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि इस सरोवर संबंधी योजना तैयार करके इसे बहुत ही खूबसूरत व आधुनिक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सरोवर में पानी लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को इस पर अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। काउंसिल को भी कहा जाएगा कि यहां गंदगी न फेंकी जाए और इसमें जो गंदा पानी गिरता है, उसे बंद करवाया जाए। इस अवसर पर नगर काउंसिल की प्रधान अंजू चंद्र ने मंत्री को आश्वासन दिया कि इस सरोवर की महत्ता को कायम रखते हुए नगर काउंसिल द्वारा भी पूरा योगदान दिया जाएगा।
भगवान श्री रामचंद्र के पूर्वजों से संबंधित है सरोवर
गौरतलब है कि महाराजा अज्ज सरोवर भगवान श्री रामचंद्र के दादा महाराजा अज्ज के नाम से संबंधित है। इस सरोवर के एक किनारे पर आज भी सौ साल पहले उस समय के अंबाला जिले के डीसी का एक पत्थर लगा हुआ है जिसमें उन्होंने आदेश दिए हैं कि इस सरोवर में किसी भी किस्म का शिकार करना मना है।
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भगवान श्री रामचंद्र के पूर्वजों से संबंधित है सरोवर
गौरतलब है कि महाराजा अज्ज सरोवर भगवान श्री रामचंद्र के दादा महाराजा अज्ज के नाम से संबंधित है। इस सरोवर के एक किनारे पर आज भी सौ साल पहले उस समय के अंबाला जिले के डीसी का एक पत्थर लगा हुआ है जिसमें उन्होंने आदेश दिए हैं कि इस सरोवर में किसी भी किस्म का शिकार करना मना है।
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