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काउंसिल के ईओ और एटीपी से विजिलेंस ने की पूछताछ
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जीरकपुर। नगर काउंसिल के ईओ और एटीपी से सोमवार को भी स्टेट विजिलेंस की टीम ने पूछताछ की। टीम बिल्डरों के प्रोजेक्ट के मामले में जानकारी एकत्रित कर रही है। मामले में टीम कुछ बिल्डरों और ठेकेदारों से भी पूछताछ कर सकती है। सत्रों के मुताबिक यह पूछताछ पूर्व स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और उनके करीबियों के दखलअंदाजी से नगर काउंसिल में पास किए जाने वाले नक्शों पर टिकी है। बता दें कि विजिलेंस एआईजी आशीष कपूर के नेतृत्व में 24 से अधिक अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को काउंसिल दफ्तर में छापामारी कर कई फाइलें कब्जे में ली थीं। तीन दिन से टीम लगातार अधिकारियों से पूछताछ में जुटी है।
काम की अनियमितताओं पर उठे सवाल
विजिलेंस टीम ने नगर काउंसिल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अलाटमेंट में की गई अनियमितताओं की पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं मंत्री के ओएसडी की भूमिका की जांच पड़ताल भी की जा रही है। पता चला है कि नगर काउंसिल के आला अधिकारियों के मोबाइल फोन से कुछ ऐसे मैसेजे विजिलेंस के हाथ लगे हैं, जो स्थानीय निकाय विभाग की ओर से किए गए थे। वहीं, जिन प्रोजेक्ट्स की फाइलें विजिलेंस ने कब्जे में ली हैं उनकी विशेषज्ञों द्वारा पड़ताल करवाई जा रही है।
काउंसिल के मनमाने तरीके से काम करने की मिली थीं शिकायतें
सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस के पास नगर काउंसिल के खिलाफ मनमाने तरीके से काम करने की शिकायतें पहुंच रहीं थीं। अधिकारी सिविल कार्यों का अलाटमेंट अपनी मनमर्जी से कर रहे थे। वहीं कुछ पार्षदों ने भी विजिलेंस के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। अब तक की जांच में यह भी पता चला है कि सिद्धू का निजी स्टाफ नगर काउंसिल, यहां तक कि स्थानीय निकाय विभाग में अधिकारियों और क्लर्कों की तैनाती में पूरा दखल रखता था। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में विजिलेंस टीम कुछ ऐसे ठेकेदारों से भी पूछताछ कर सकती है जोकि सिद्धू की पत्नी के काफी करीबी हैं।
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अधिकारी बोलने को तैयार नहीं
विजिलेंस अधिकारी इस संबंध में फिलहाल कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। एआईजी आशीष कपूर ने इतना ही कहा कि अभी मामले की जांच चल रही है।
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काम की अनियमितताओं पर उठे सवाल
विजिलेंस टीम ने नगर काउंसिल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अलाटमेंट में की गई अनियमितताओं की पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं मंत्री के ओएसडी की भूमिका की जांच पड़ताल भी की जा रही है। पता चला है कि नगर काउंसिल के आला अधिकारियों के मोबाइल फोन से कुछ ऐसे मैसेजे विजिलेंस के हाथ लगे हैं, जो स्थानीय निकाय विभाग की ओर से किए गए थे। वहीं, जिन प्रोजेक्ट्स की फाइलें विजिलेंस ने कब्जे में ली हैं उनकी विशेषज्ञों द्वारा पड़ताल करवाई जा रही है।
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काउंसिल के मनमाने तरीके से काम करने की मिली थीं शिकायतें
सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस के पास नगर काउंसिल के खिलाफ मनमाने तरीके से काम करने की शिकायतें पहुंच रहीं थीं। अधिकारी सिविल कार्यों का अलाटमेंट अपनी मनमर्जी से कर रहे थे। वहीं कुछ पार्षदों ने भी विजिलेंस के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। अब तक की जांच में यह भी पता चला है कि सिद्धू का निजी स्टाफ नगर काउंसिल, यहां तक कि स्थानीय निकाय विभाग में अधिकारियों और क्लर्कों की तैनाती में पूरा दखल रखता था। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में विजिलेंस टीम कुछ ऐसे ठेकेदारों से भी पूछताछ कर सकती है जोकि सिद्धू की पत्नी के काफी करीबी हैं।
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अधिकारी बोलने को तैयार नहीं
विजिलेंस अधिकारी इस संबंध में फिलहाल कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। एआईजी आशीष कपूर ने इतना ही कहा कि अभी मामले की जांच चल रही है।