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एनजीटी ने बंद उद्योग को नहीं मिली राहत
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:54 AM IST
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- एनजीटी ने गांव वासियों की तारीख पर ही सुना जाएगा कंपनी प्रबंधकों का पक्ष
- छह के करीब कंपनी प्रबंधकों ने पटीशन दायर कर स्टे की थी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
डेराबस्सी। प्रदूषण फैलाने के आरोप में बंद किए गए डेराबस्सी इलाके के 57 उद्योगों के प्रबंधकों को फिलहाल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से कोई राहत नहीं मिली है। बंद हुई 57 में से छह के करीब फैक्ट्री प्रबंधकों ने एनजीटी दिल्ली में पटीशन दायर कर स्टे की मांग की थी। परंतु बैंच ने उनका केस सुनने के बाद में इस केस को भी उस के साथ जोड़ते हुए गांव वासियों की अगली तारीख 13 नवंबर को ही सुनने के लिए कहा है। दूसरी ओर पावरकॉम ने सभी फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन काट दिए हैं। जबकि अभी तक उक्त उद्योगों के सीवरेज व पानी का कनेक्शन काटने की कार्रवाई देर शाम खबर लिखने तक भी जारी थी।
इलाके की नामी नेक्टर लाइफ साइंस यूनिट 2 समेत आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों के प्रबंधकों ने एनजीटी पटीशन दायर कर सभी नियमों की पालना यकीनी बनाने भरोसा देते हुए इस फैसले पर स्टे देने की मांग की थी। दूसरी ओर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन ने हलफिया ब्यान जमा करवाते हुए उक्त सारे उद्योगों को बंद करने की कार्रवाई पुरी करने का दावा किया गया है। बंद की गई इन 57 उद्योगों में फोकल प्वाइंट में स्थित 50 उद्योगों के पानी व सीवरेज कनेक्शन पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल डेवल्पमेंट कारपोरेशन (पी.ऐस.आई.डी.सी.) की तरफ से काटे जा रहे हैं। कारपोरेशन ने बीते कल वीरवार तक 24 के करीब कनेक्शन काट दिए था जबकि बाकियों के लिए कार्रवाई शाम तक जारी थी। कारपोरेशन की ओर से लगाई लेबर शुक्रवार देर शाम मोबाइल की रौशनी में काम कर रही थी, लेकिन अभी भी कई कंपनियां बाकी थी।
गांव वासियों के वकील करन जंड ने नेक्टर लाइफ साइंस यूनिट 2 सहित अन्य ओर से स्टे के लिए अपील दायर करने पुष्टि करते कहा कि एनजीटी ने उक्त कंपनी प्रबंधकों को कोई राहत नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियों बंद करने के बावजूद काम चलाने बारे पता लगा है जिस संबंधी फोटो व अन्य दस्तावेज जुटा लिए गए हैं, जिनको अगली 13 तारीख को पेश किया जाएगा।
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बंद करने के बावजूद उद्योग में हो रहा है काम
एनजीटी के आदेशों पर प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी 57 उद्योगों को बंद करवा दिया है। पर इसके बावजूद कंपनी प्रबंधक नियमों की अनदेखी करने में बाज नही आ रहे है। मिली जानकारी के अनुसार कुछ उद्योग जनरेटर के सहारे कार्य कर रहे है। इस संबंधी ग्रामीणों ने कुछ उद्योगों की फोटो पेश की है, जिसमें कंपनियों में लेबर कर्मी अंदर दिखाई दे रहे है।
कैपशन-मोबाइल की रोशनी में लेबर कंपनियों का पानी व सीवरेज का क्नेक्शन काटती हुई।
-पीएसआईडीसी की ओर से काटे गए एक फैक्ट्री के क्नेक्शन पर लगाई सील।
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- छह के करीब कंपनी प्रबंधकों ने पटीशन दायर कर स्टे की थी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
डेराबस्सी। प्रदूषण फैलाने के आरोप में बंद किए गए डेराबस्सी इलाके के 57 उद्योगों के प्रबंधकों को फिलहाल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से कोई राहत नहीं मिली है। बंद हुई 57 में से छह के करीब फैक्ट्री प्रबंधकों ने एनजीटी दिल्ली में पटीशन दायर कर स्टे की मांग की थी। परंतु बैंच ने उनका केस सुनने के बाद में इस केस को भी उस के साथ जोड़ते हुए गांव वासियों की अगली तारीख 13 नवंबर को ही सुनने के लिए कहा है। दूसरी ओर पावरकॉम ने सभी फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन काट दिए हैं। जबकि अभी तक उक्त उद्योगों के सीवरेज व पानी का कनेक्शन काटने की कार्रवाई देर शाम खबर लिखने तक भी जारी थी।
इलाके की नामी नेक्टर लाइफ साइंस यूनिट 2 समेत आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों के प्रबंधकों ने एनजीटी पटीशन दायर कर सभी नियमों की पालना यकीनी बनाने भरोसा देते हुए इस फैसले पर स्टे देने की मांग की थी। दूसरी ओर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन ने हलफिया ब्यान जमा करवाते हुए उक्त सारे उद्योगों को बंद करने की कार्रवाई पुरी करने का दावा किया गया है। बंद की गई इन 57 उद्योगों में फोकल प्वाइंट में स्थित 50 उद्योगों के पानी व सीवरेज कनेक्शन पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल डेवल्पमेंट कारपोरेशन (पी.ऐस.आई.डी.सी.) की तरफ से काटे जा रहे हैं। कारपोरेशन ने बीते कल वीरवार तक 24 के करीब कनेक्शन काट दिए था जबकि बाकियों के लिए कार्रवाई शाम तक जारी थी। कारपोरेशन की ओर से लगाई लेबर शुक्रवार देर शाम मोबाइल की रौशनी में काम कर रही थी, लेकिन अभी भी कई कंपनियां बाकी थी।
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गांव वासियों के वकील करन जंड ने नेक्टर लाइफ साइंस यूनिट 2 सहित अन्य ओर से स्टे के लिए अपील दायर करने पुष्टि करते कहा कि एनजीटी ने उक्त कंपनी प्रबंधकों को कोई राहत नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियों बंद करने के बावजूद काम चलाने बारे पता लगा है जिस संबंधी फोटो व अन्य दस्तावेज जुटा लिए गए हैं, जिनको अगली 13 तारीख को पेश किया जाएगा।
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बंद करने के बावजूद उद्योग में हो रहा है काम
एनजीटी के आदेशों पर प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी 57 उद्योगों को बंद करवा दिया है। पर इसके बावजूद कंपनी प्रबंधक नियमों की अनदेखी करने में बाज नही आ रहे है। मिली जानकारी के अनुसार कुछ उद्योग जनरेटर के सहारे कार्य कर रहे है। इस संबंधी ग्रामीणों ने कुछ उद्योगों की फोटो पेश की है, जिसमें कंपनियों में लेबर कर्मी अंदर दिखाई दे रहे है।
कैपशन-मोबाइल की रोशनी में लेबर कंपनियों का पानी व सीवरेज का क्नेक्शन काटती हुई।
-पीएसआईडीसी की ओर से काटे गए एक फैक्ट्री के क्नेक्शन पर लगाई सील।