{"_id":"5a9da5144f1c1bbd218b66d3","slug":"141520280852-mohali-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलआईजी मकानों के कब्जाधारक उतरे सड़कों पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एलआईजी मकानों के कब्जाधारक उतरे सड़कों पर
Updated Tue, 06 Mar 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एलआईजी मकानों के कब्जाधारक उतरे सड़कों पर, नेता बोले कोर्ट से मिली स्टे
फेज-11 एलआईजी मकानों को खाली करने के लिए गमाडा द्वारा भेजे गए नोटिस का मामला
लोगों ने जलाया सरकार का पुतला, बोले जान चली जाए लेकिन मकान नहीं छोड़ेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
गमाडा द्वारा फेज-11 के एलआईजी मकानों में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को मकान खाली करने के लिए दिया 48 घंटेे का अल्टीमेटम सोमवार को खत्म हो गया। इस दौरान लोग एकजुट हो गए और अकाली दल के नेता भी फेज-11 पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने सरकार का पुतला जलाया और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके अकाली दल के नेताओं ने बताया कि इस मामले में स्टे मिल गई है। दूसरी तरफ मकानों में रह रहे लोगों का कहना है कि अगर गमाडा ने उनके मकान खाली करवाने की कोशिश की तो लोग आत्मदाह करेंगे।
सोमवार को इलाके के लोग फेज-11 स्थित थाने के सामने पार्क में इकट्ठे हो गए। उनके साथ शहर में विभिन्न वार्डों के अकाली पार्षद व स्त्री अकाली दल के नेता भी थे। लोगों का कहना था कि वह करीब 35 वर्षों से उक्त मकानों में रहे हैं, लेकिन अब गमाडा उन्हें मकान खाली करने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है। उनका कहना था कि एक तरफ गमाडा ने उन्हें घरों के बदले बूथों की स्कीम दी है। दूसरी तरफ जिन मकानों में लोग रहे हैं, उसकी कीमत वह देने को तैयार हैं। ऐसे में गमाडा और सरकार उनके साथ धक्का क्यों कर रही है। लोगों का कहना है कि वह विदेश से नहीं आए हैं। बल्कि वह भी दंगा पीड़ित हैं। जब लोगों के कार्ड बन रहे थे तो वह उस समय किन्हीं कारणों से नहीं बनवा पाए थे। इसका मतलब यह नहीं है कि वह दंगा पीड़ित नहीं हैं।
विज्ञापन
फेज-11 एलआईजी मकानों को खाली करने के लिए गमाडा द्वारा भेजे गए नोटिस का मामला
लोगों ने जलाया सरकार का पुतला, बोले जान चली जाए लेकिन मकान नहीं छोड़ेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
गमाडा द्वारा फेज-11 के एलआईजी मकानों में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को मकान खाली करने के लिए दिया 48 घंटेे का अल्टीमेटम सोमवार को खत्म हो गया। इस दौरान लोग एकजुट हो गए और अकाली दल के नेता भी फेज-11 पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने सरकार का पुतला जलाया और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके अकाली दल के नेताओं ने बताया कि इस मामले में स्टे मिल गई है। दूसरी तरफ मकानों में रह रहे लोगों का कहना है कि अगर गमाडा ने उनके मकान खाली करवाने की कोशिश की तो लोग आत्मदाह करेंगे।
सोमवार को इलाके के लोग फेज-11 स्थित थाने के सामने पार्क में इकट्ठे हो गए। उनके साथ शहर में विभिन्न वार्डों के अकाली पार्षद व स्त्री अकाली दल के नेता भी थे। लोगों का कहना था कि वह करीब 35 वर्षों से उक्त मकानों में रहे हैं, लेकिन अब गमाडा उन्हें मकान खाली करने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है। उनका कहना था कि एक तरफ गमाडा ने उन्हें घरों के बदले बूथों की स्कीम दी है। दूसरी तरफ जिन मकानों में लोग रहे हैं, उसकी कीमत वह देने को तैयार हैं। ऐसे में गमाडा और सरकार उनके साथ धक्का क्यों कर रही है। लोगों का कहना है कि वह विदेश से नहीं आए हैं। बल्कि वह भी दंगा पीड़ित हैं। जब लोगों के कार्ड बन रहे थे तो वह उस समय किन्हीं कारणों से नहीं बनवा पाए थे। इसका मतलब यह नहीं है कि वह दंगा पीड़ित नहीं हैं।
विज्ञापन