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अहम खबर : फैक्टरी के सीवरेज से निकली जहरीली गैस से 2 कर्मचारियों की हुई मौत, एक की हालत बनी नाजुक
Updated Fri, 02 Nov 2018 01:53 AM IST
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- हिंदुस्तान इलैक्ट्राड फैक्टरी में सीवरेज की सफाई करने के लिए ढक्कन खोलने के दौरान निकली गैस
- एक की हालत बनी नाजुक, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू की
हरजीत सिंह
डेराबस्सी। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर स्थित गांव जनेतपुर में हिंदुस्तान इलैक्ट्राड नामक कंपनी में वीरवार को सीवरेज का ढक्कन खोलने से उसके अंदर से निकली जहरीली गैस की चपेट में आ जाने से 2 कर्मचारियों की मौत हो गई। जबकि एक अन्य कर्मचारी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया, जिसकी हालत अस्पताल में नाजुक बनी हुई है। मृतकों की पहचान मुन्ना प्रसाद (48) हालवासी ईस्सापुर, डेराबस्सी (मूलरूप से बिहार), गुरदयाल सिंह हालवासी डेराबस्सी (मूलरूप से यमुनानगर, हरियाणा) के रूप में हुई है। जबकि अस्पताल में गंभीर रूप से दाखिल की पहचान रणजीत सिंह (55) के रूप में हुई है।
मामले की जानकारी देते हुए एएसआई नरिंदर कुमार ने बताया कि उक्त कंपनी की सीवरेज लाइन अचानक जाम हो गई, जिसकी सप्लाई को सुचारू करने के लिए प्रबंधकों ने मुन्ना को इसकी सफाई करने के लिए कहा। वीरवार सुबह करीब 11 बजे मुन्ना ने इसकी सफाई करने के लिए ढक्कन खोला तो उसके अंदर निकली गैस ने उसे अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद मुन्ना और उसके पास काम कर रहे गुरदयाल और रणजीत भी बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।
दूसरी ओर आसपास मौजूद काम कर रहे अन्य कर्मचारियों के अनुसार, रणजीत सीवरेज ढक्कन से बहुत दूर था, बावजूद इसके वह इसकी चपेट में आ गया। जबकि मुन्ना के बेहोश होने के बाद गुरदयाल ने भागने की कोशिश की, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आकर वहीं गिर गया। उन्होंने बताया कि तीनों को बेहोशी हालत में डेराबस्सी सिविल अस्पताल ले गए, जिनमें से मुन्ना प्रसाद और गुरदयाल को तो डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि रणजीत को हालत को देख उसे चंडीगढ़ के पीजीआई रैफर कर दिया।
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एएसआई नरिंदर कुमार ने बताया कि कंपनी में बिजली का सामान तैयार किया जाता है और मौके पर 30 से 35 कर्मचारी काम कर रहे थे। वहीं, उक्त लोगों द्वारा ढक्कन अभी खोला गया था, पर सीवरेज काफी समय से बंद रहने के कारण अंदर जहरीली गैस का रूप धारण कर गया, जिसके खुलते ही गैस ने आसपास मौजूद तीनों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। दूसरी ओर, कंपनी प्रबंधकों द्वारा सीवरेज की सफाई के लिए माहिर लोगों को न बुलाकर अपने कर्मचारियों को यह काम देना सवालों के घेरे में आ गया है। मौके पर मौजूद दबी जुबान में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मालिकों को सीवरेज की सफाई के लिए माहिर लोगों को बुलाने चाहिए थे, पर उनके द्वारा अपने कर्मचारियों यह काम देकर उनकी जान से खिलवाड़ किया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
थाना प्रभारी महिंदर सिंह ने कहा कि मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर परिवार को सूचित कर दिया है, जिनके आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। जांच अभी जारी है, जिसके अंदर अगर मालिक की गलती सामने आई तो उसके खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर मामले को लेकर जब कंपनी के मालिक से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
मालिक की लापरवाही से हुआ था हादसा
कंपनी के लंबे समय से बंद पड़े सीवरेज की सफाई कर्मचारियों से करवाने में मालिक द्वारा बरती गई लापरवाही के कारण जानी नुकसान और बढ़ सकता है। क्योंकि मौके पर 35 के करीब कर्मचारी कंपनी में काम कर रहे थे, जिनमें से तीन कर्मचारी बेहोश होने के बाद बाकियों में अफरा तफरी मच गई। मौके पर यदि अन्य कर्मचारियों सीवरेज के करीब चले जाते तो वह भी गैस की चपेट में आ सकते थे तो एक बड़ा नुकसान हो सकता था। हादसे के बाद कंपनी के अन्य कर्मचारियों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
हिंदुस्तान इलैक्ट्राड कंपनी का बाहरी दृश्य।
- एक की हालत बनी नाजुक, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू की
हरजीत सिंह
डेराबस्सी। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर स्थित गांव जनेतपुर में हिंदुस्तान इलैक्ट्राड नामक कंपनी में वीरवार को सीवरेज का ढक्कन खोलने से उसके अंदर से निकली जहरीली गैस की चपेट में आ जाने से 2 कर्मचारियों की मौत हो गई। जबकि एक अन्य कर्मचारी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया, जिसकी हालत अस्पताल में नाजुक बनी हुई है। मृतकों की पहचान मुन्ना प्रसाद (48) हालवासी ईस्सापुर, डेराबस्सी (मूलरूप से बिहार), गुरदयाल सिंह हालवासी डेराबस्सी (मूलरूप से यमुनानगर, हरियाणा) के रूप में हुई है। जबकि अस्पताल में गंभीर रूप से दाखिल की पहचान रणजीत सिंह (55) के रूप में हुई है।
मामले की जानकारी देते हुए एएसआई नरिंदर कुमार ने बताया कि उक्त कंपनी की सीवरेज लाइन अचानक जाम हो गई, जिसकी सप्लाई को सुचारू करने के लिए प्रबंधकों ने मुन्ना को इसकी सफाई करने के लिए कहा। वीरवार सुबह करीब 11 बजे मुन्ना ने इसकी सफाई करने के लिए ढक्कन खोला तो उसके अंदर निकली गैस ने उसे अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद मुन्ना और उसके पास काम कर रहे गुरदयाल और रणजीत भी बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।
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दूसरी ओर आसपास मौजूद काम कर रहे अन्य कर्मचारियों के अनुसार, रणजीत सीवरेज ढक्कन से बहुत दूर था, बावजूद इसके वह इसकी चपेट में आ गया। जबकि मुन्ना के बेहोश होने के बाद गुरदयाल ने भागने की कोशिश की, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आकर वहीं गिर गया। उन्होंने बताया कि तीनों को बेहोशी हालत में डेराबस्सी सिविल अस्पताल ले गए, जिनमें से मुन्ना प्रसाद और गुरदयाल को तो डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि रणजीत को हालत को देख उसे चंडीगढ़ के पीजीआई रैफर कर दिया।
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एएसआई नरिंदर कुमार ने बताया कि कंपनी में बिजली का सामान तैयार किया जाता है और मौके पर 30 से 35 कर्मचारी काम कर रहे थे। वहीं, उक्त लोगों द्वारा ढक्कन अभी खोला गया था, पर सीवरेज काफी समय से बंद रहने के कारण अंदर जहरीली गैस का रूप धारण कर गया, जिसके खुलते ही गैस ने आसपास मौजूद तीनों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। दूसरी ओर, कंपनी प्रबंधकों द्वारा सीवरेज की सफाई के लिए माहिर लोगों को न बुलाकर अपने कर्मचारियों को यह काम देना सवालों के घेरे में आ गया है। मौके पर मौजूद दबी जुबान में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मालिकों को सीवरेज की सफाई के लिए माहिर लोगों को बुलाने चाहिए थे, पर उनके द्वारा अपने कर्मचारियों यह काम देकर उनकी जान से खिलवाड़ किया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
थाना प्रभारी महिंदर सिंह ने कहा कि मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर परिवार को सूचित कर दिया है, जिनके आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। जांच अभी जारी है, जिसके अंदर अगर मालिक की गलती सामने आई तो उसके खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर मामले को लेकर जब कंपनी के मालिक से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
मालिक की लापरवाही से हुआ था हादसा
कंपनी के लंबे समय से बंद पड़े सीवरेज की सफाई कर्मचारियों से करवाने में मालिक द्वारा बरती गई लापरवाही के कारण जानी नुकसान और बढ़ सकता है। क्योंकि मौके पर 35 के करीब कर्मचारी कंपनी में काम कर रहे थे, जिनमें से तीन कर्मचारी बेहोश होने के बाद बाकियों में अफरा तफरी मच गई। मौके पर यदि अन्य कर्मचारियों सीवरेज के करीब चले जाते तो वह भी गैस की चपेट में आ सकते थे तो एक बड़ा नुकसान हो सकता था। हादसे के बाद कंपनी के अन्य कर्मचारियों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
हिंदुस्तान इलैक्ट्राड कंपनी का बाहरी दृश्य।