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जीरकपुर नगर काउंसिल इंप्लायज यूनियन ने अधिकारियों खिलाफ जताया विरोध प्रदर्शन..
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यूनियन कर्मचारियों ने अधिकारियों के खिलाफ किया प्रदर्शन
- मानी गई मांगों को पूरा न करने का लगाया आरोप
- काटा गया वेतन नहीं देने पर संघर्ष तेज करने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। नगर काउंसिल इंपलाइज यूनियन (एटक) जीरकपुर ने मंगलवार को काउंसिल अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बीते दिनों हुई बैठक के दौरान उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, परंतु मांगें पूरी नहीं कीं।
नगर काउंसिल यूनियन अध्यक्ष रविंदरपाल सिंह ने बताया कि वर्ष 2000 में काउंसिल अधिकारियों ने यह कहकर काम पर रखा था कि उनको आने वाले समय में पक्का कर दिया जाएगा। जैसे-जैसे सरकारें बदलती गईं वैसे-वैसे अधिकारी अपने वादों से मुकरते गए। कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। ईपीएफ, ईएसआई और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। कर्मचारियों के वेतन में कई तरह की त्रुटियां हैं। बीते जनवरी में यूनियन के सदस्यों ने मांगों को लेकर दो दिन तक काम छोड़कर हड़ताल की, जिसका नतीजा यह हुआ कि अधिकारियों ने उक्त दो दिन का वेतन काट लिया। मंगलवार को यूनियन सदस्यों ने अधिकारियों की कारगुजारी के खिलाफ प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि कर्मचारियों का काटा गया वेतन वापस नहीं किया तो आने वाले दिनों में संघर्ष तेज किया जाएगा।
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- मानी गई मांगों को पूरा न करने का लगाया आरोप
- काटा गया वेतन नहीं देने पर संघर्ष तेज करने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। नगर काउंसिल इंपलाइज यूनियन (एटक) जीरकपुर ने मंगलवार को काउंसिल अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बीते दिनों हुई बैठक के दौरान उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, परंतु मांगें पूरी नहीं कीं।
नगर काउंसिल यूनियन अध्यक्ष रविंदरपाल सिंह ने बताया कि वर्ष 2000 में काउंसिल अधिकारियों ने यह कहकर काम पर रखा था कि उनको आने वाले समय में पक्का कर दिया जाएगा। जैसे-जैसे सरकारें बदलती गईं वैसे-वैसे अधिकारी अपने वादों से मुकरते गए। कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। ईपीएफ, ईएसआई और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। कर्मचारियों के वेतन में कई तरह की त्रुटियां हैं। बीते जनवरी में यूनियन के सदस्यों ने मांगों को लेकर दो दिन तक काम छोड़कर हड़ताल की, जिसका नतीजा यह हुआ कि अधिकारियों ने उक्त दो दिन का वेतन काट लिया। मंगलवार को यूनियन सदस्यों ने अधिकारियों की कारगुजारी के खिलाफ प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि कर्मचारियों का काटा गया वेतन वापस नहीं किया तो आने वाले दिनों में संघर्ष तेज किया जाएगा।
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