Punjab: अब मोगा पुलिस को मिला गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का ट्रांजिट रिमांड, मलोट अदालत में हुई पेशी
20 अक्तूबर 2020 को मलोट के निकट गांव औलख में मुक्तसर निवासी रणजीत सिंह राणा का कुछ लोगों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाकर मर्डर कर दिया था। इस केस में 21 जुलाई को पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को थाना सदर मलोट की अदालत में पेश कर सात दिन का रिमांड लिया था।
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रणजीत सिंह राणा हत्याकांड में मलोट थाना सदर पुलिस द्वारा गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का दोबारा लिया गया चार दिन का रिमांड पूरा होने पर सोमवार सुबह उसे मलोट अदालत में पेश किया गया। वहां से मोगा पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई को ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया है।
मोगा पुलिस ने लिया लॉरेंस बिश्नोई का दस दिन का रिमांड
मोगा के डिप्टी मेयर अशोक धमीजा के भाई सुनील धमीजा पर जानलेवा हमला कराने के आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को मोगा पुलिस मलोट से प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। मेडिकल कराने के बाद लॉरेंस को मुख्य न्यायिक अधिकारी प्रीत सुखीजा की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 10 दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया है। रिमांड मिलने के बाद पुलिस उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में अपने साथ लेकर रवाना हो गई।
एक दिसंबर 2021 को बेदीनगर निवासी सुनील कुमार उर्फ सोनू धमीजा अपने बेटे प्रथम धमीजा सहित नानक नगरी स्थित फाइनेंस कंपनी से बाइक से घर आ रहे थे। इस दौरान दो युवकों ने उन पर गोलियां चला दी। इस दौरान एक गोली प्रथम की टांग पर लगी। सुनील कुमार ने बाइक सवारों को पकड़ने की कोशिश की थी तो हमलावरों ने उसके सिर पर पिस्तौल की बट मारकर उसे भी घायल कर दिया था। इस घटना दौरान कुछ लोगों ने हमलावरों में से एक लॉरेंस बिश्नोई गैंग के ही मोनू डांगर नामक गैंगस्टर को धर लिया था, जबकि दूसरा साथी मौके से फरार हो गया था। मोनू डांगर ने पुलिस के समक्ष कबूला था कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के कहने पर उसने ऐसा किया था। एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने लॉरेंस बिश्नोई के दस दिन रिमांड मिलने की पुष्टि की है।