Ukraine Crisis: लाखों खर्च कर बच्चों को भेजा था यूक्रेन, अब जान की सलामती मांग रहे परिवार
खेमकरण के गांव राजोके निवासी जसवंत सिंह ने बताया कि उसके भाई लखविंदर सिंह की सात वर्ष पहले मौत हो गई थी। लखविंदर सिंह का 21 वर्षीय बेटा बेअंत सिंह 11 अप्रैल 2021 को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गया था।
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यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद उन परिवारों की नींद उड़ी हुई है, जिनके परिजन यूक्रेन गए हैं। बच्चों को यूक्रेन भेजने के लिए परिजनों ने लाखों का कर्ज लिया था। कस्बा खालड़ा के गांव डल्ल निवासी किसान बोहड़ सिंह के 20 वर्षीय बेटे सरबजीत सिंह का परिवार उनके सकुशल लौटने की उम्मीद कर रहा है। 15 सितंबर 2021 को एमबीबीएस की पढ़ाई करने लिए सरबजीत सिंह को यूक्रेन भेजने वाली उसकी मां अमरजीत कौर दिन-रात चिंतित हैं। सरबजीत सिंह को साढ़े चार लाख का कर्ज लेकर यूक्रेन भेजा था।
खेमकरण के गांव राजोके निवासी जसवंत सिंह ने बताया कि उसके भाई लखविंदर सिंह की सात वर्ष पहले मौत हो गई थी। लखविंदर सिंह का 21 वर्षीय बेटा बेअंत सिंह 11 अप्रैल 2021 को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गया था। रूस के हमले के बाद बेअंत सिंह की मां रणजीत कौर, भाई गुरजंट सिंह व बहन कंवलजीत कौर परेशान हैं। मां रणजीत कौर ने बताया कि रूस की फौज ने जब यूक्रेन में हमला किया तो बेअंत ने फोन करके हालात की जानकारी दी थी। परंतु हालात इतने खराब हो जाएंगे इसकी जानकारी नहीं थी। दोपहर दो बजे बेअंत ने मां को फोन कर बताया कि वह पोलैंड सीमा की ओर जा रहा है, लेकिन कोई वाहन नहीं मिल रहा है।
फोन स्विच ऑफ होते ही बढ़ी चिंता
गांव कलसियां निवासी मनप्रीत सिंह (19) 28 जुलाई 2021 को पढ़ाई के लिए यूक्रेन गया था। मनप्रीत सिंह के पिता हरपाल सिंह की चार वर्ष पहले मौत हो चुकी है। मां बलजिंदर कौर ने साढ़े छह लाख का कर्ज लेकर बेटे को यह सोचकर यूक्रेन भेजा कि परिवार की आर्थिक हालत सुधर जाएगी। मनप्रीत के भाई अर्शप्रीत सिंह ने बताया कि मनप्रीत बार-बार यही कहता रहा कि हालात सुधर जाएंगे। गुरुवार सुबह मनप्रीत ने फोन करके बताया कि कीव शहर पर रूस की सेना ने हमला कर दिया है। इसके बाद वह फ्लैट छोड़कर अपने अन्य साथियों समेत लवीव शहर के लिए रवाना हो गया है। अर्शप्रीत ने बताया कि शाम पांच बजे के बाद मनप्रीत सिंह का फोन स्विच ऑफ हो गया है, जिससे चिंता बढ़ गई है।
जिला प्रशासन ने जारी किया हेल्प लाइन नंबर
यूक्रेन में फंसे युवाओं से संपर्क बनाकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। डीसी कुलवंत सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से परिवारों के साथ संपर्क साधने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इस संबंधी हेल्पलाइन नंबर 97793-56810 जारी किया गया है। जिस पर संबंधित परिवार यूक्रेन में फंसे नागरिक का नाम, पिता का नाम, पासपोर्ट नंबर, कॉलेज व यूनिवर्सिटी का नाम, यूक्रेन स्थित रिहायश का पता सांझा कर सकते हैं।
तरनतारन जिले के कुल 14 युवकों की अभी तक पुष्टि
एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के बाद तरनतारन जिले से संबंधित अभी तक 14 युवाओं की पुष्टि हुई है, जो यूक्रेन गए थे। राज्य सरकार द्वारा पंजाब के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 जारी किया गया है। तरनतारन जिले के लिए टोल फ्री नंबर 7800118797 व जिला पुलिस के कंट्रोल रूम नंबर 8725021100 पर भी संपर्क किया जा सकता है। एसएसपी ने बताया कि जिन परिजनों ने अपने बच्चों के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी दी है, उनकी बकायदा संबंधित थानों में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।