हलवारा। घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच मनरेगा की जगह लागू किए गए नए कानून के विरोध में शनिवार को रायकोट क्षेत्र के कई गांवों में मजदूर वर्ग सड़कों पर उतरा। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू) से संबद्ध एमजीएनआरईजीए मजदूर यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने लगातार पांचवें दिन प्रदर्शन करते हुए केंद्र की मोदी सरकार के पुतले और नए कानून की प्रतियां जलाईं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक भी शामिल रहे।
कलसियां, भैणी दरेडां और आंडलू गांवों में हुई सभाओं को संबोधित करते हुए पंजाब सीआईटीयू के उपाध्यक्ष कामरेड दलजीत कुमार गोरा ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से मजदूर वर्ग पर दोहरी मार पड़ रही है। पहले ही दो वक्त की रोटी के लिए जूझ रहे गरीब मजदूर अब अपने परिवार के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता में हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर भी नए कानून को रद्द करने के लिए प्रस्ताव न लाने का आरोप लगाया। कामरेड गोरा ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत मजदूरों से 12 घंटे काम लेने का रास्ता खोल दिया गया है, जिससे कारपोरेट को फायदा पहुंचाया जा रहा है। एमजीएनआरईजीए श्रमिक संगठन के राज्य उपाध्यक्ष प्रकाश सिंह बुरमी ने बताया कि 10 जनवरी को रायकोट में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों मजदूर परिवार भाग लेंगे। प्रदर्शन में श्रमिक नेताओं अजीत सिंह, गुरचरण सिंह, पंच मुख्तियार सिंह, लंबरदार चमकौर सिंह सहित बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे। संवाद