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चिंगारी से हो रहे किसानों के सपने खाक
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा
Updated Sun, 17 Apr 2016 10:18 PM IST
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आग से जलकर राख हो गई गेहूं की फसल।
- फोटो : file photo
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किसानों के कंबाइन से निकली चिंगारी से भड़की आग से खाक होकर रह गए हैं। बीते एक हफ्ते के दौरान जिले के कई किसानों की पचास एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई हैं। विभागीय अधिकारी कागजों में भले ही किसानों को जागरूक कर रहे हों, लेकिन असल में दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं।
गेहूं कटाई के दौरान जरा सी चूक या फिर पककर तैयार फसल के पास बिजली की तारों की स्पार्किंग किसानों की खुशियों पर भारी पड़ रही हैं। हररोज किसानों की मेहनत की कमाई गेहूं के खेत में आग लगने से सैकड़ों एकड़ फसल आग में स्वाहा हो रही है। बीते समय में कुछ स्थानों पर गेहूं की कटाई के बाद बची कुची पराली को आग लगाना भी आसपास के किसानों की फसल को आग लगने की वजह बना है। यदि किसान अब भी जागरूक नहीं हुए तो उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
लिहाजा सरकार ने खेतीबाड़ी विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को आग से फसल को बचाने के उपाय करें। उन्हें जागरूक किया जाए। जिला कृषि अफसर डॉ. गुरादिंत्ता सिंह ने बताया कि खेतीबाड़ी विभाग की ओर से किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है, उनके अनुसार शनिवार को भी गांव कोटली समेत अन्य जगहों पर विशेष कैंप लगाए गए।
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इसमें किसानों को कपास की बुआई की जानकारी व पराली को आग न लगाने के बारे में प्रेरित किया गया है। डीसी वरिंदर कुमार शर्मा ने भी आग से बचाव के बारे में कई तरह की हिदायतें जारी की हैं। इसके बावजूद हाल में आग से फसल जलने की कई घटनाएं घटी हैं। एक हफ्ते में जिले में कई किसानों की करीब पचास एकड़ फसल जलकर तबाह हो गई।
डॉ. गुरादिंत्ता सिंह ने कहा कि किसान खेत में गेहूं काटने के बाद उसे खाली करने के लिए आग लगाने से बचें। हार्वेस्टर कंबाइन से दिन के समय ही गेहूं कटाई करे। हार्वेस्ट कंबाइन से निकलने वाली चिंगारी की निगरानी रखें। बिजली के खंभों, तारों से टकराने, ट्रांसफार्मर, जीओ स्विच के पास बिजली की तारों के नीचे काटी गई गेहूं की फसल को जमा न रखें।
फसल काटने से पहले ट्रांसफार्मर, जीओ स्विच क्षेत्र के आसपास से फसल काटें। किसी पावर लाइन में यदि कोई चिंगारी देखी जाती है तो तत्काल जेई फायर ब्रिगेड व पावरकॉम को सूचित करें। ट्रांसफार्मर के चारों ओर खेत को गीला रखें।
एक सप्ताह में इन किसानों को हुआ नुकसान
11 अप्रैल : सरदूलगढ़ के किसान लीला सिंह की पांच एकड़
12 अप्रैल : गांव टाहलियां में नामदेव सिंह की 1 एकड़
13 अप्रैल : गांव मूला सिंह वाला में जोगिंदर सिंह की ढाई एकड़
और सेवक सिंह की ढाई एकड़
15 अप्रैल : गांव रल्ला में लखवीर सिंह की डेढ़ एकड़, देशराज 5 एकड़, बिक्कर सिंह ढाई एकड़, हरबंस सिंह साढ़े 6 एकड़, अमृत दानेवालिया 5 एकड़, वेद प्रकाश साढ़े 3 एकड़,
16 अप्रैल : गांव फूसमंडी में ध्यान सिंह की 4 एकड़ गेहूं व 4 एकड़ नाड़, अमरजीत कौर की 3 एकड़ गेहूं, बलविंदर सिंह की एक एकड़ गेहूं व 4 एकड़ नाड़
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गेहूं कटाई के दौरान जरा सी चूक या फिर पककर तैयार फसल के पास बिजली की तारों की स्पार्किंग किसानों की खुशियों पर भारी पड़ रही हैं। हररोज किसानों की मेहनत की कमाई गेहूं के खेत में आग लगने से सैकड़ों एकड़ फसल आग में स्वाहा हो रही है। बीते समय में कुछ स्थानों पर गेहूं की कटाई के बाद बची कुची पराली को आग लगाना भी आसपास के किसानों की फसल को आग लगने की वजह बना है। यदि किसान अब भी जागरूक नहीं हुए तो उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
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लिहाजा सरकार ने खेतीबाड़ी विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को आग से फसल को बचाने के उपाय करें। उन्हें जागरूक किया जाए। जिला कृषि अफसर डॉ. गुरादिंत्ता सिंह ने बताया कि खेतीबाड़ी विभाग की ओर से किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है, उनके अनुसार शनिवार को भी गांव कोटली समेत अन्य जगहों पर विशेष कैंप लगाए गए।
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इसमें किसानों को कपास की बुआई की जानकारी व पराली को आग न लगाने के बारे में प्रेरित किया गया है। डीसी वरिंदर कुमार शर्मा ने भी आग से बचाव के बारे में कई तरह की हिदायतें जारी की हैं। इसके बावजूद हाल में आग से फसल जलने की कई घटनाएं घटी हैं। एक हफ्ते में जिले में कई किसानों की करीब पचास एकड़ फसल जलकर तबाह हो गई।
डॉ. गुरादिंत्ता सिंह ने कहा कि किसान खेत में गेहूं काटने के बाद उसे खाली करने के लिए आग लगाने से बचें। हार्वेस्टर कंबाइन से दिन के समय ही गेहूं कटाई करे। हार्वेस्ट कंबाइन से निकलने वाली चिंगारी की निगरानी रखें। बिजली के खंभों, तारों से टकराने, ट्रांसफार्मर, जीओ स्विच के पास बिजली की तारों के नीचे काटी गई गेहूं की फसल को जमा न रखें।
फसल काटने से पहले ट्रांसफार्मर, जीओ स्विच क्षेत्र के आसपास से फसल काटें। किसी पावर लाइन में यदि कोई चिंगारी देखी जाती है तो तत्काल जेई फायर ब्रिगेड व पावरकॉम को सूचित करें। ट्रांसफार्मर के चारों ओर खेत को गीला रखें।
एक सप्ताह में इन किसानों को हुआ नुकसान
11 अप्रैल : सरदूलगढ़ के किसान लीला सिंह की पांच एकड़
12 अप्रैल : गांव टाहलियां में नामदेव सिंह की 1 एकड़
13 अप्रैल : गांव मूला सिंह वाला में जोगिंदर सिंह की ढाई एकड़
और सेवक सिंह की ढाई एकड़
15 अप्रैल : गांव रल्ला में लखवीर सिंह की डेढ़ एकड़, देशराज 5 एकड़, बिक्कर सिंह ढाई एकड़, हरबंस सिंह साढ़े 6 एकड़, अमृत दानेवालिया 5 एकड़, वेद प्रकाश साढ़े 3 एकड़,
16 अप्रैल : गांव फूसमंडी में ध्यान सिंह की 4 एकड़ गेहूं व 4 एकड़ नाड़, अमरजीत कौर की 3 एकड़ गेहूं, बलविंदर सिंह की एक एकड़ गेहूं व 4 एकड़ नाड़