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केंद्रीय मंत्री वैष्णव नववर्ष पर अमृतसर को देंगे इलेक्ट्रॉनिक उद्योग व शिक्षा का तोहफा: श्वेत मलिक
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अमृतसर। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्वनी वैष्णव नववर्ष के अवसर पर अमृतसर को इलेक्ट्रॉनिक उद्योग और तकनीकी शिक्षा का तोहफा देने जा रहे हैं। इस बाबत, पूर्व सांसद और पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष इंजीनियर श्वेत मलिक ने दिल्ली में मंत्री से मुलाकात की और अमृतसर में स्थापित होने वाले आईटी पार्क का शुभारंभ करने का आग्रह किया। मंत्री ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए विश्वास दिलाया कि यह परियोजना नववर्ष में अमृतसर वासियों को समर्पित की जाएगी। श्वेत मलिक के प्रयासों से मोदी सरकार ने अमृतसर में 20 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सॉफ्टवेयर पार्क स्थापित करने की घोषणा की थी। इस परियोजना का शिलान्यास 7 नवंबर 2016 को पूर्व केंद्रीय आईटी मंत्री रवि शंकर प्रसाद द्वारा किया गया था। इसके लिए 2.72 एकड़ जमीन वेरका वल्ला में विकसित की गई है और भवन निर्माण पूरा हो चुका है।
मलिक ने बताया कि यह योजना अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, जालंधर और तरनतारन जैसे बॉर्डर क्षेत्रों को उत्तर भारत का आईटी हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और कंप्यूटिंग उत्पादों का उत्पादन होगा, जिनमें स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्टवॉच, टीवी, एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और अन्य घरेलू उपकरण शामिल हैं। मलिक ने कहा कि उनका सपना अमृतसर को उत्तर भारत का इलेक्ट्रॉनिक और आईटी हब बनाना है, जिससे स्थानीय तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा और उद्योगपतियों के लिए स्वर्णिम भविष्य के द्वार खुलेंगे। भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा उद्योगपतियों को तकनीकी शिक्षा, वित्तीय सहायता और उत्पादों की बिक्री के लिए आवश्यक समर्थन भी प्रदान किया जाएगा।
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मलिक ने बताया कि यह योजना अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, जालंधर और तरनतारन जैसे बॉर्डर क्षेत्रों को उत्तर भारत का आईटी हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और कंप्यूटिंग उत्पादों का उत्पादन होगा, जिनमें स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्टवॉच, टीवी, एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और अन्य घरेलू उपकरण शामिल हैं। मलिक ने कहा कि उनका सपना अमृतसर को उत्तर भारत का इलेक्ट्रॉनिक और आईटी हब बनाना है, जिससे स्थानीय तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा और उद्योगपतियों के लिए स्वर्णिम भविष्य के द्वार खुलेंगे। भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा उद्योगपतियों को तकनीकी शिक्षा, वित्तीय सहायता और उत्पादों की बिक्री के लिए आवश्यक समर्थन भी प्रदान किया जाएगा।
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