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ट्रैक एशिया कप में दम दिखाएंगे लुधियाना के साहिल
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Sun, 04 Sep 2016 09:54 PM IST
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लुधियाना के साइक्लिंग खिलाड़ी साहिल शर्मा एशिया कप के लिए क्वालीफाई करने पर खुशी का इजहार करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
लुधियाना के साइकिलिंग खिलाड़ी साहिल शर्मा ने नई दिल्ली में ट्रैक एशिया कप के लिए आयोजित ट्रायल में बेहतरीन प्रदर्शन कर एशिया कप के लिए क्वालीफाई किया है। यह प्रतियोगिता नई दिल्ली के आईजी स्टेडियम में 14 से 16 सितंबर को करवाई जाएगी। दस साल बाद लुधियाना का साइकिलिस्ट एशिया कप के लिए चुना गया है।
महाराजा नगर का रहने वाला 18 साल का साहिल नेशनल लेवल पर भी नए रिकार्ड कायम कर चुका है। साहिल ने इसका श्रेय कोच सतविंदर सिंह विक्की और अपने पिता राकेश शर्मा को दिया है। विक्की ने बताया कि एशियन कप के लिए दिल्ली के आईजी स्टेडियम में ट्रायल करवाए गए थे।
इसमें लुधियाना से चार खिलाड़ी हर्षित, हरजीत सिंह, हरसिमरन सिंह और साहिल ने हिस्सा लिया था। इसमें साहिल ने तीन किलो मीटर प्रस्यूट में बेहतरीन प्रदर्शन कर एशियन कप के लिए क्वालीफाई किया है। साहिल को बधाई देने के लिए सर्किट हाउस में यूथ डेवलपमेंट बोर्ड के मीत पाल सिंह दुगरी भी विशेष तौर पर पहुंचे।
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साहिल ने बताया कि ट्रायल के दौरान वुडन ट्रैक पर साइकिल चलाना मुश्किल था क्योंकि पहले कभी वुड पर साइकिल नहीं चलाई थी। ट्रायल से पहले आधे घंटे का समय प्रेक्टिस के लिए मिला था। साहिल ने बताया कि दिल्ली के स्टेडियम में वह दस दिन प्रैक्टिस कर अपनी परफार्मेंस में सुधार लाएगा।
साहिल जूनियर कैटेगरी में दिसंबर में हुए 68वीं नेशनल ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप में 10 किलो मीटर स्क्रैच रेस में सोना, तीन किलोमीटर टीम प्रस्यूट इवेंट में सोना और फरवरी में हुई शहीद-ए-आजम स्टेट गेम में चार किलो मीटर व्यक्तिगत प्रस्यूट मुकाबले में कांस्य पदक हासिल कर चुका है। कोच सुखपाल कौर ने बताया कि ढाई साल पहले साहिल कोचिंग के लिए आया था। आज उसकी मेहनत से ही वह एशियन कप के लिए चुना गया है। उम्मीद है कि वह सोने का पदक हासिल कर लौटे।
साइकिलिंग मैन्यूफेक्चरर खिलाड़ियों को कर रहे अनदेखा
साइक्लिंग कोच सतविंदर विक्की ने कहा कि लुधियाना साइक्लिंग मैन्यूफैक्चरिंग का हब है, लेकिन साइकिल इंडस्ट्री की ओर से लुधियाना के खिलाड़ियों को अनदेखा किया जा रहा है। पीएयू स्थित वैलोड्रम ट्रैक पर कई दरार पड़ी हुई हैं, जिसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कई साइकिल कंपनियां दूसरी कंट्री में स्पोर्ट्स को प्रमोट कर रही हैं, लेकिन लुधियाना में खेलों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जहां साइकिल उद्यमियों की ओर से साइकिलिंग के खिलाड़ियों को अनदेखा किया जा रहा है, वहीं कुछ खेल प्रेमी एडीसीपी रिशीपाल सिंह, मनमोहन जैन, चरनजीत बजाज, मीत पाल सिंह दुगरी खिलाड़ियों को एकस्ट्रा डाइट, सप्लीमेंट और अन्य इक्यूपमेंट देकर मदद कर रहे है।
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महाराजा नगर का रहने वाला 18 साल का साहिल नेशनल लेवल पर भी नए रिकार्ड कायम कर चुका है। साहिल ने इसका श्रेय कोच सतविंदर सिंह विक्की और अपने पिता राकेश शर्मा को दिया है। विक्की ने बताया कि एशियन कप के लिए दिल्ली के आईजी स्टेडियम में ट्रायल करवाए गए थे।
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इसमें लुधियाना से चार खिलाड़ी हर्षित, हरजीत सिंह, हरसिमरन सिंह और साहिल ने हिस्सा लिया था। इसमें साहिल ने तीन किलो मीटर प्रस्यूट में बेहतरीन प्रदर्शन कर एशियन कप के लिए क्वालीफाई किया है। साहिल को बधाई देने के लिए सर्किट हाउस में यूथ डेवलपमेंट बोर्ड के मीत पाल सिंह दुगरी भी विशेष तौर पर पहुंचे।
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साहिल ने बताया कि ट्रायल के दौरान वुडन ट्रैक पर साइकिल चलाना मुश्किल था क्योंकि पहले कभी वुड पर साइकिल नहीं चलाई थी। ट्रायल से पहले आधे घंटे का समय प्रेक्टिस के लिए मिला था। साहिल ने बताया कि दिल्ली के स्टेडियम में वह दस दिन प्रैक्टिस कर अपनी परफार्मेंस में सुधार लाएगा।
साहिल जूनियर कैटेगरी में दिसंबर में हुए 68वीं नेशनल ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप में 10 किलो मीटर स्क्रैच रेस में सोना, तीन किलोमीटर टीम प्रस्यूट इवेंट में सोना और फरवरी में हुई शहीद-ए-आजम स्टेट गेम में चार किलो मीटर व्यक्तिगत प्रस्यूट मुकाबले में कांस्य पदक हासिल कर चुका है। कोच सुखपाल कौर ने बताया कि ढाई साल पहले साहिल कोचिंग के लिए आया था। आज उसकी मेहनत से ही वह एशियन कप के लिए चुना गया है। उम्मीद है कि वह सोने का पदक हासिल कर लौटे।
साइकिलिंग मैन्यूफेक्चरर खिलाड़ियों को कर रहे अनदेखा
साइक्लिंग कोच सतविंदर विक्की ने कहा कि लुधियाना साइक्लिंग मैन्यूफैक्चरिंग का हब है, लेकिन साइकिल इंडस्ट्री की ओर से लुधियाना के खिलाड़ियों को अनदेखा किया जा रहा है। पीएयू स्थित वैलोड्रम ट्रैक पर कई दरार पड़ी हुई हैं, जिसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कई साइकिल कंपनियां दूसरी कंट्री में स्पोर्ट्स को प्रमोट कर रही हैं, लेकिन लुधियाना में खेलों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जहां साइकिल उद्यमियों की ओर से साइकिलिंग के खिलाड़ियों को अनदेखा किया जा रहा है, वहीं कुछ खेल प्रेमी एडीसीपी रिशीपाल सिंह, मनमोहन जैन, चरनजीत बजाज, मीत पाल सिंह दुगरी खिलाड़ियों को एकस्ट्रा डाइट, सप्लीमेंट और अन्य इक्यूपमेंट देकर मदद कर रहे है।