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घोटाले की शिकायत करने वाले को ही कराया गिरफ्तार
अमर उजाला, मोगा
Updated Sun, 24 Nov 2013 10:58 PM IST
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मोगा में सेंट्रल वेयर हाउस निगम में 86 लाख के चावल घोटाले में फंसे एक मुलाजिम ने जिला पुलिस प्रमुख को लिखे पत्र में कहा है कि अधिकारियों ने करीब सात महीने तक घोटाले पर पर्दा डाले रखा और अब कई बेकसूर मुलाजिमों को फंसा दिया है।
जिला पुलिस प्रमुख ने इस मामले की जांच डीएसपी सिटी जसपाल सिंह ढिल्लों को सौंप दी है। निगम की दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने 25 अक्तूबर को गोदामों की जांच में 86 लाख 32 हजार 872 रुपये कीमत की 7344 बोरियों के घोटाले का पर्दाफाश किया था।
जिला पुलिस प्रमुख को लिखे शिकायत पत्र में मुलाजिम राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि इस घोटाले में गिरफ्तार किए गए विपन कुमार ने गोदामों का प्रभार लेते समय 8 अप्रैल 2013 को लिखित तौर पर निगम अधिकारियों को सूचना दी थी कि चावलों की बोरियां कम हैं।
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लेकिन अधिकारियों ने उसकी सूचना रद्दी की टोकरी में फेंक दी और उसे ही इस केस में फंसा दिया। राजेश ने इस शिकायत के साथ विपन कुमार की तरफ से चावलों का स्टाक कम होने के बारे में लिखित ड्यूटी चार्टर पेश किया है।
थाना सिटी ने निगम के चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय दफ्तर में तैनात सहायक जनरल मैनेजर मवी कृष्ण की शिकायत पर 25 अक्तूबर को मैनेजर कुलवंत सिंह, गोदाम इंचार्ज कर्म सिंह, मंगल सिंह, मेम सिंह, कृष्ण मुरारी गुप्ता, रणजीत राम, बलविन्दर सिंह, राजेश कुमार और विपन कुमार को नामजद किया था।
इनमें कृष्ण गुप्ता, रणजीत राम, बलविन्दर सिंह और विपन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था।
अब राजेश कुमार द्वारा भेजी गई शिकायत और विपन कुमार की अधिकारियों को भेजी चिट्ठी का सबूत देखते हुए डीएसपी (सिटी) जसपाल सिंह ढिल्लों ने बताया कि यह मामला उनके पास आया है और इसकी गहराई से जांच की जाएगी।
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जिला पुलिस प्रमुख ने इस मामले की जांच डीएसपी सिटी जसपाल सिंह ढिल्लों को सौंप दी है। निगम की दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने 25 अक्तूबर को गोदामों की जांच में 86 लाख 32 हजार 872 रुपये कीमत की 7344 बोरियों के घोटाले का पर्दाफाश किया था।
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जिला पुलिस प्रमुख को लिखे शिकायत पत्र में मुलाजिम राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि इस घोटाले में गिरफ्तार किए गए विपन कुमार ने गोदामों का प्रभार लेते समय 8 अप्रैल 2013 को लिखित तौर पर निगम अधिकारियों को सूचना दी थी कि चावलों की बोरियां कम हैं।
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लेकिन अधिकारियों ने उसकी सूचना रद्दी की टोकरी में फेंक दी और उसे ही इस केस में फंसा दिया। राजेश ने इस शिकायत के साथ विपन कुमार की तरफ से चावलों का स्टाक कम होने के बारे में लिखित ड्यूटी चार्टर पेश किया है।
थाना सिटी ने निगम के चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय दफ्तर में तैनात सहायक जनरल मैनेजर मवी कृष्ण की शिकायत पर 25 अक्तूबर को मैनेजर कुलवंत सिंह, गोदाम इंचार्ज कर्म सिंह, मंगल सिंह, मेम सिंह, कृष्ण मुरारी गुप्ता, रणजीत राम, बलविन्दर सिंह, राजेश कुमार और विपन कुमार को नामजद किया था।
इनमें कृष्ण गुप्ता, रणजीत राम, बलविन्दर सिंह और विपन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था।
अब राजेश कुमार द्वारा भेजी गई शिकायत और विपन कुमार की अधिकारियों को भेजी चिट्ठी का सबूत देखते हुए डीएसपी (सिटी) जसपाल सिंह ढिल्लों ने बताया कि यह मामला उनके पास आया है और इसकी गहराई से जांच की जाएगी।