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जहरीली शराब: मंत्री आशु सहित विधायकों के घर पर प्रदर्शन
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लुधियाना में शराब माफियाओं के खिलाफ मंत्री के घर का घेराव कर रहे भारतीय जनता युवा मोर्चा के सदस्य
- फोटो : LUDHIANA
प्रदेश में जहरीली शराब पीने से मौत के मामले में शुक्रवार को भाजपाइयों कांग्रेसी मंत्री भारत भूषण आशु सहित विधायक सुरिंदर डाबर, राकेश पांडे के घरों के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक संजय तलवार कोरोना संक्रमित होने के चलते धरना नहीं दिया गया। भाजपाइयों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठाई।
भाजपा जिला प्रधान पुष्पेंद्र सिंगला ने आरोप लगाया सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण में शराब माफिया फलफूल रहा है। यही कारण है कि प्रदेश में जहरीली पीकर 123 लोगों की मौत हो चुकी है। अब सरकार एसआईटी से जांच करवाने की बात कर रही है। इससे भी कुछ नहीं होने वाला है, यह सब कुछ लोगों की आंखों में धूल झोकने के लिए हो रहा है।
उन्होंने कहा शराब माफिया किस कदर हावी हो चुका है, इसका उदाहरण लॉकडाउन में सभी ने साफ देखा है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह केंद्र सरकार से बार-बार शराब ठेकों की खोलने की दुहाई देते रहे, क्योंकि उनका कहना था कि उनके खजाने को धक्का लग रहा है। लॉकडाउन के दौरान शराब ठेके खुल गए। लॉकडाउन के दौरान सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण के चलते घर-घर शराब पहुंची है। इससे सरकार के खजाने को करोड़ों रुपये की चपत लगी है। इस समय सूबे में हर साल दो हजार करोड़ रुपये की अवैध शराब बकती है। हमारी मांग है कि सीबीआई को जहरीली शराब मामले की जांच सौंपनी चाहिए। इस जांच में खुलासा होगा कि कौन-कौन नेता शराब माफिया के साथ मिलकर काम कर रहा है।
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भाजपा जिला प्रधान पुष्पेंद्र सिंगला ने आरोप लगाया सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण में शराब माफिया फलफूल रहा है। यही कारण है कि प्रदेश में जहरीली पीकर 123 लोगों की मौत हो चुकी है। अब सरकार एसआईटी से जांच करवाने की बात कर रही है। इससे भी कुछ नहीं होने वाला है, यह सब कुछ लोगों की आंखों में धूल झोकने के लिए हो रहा है।
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उन्होंने कहा शराब माफिया किस कदर हावी हो चुका है, इसका उदाहरण लॉकडाउन में सभी ने साफ देखा है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह केंद्र सरकार से बार-बार शराब ठेकों की खोलने की दुहाई देते रहे, क्योंकि उनका कहना था कि उनके खजाने को धक्का लग रहा है। लॉकडाउन के दौरान शराब ठेके खुल गए। लॉकडाउन के दौरान सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण के चलते घर-घर शराब पहुंची है। इससे सरकार के खजाने को करोड़ों रुपये की चपत लगी है। इस समय सूबे में हर साल दो हजार करोड़ रुपये की अवैध शराब बकती है। हमारी मांग है कि सीबीआई को जहरीली शराब मामले की जांच सौंपनी चाहिए। इस जांच में खुलासा होगा कि कौन-कौन नेता शराब माफिया के साथ मिलकर काम कर रहा है।
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