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उद्योगपति अभय ओसवाल को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Sun, 03 Apr 2016 09:45 PM IST
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लुधियाना में अभय ओसवाल को श्रद्धांजलि देते नवीन जिंदल
- फोटो : अमर उजाला
ओसवाल ग्रीनटेक लिमिटेड, ओसवाल एग्रोटेक मिल्स लिमिटेड, मोहनदेई ओसवाल अस्पताल और न्यूज नेशन चैनल के सीएमडी अभय ओसवाल का पिछले दिनों मास्को में हार्ट अटैक होने से निधन हो गया था। रविवार को लुधियाना में फिरोजपुर रोड स्थित रिसोर्ट में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।
इस दौरान उनकी पत्नी अरुणा ओसवाल का दर्द उस समय छलक पड़ा जब उन्होंने अपने परिवार पर लिखी कविता की पंक्तियां ‘चिठ्ठी न कोई संदेश, न जाने कौन सा देश, जहां तुम चले गए’ सुनाई। उन्होंने इस दुख की घड़ी में उनका दर्द बांटने पर सभी का धन्यवाद किया।
अरुणा ने बताया कि अभय ओसवाल ने अपने बच्चों और समूह परिवार को ही नही बल्कि पूरे समाज को अपना प्यार दिया। बड़े भाई जवाहर ओसवाल ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि अभय उन्हें छोड़कर चला जाएगा। वह बिल्कुल तंदुरुस्त थे। उनके छोटे बेटे शैल ओसवाल ने बताया कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि उनके पापा नहीं रहे।
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अभय ओसवाल के दामाद और पूर्व सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि कि अभय ओसवाल एक इनोवेटर थे। वह हर समय कुछ नया करने की सोच में डूबे रहते थे। उन्होंने बताया कि रूस में भी वह कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के इलाज के बारे में गहन विचार-विमर्श करने में जुटे हुए थे। उनके अचानक चले जाने से देश के साथ-साथ समूह उद्योग जगत को हानि हुई है, जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता।
जैन समाज रत्न हीरा लाल जैन ने कहा कि अभय उद्योगपति नहीं बल्कि सहयोगपति थे। समाज भलाई के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, शरणजीत सिंह ढिल्लों, पूर्व मंत्री मलकीत सिंह दाखा, विधायक सुरिंदर डाबर, भारत भूषण आशु, मेयर हरचरण सिंह गोहलवढ़िया, एसपी ओसवाल, जंगी लाल ओसवाल, नीलम ओसवाल, दिनेश ओसवाल, संदीप जैन, कमल ओसवाल, महेश मुंजाल, संजीव पाहवा, रमेश जोशी, विनोद थापर, चरणजीव सिंह, रमेश मागो और शून्य प्रभु शामिल थे।
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इस दौरान उनकी पत्नी अरुणा ओसवाल का दर्द उस समय छलक पड़ा जब उन्होंने अपने परिवार पर लिखी कविता की पंक्तियां ‘चिठ्ठी न कोई संदेश, न जाने कौन सा देश, जहां तुम चले गए’ सुनाई। उन्होंने इस दुख की घड़ी में उनका दर्द बांटने पर सभी का धन्यवाद किया।
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अरुणा ने बताया कि अभय ओसवाल ने अपने बच्चों और समूह परिवार को ही नही बल्कि पूरे समाज को अपना प्यार दिया। बड़े भाई जवाहर ओसवाल ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि अभय उन्हें छोड़कर चला जाएगा। वह बिल्कुल तंदुरुस्त थे। उनके छोटे बेटे शैल ओसवाल ने बताया कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि उनके पापा नहीं रहे।
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अभय ओसवाल के दामाद और पूर्व सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि कि अभय ओसवाल एक इनोवेटर थे। वह हर समय कुछ नया करने की सोच में डूबे रहते थे। उन्होंने बताया कि रूस में भी वह कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के इलाज के बारे में गहन विचार-विमर्श करने में जुटे हुए थे। उनके अचानक चले जाने से देश के साथ-साथ समूह उद्योग जगत को हानि हुई है, जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता।
जैन समाज रत्न हीरा लाल जैन ने कहा कि अभय उद्योगपति नहीं बल्कि सहयोगपति थे। समाज भलाई के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, शरणजीत सिंह ढिल्लों, पूर्व मंत्री मलकीत सिंह दाखा, विधायक सुरिंदर डाबर, भारत भूषण आशु, मेयर हरचरण सिंह गोहलवढ़िया, एसपी ओसवाल, जंगी लाल ओसवाल, नीलम ओसवाल, दिनेश ओसवाल, संदीप जैन, कमल ओसवाल, महेश मुंजाल, संजीव पाहवा, रमेश जोशी, विनोद थापर, चरणजीव सिंह, रमेश मागो और शून्य प्रभु शामिल थे।