{"_id":"024d0fe0ac4da0a4f6d7aeadf81c37f2","slug":"patar-son-micromax-notice-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉ. पातर के बेटे ने माइक्रोमैक्स कंपनी को भेजा नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉ. पातर के बेटे ने माइक्रोमैक्स कंपनी को भेजा नोटिस
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Fri, 01 Jan 2016 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पद्मश्री कवि डॉ. सुरजीत पातर के बेटे अंकुर पातर ने अपनी डिजीटल पेंटिंग का विज्ञापन में बिना मंजूरी उपयोग करने पर दिग्गज मोबाइल कंपनी माइक्रोमैक्स को नोटिस भेजा है। इसमें एक करोड़ का हर्जाना देने और बिना शर्त माफी मांगने को कहा गया है। माफी न मांगने पर अंकुर कंपनी के खिलाफ पुलिस में शिकायत करेंगे और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अंकुर ने शुक्रवार को बीआरएस नगर में आयोजित कांफ्रेंस में यह जानकारी दी।
ऑस्ट्रेलिया निवासी अंकुर ने कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया में फोटोग्राफी और डिजीटल आर्टिस्ट हैं। 2013 में उन्होंने पंजाबी कल्चर पर आधारित एक डिजीटल पिक्चर तैयार की थी। उनका दावा है कि अप्रैल 2015 में उसी पिक्चर का उपयोग माइक्रोमैक्स कंपनी ने अपने मोबाइल के विज्ञापन में हल्के बदलाव के साथ किया और इसके लिए उनसे मंजूरी नहीं ली गई।
अंकुर ने कहा कि जब वे दिसंबर में पंजाब लौटे तो उनको इस बारे में जानकारी मिली। वकील हरप्रीत संधू से सलाह करने के बाद अंकुर ने कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा है।
विज्ञापन
उनका दावा है कि कंपनी ने सूचना एवं तकनीक अधिनियम 2000 की धारा 378-379 का उल्लंघन किया है। पातर ने अपने वकील के माध्यम से कंपनी के चेयरमैन, सीईओ, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, संस्थापक एवं को फाउंडर को एक करोड़ रुपये के हर्जाने और एक सप्ताह में माफी मांगने का कानूनी नोटिस भेजा है। इस अवसर पर डॉ. सुरजीत पातर और एडवोकेट हरप्रीत संधू भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
ऑस्ट्रेलिया निवासी अंकुर ने कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया में फोटोग्राफी और डिजीटल आर्टिस्ट हैं। 2013 में उन्होंने पंजाबी कल्चर पर आधारित एक डिजीटल पिक्चर तैयार की थी। उनका दावा है कि अप्रैल 2015 में उसी पिक्चर का उपयोग माइक्रोमैक्स कंपनी ने अपने मोबाइल के विज्ञापन में हल्के बदलाव के साथ किया और इसके लिए उनसे मंजूरी नहीं ली गई।
विज्ञापन
अंकुर ने कहा कि जब वे दिसंबर में पंजाब लौटे तो उनको इस बारे में जानकारी मिली। वकील हरप्रीत संधू से सलाह करने के बाद अंकुर ने कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा है।
विज्ञापन
उनका दावा है कि कंपनी ने सूचना एवं तकनीक अधिनियम 2000 की धारा 378-379 का उल्लंघन किया है। पातर ने अपने वकील के माध्यम से कंपनी के चेयरमैन, सीईओ, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, संस्थापक एवं को फाउंडर को एक करोड़ रुपये के हर्जाने और एक सप्ताह में माफी मांगने का कानूनी नोटिस भेजा है। इस अवसर पर डॉ. सुरजीत पातर और एडवोकेट हरप्रीत संधू भी मौजूद रहे।