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1 अप्रैल से पंजाब में किसी किसान-मजदूर को खुदकुशी करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा : अरविंद केजरीवाल

Thu, 28 Oct 2021 10:18 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 10:18 PM IST
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No farmer-labourer will be forced to commit suicide in Punjab from April 1: Arvind Kejriwal
मानसा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के किसान मजदूरों को अपील की कि गुलाबी सुंड़ी, बारिश से बर्बाद फसलों के कारण निराशा के आलम में आकर खुदकुशी जैसा कोई गलत कदम न उठाएं। उन्होंने भरोसा दिया कि अगर मौजूदा चन्नी सरकार लागत खर्च अनुसार वाजिब मुआजवा देने में असफल रहती है तो आम आदमी पार्टी की सरकार किसनों व खेत मजदूरों को 30 अप्रैल 2022 तक बनता मुआवजा देगी।
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अरविंद केजरीवाल वीरवार को मानसा में किसानों के साथ बातचीत प्रोग्राम में किसानों से रूबरू हुए। इस मौके पर मंच पर सांसद और आप पंजाब के अध्यक्ष भगवंत मान, पंजाब मामलों के इंचार्ज जरनैल सिंह, सह इंचार्ज राघव चढढा, विरोधी गुट के नेता हरपाल चीमा व किसान विंग पंजाब के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा मौजूद थे। मंच संचालन प्रो. बलजिंदर कौर ने किया। समागम की शुरूआत टिकरी बार्डर पर हुए हादसे में शहीद हुई गांव खीवा दयालुवाला की 3 किसान महिलाओं को 2 मिनट का मौन धारण करके श्रद्धांजलि भेंट की। इस मौके पर केजरीवाल ने कहा कि 1 अप्रैल 2021 के बाद पंजाब के किसान मजदूर फसलों के खराब होने के कारण खुदकुशी करने को मजबूर नहीं होंगे। यह केजरीवाल का वादा है और केजरीवाल जो कहता है वह करके दिखाता है।
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उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल 2022 तक प्रत्येक प्रभावित किसान और मजदूर के खाते में फसलों के नुकसान का मुआवजा पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब कोई किसान खुदकुशी करता है तो उनको बहुत दुख होता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आप की सरकार ने किसानों की लागत 18 हजार से अधिक 20 हजार रुपये प्रति एकड़ किसानों को मुआजवा दिया था। चन्नी खेतों में जाकर फोटो खिचवा लेते हैं पर अभी तक किसी किसान को मुआवजा नहीं मिला। केजरीवाल ने कहा कि नकल करना आसान है पर अमल करना मुश्किल है। इस मौके पर भगवंत मान ने कहा कि किसानों के साथ केजरीवाल की बातचीत का प्रोग्राम है, न कोई सियासी रैली, न कोई सियासी शक्ति प्रदर्शन। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जनता की सुनने उनके दर पर आई है जिससे मुश्किल और सुझाव लेकर उनका हल किया जा सके। इस मौके पर बुढलाडा के विधायक बुध राम, सरदूलगढ़ के हलका इंचार्ज गुरप्रीत सिंह बणावाली, मानसा के हलका इंचार्ज डा. विजय सिंगला, गुरप्रीत सिंह भुच्चर, शहरी प्रधान कमल गोयल, महिला विंग की वीना अग्रवाल, शरणजीत कौर व परमजीत कौर हाजिर थे।
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केजरीवाल किसानों के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकना बंद करे : संयुक्त किसान मोर्चा
मानसा। आप के राष्ट्रीय कनवीनर व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। मानसा के विरसात पैलेस से थोड़ी दूर पर संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई तले किसान धरने पर बैठे और केजरीवाल से सवाल पूछना चाहते थे। किसानों के रोष के कारण केजरीवाल को दूसरे रास्ते के जरिए समागम की वाली जगह पर लाया गया। इस दौरान मीडिया को भी अंदर नहीं जाने नहीं दिया गया। बाहर धरने पर बैठे नेताओं ने कहा कि यहां सिर्फ ड्रामेबाजी की जा रही है असल किसान तो सड़क पर बैठे है। जहां सिर्फ आम आदमी पार्टी के वर्करों को बुलाया गया है। इस मौके संयुक्त मोर्चा के नेता महेंद्र सिंह भैणीवाघ, कुलविंदर सिंह उड्डत, गुरजंट सिंह मानसा, तेज सिंह चकेरिया, कृष्ण चौहान व मेजर सिंह दुल्लोवाल ने कहा कि केजरवाल किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे सके। नेताओं ने कहा कि केजरीवाल किसानों के नाम पर राजनीति कर सकते है, अगर किसान कोई सवाल पूछ ले तो कहते है किसान राजनीति कर रहे है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल किसानों के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकना बंद करे।
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