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जामा मस्जिद में लुधियाना ‘दर्से कुरआन’ कार्यक्रम शुरू
Updated Sun, 17 Nov 2013 10:43 PM IST
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पंजाब की एतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में लोगों को अल्लाह तआला की किताब ‘कुरआन मजीद’ के बारे में अवगत करवाने के मकसद से ‘दर्से कुरआन’ नामक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
यह जानकारी शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरारी ने दी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम शनिवार देर रात को शुरू किया गया।
समारोह के पहले दिन नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवी ने लोगों को कुरआन मजीद के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में हर सप्ताह कुरआन शरीफ की किसे भी एक ‘आयत’ की व्याख्या की जाएगी और श्रोताओं के सवालों के जवाब भी दिए जाएंगे।
इस दौरान मौलाना उसमान रहमानी ने कुरआन पाक की ‘आयत बिसमिल्लाह’ की व्याख्या की। उन्होंने बताया कि इस आयत में खुदा के तीन नाम आते हैं अल्लाह, रहमान और रहीम। इंसान का जीवन भी तीन भाग में ही बांटा हुआ है बचपन, जवानी और बुढ़ापा।
रहमानी ने कहा कि इंसान को किसे भी हालत में अपने खुदा को नहीं भूलना चाहिए। इस मौके पर मुफ्ती जमालूद्दीन, कारी अलताफ उर रहमान, मौलाना कारी मोहतरम, मौलाना अतीक फैजावादी, हाफिज जैनउल आबद्दीन, गुलाम हसन कैसर और मौलाना महबूब कासमी मौजूद थे।
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यह जानकारी शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरारी ने दी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम शनिवार देर रात को शुरू किया गया।
समारोह के पहले दिन नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवी ने लोगों को कुरआन मजीद के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में हर सप्ताह कुरआन शरीफ की किसे भी एक ‘आयत’ की व्याख्या की जाएगी और श्रोताओं के सवालों के जवाब भी दिए जाएंगे।
इस दौरान मौलाना उसमान रहमानी ने कुरआन पाक की ‘आयत बिसमिल्लाह’ की व्याख्या की। उन्होंने बताया कि इस आयत में खुदा के तीन नाम आते हैं अल्लाह, रहमान और रहीम। इंसान का जीवन भी तीन भाग में ही बांटा हुआ है बचपन, जवानी और बुढ़ापा।
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रहमानी ने कहा कि इंसान को किसे भी हालत में अपने खुदा को नहीं भूलना चाहिए। इस मौके पर मुफ्ती जमालूद्दीन, कारी अलताफ उर रहमान, मौलाना कारी मोहतरम, मौलाना अतीक फैजावादी, हाफिज जैनउल आबद्दीन, गुलाम हसन कैसर और मौलाना महबूब कासमी मौजूद थे।
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