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असहिष्णु कह भारत को बदनाम न करें : राज्यपाल
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Sun, 27 Dec 2015 09:23 AM IST
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राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि असहिष्णु कह भारत को विश्व में बदनाम न करें। भारत ने कभी किसी पर हमला नहीं किया और न ही किसी का हक रखा। ऐसे देश के लोगों को असहिष्णु नहीं कहा जा सकता।
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सोलंकी शनिवार को अंतरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन के बैनर तले हर्षिला रिसोर्ट में शुरू हुए दो दिवसीय वैश्य महासम्मेलन का उद्घाटन करने लुधियाना पहुंचे थे। राज्यपाल ने देश को विश्व में सिरमौर बनाने के लिए वैश्य समाज को अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने समाज कल्याण के लिए सात मंत्र भी दिए।
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सोलंकी ने कहा कि भारत कभी भी असहिष्णु नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि जब पाकिस्तान में अंतर्कलह थी तो भारत ने पाकिस्तान से युद्ध कर अलग बांग्लादेश बना दिया, लेकिन खुद राज नहीं किया। नतीजतन सहिष्णुता का गुण भारत के जन जन में है। राज्यपाल ने कहा कि समृद्धि, समर्पण, सहयोग, सेवा, सहिष्णुता, स्वच्छता और स्वावलंबन के सात गुणों को मिलाकर विश्व को प्रकाशमान किया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारत सिरमौर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों में जा रहे हैं। इससे देश की छवि बेहतर बन रही है। कई देशों में तो बिना बुलाए भी जा रहे हैं, कल ही गए थे। मतलब साफ है कि देश का झंडा विश्व में बुलंद हो रहा है।
विश्व को अपनी ताकत दिखाने के लिए अपनी संस्कृति, सभ्याचार और नीतियों को नहीं छोड़ना है। राज्यपाल ने वैश्य समाज को समाज कल्याण में अपना योगदान देने के लिए भी प्रेरित किया।
इस अवसर पर आयोजकों की तरफ से आईएएस की परीक्षा देने वाले तीन युवाओं को एक एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई। इनमें राजस्थान से आए युवा मयंक खंडेरिया, यूपी के रायबरेली से आए राज कुमार कौशल और बिहार के पटना से आए राजेश कुमार गुप्ता शामिल रहे।
इसके अलावा तकनीकी शिक्षा में योगदान के लिए रयात बाहरा ग्रुप के गुरविंदर सिंह, चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कालेज के सतनाम सिंह संधू, श्री साईं ग्रुप के एसके पुंज के अलावा उद्योगपति उमेश मुंजाल, संजय कुमार, मदन गोयल, सुशील भक्कू, सतीश सिंगला, विजय मेहतानी और सतपाल महाजन को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया।
अंतरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन के प्रधान राम दास अग्रवाल ने कहा कि पहली बार पंजाब में समाज का सम्मेलन कराया जा रहा है। विश्व में 25 करोड़ वैश्य हैं। समाज कल्याण में इस समुदाय का नब्बे फीसदी योगदान है।
इस महासम्मेलन में वैश्य समाज की स्थिति, दिक्कतों पर मंथन करके आगे समाज कल्याण में किस तरह काम करना है इसकी रणनीति बनाई जाएगी। इस अवसर पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल, उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल और विधायक प्रेम मित्तल समेत कई लोग मौजूद रहे।