जीएसटी काउंसिल की बैठक: आम लोगों को मिली बड़ी राहत, कपड़ों के दाम नहीं बढ़ेंगे, कारोबारियों ने फैसले का किया स्वागत
शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई। इसमें कपड़े में बढ़े टैक्स को वापस लेने का फैसला लिया गया। काउंसिल की इस बैठक से आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। वहीं लुधियाना के कपड़ा कारोबारियों ने भी इसका स्वागत किया।
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जीएसटी काउंसिल की शुक्रवार को हुई बैठक में आम लोगों और कपड़ा निर्माण से जुड़े कारोबारियों को बड़ी राहत दी गई है। जीएसटी काउंसिल ने कपड़ा पर जीएसटी दर को पांच फीसदी से 12 फीसदी तक करने की योजना को टाल दिया है। बैठक में फैसला लिया गया है कि पुरानी जीएसटी दरों को बहाल रखा जाएगा। सरकार के इस फैसले का कारोबारियों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि सरकार से इस फैसले से आम लोगों की जेब पर बोझ नहीं बढ़ेगा, वहीं कपड़े के दाम बढ़ने से उनकी बिक्री कम होने की तलवार लटक गई थी। कोविड के चलते पहले कारोबारी मंदी के दौर से गुजर रहे है।
गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिल ने एक जनवरी से कपड़ा पर दर पांच फीसदी से बढ़कर 12 फीसदी करने का फैसला लिया था। कपड़ा कारोबारी इसका विरोध कर रह थे, क्योंकि कोरोना महामारी के चलते सभी कारोबार पहले से ठप हो गए थे। वहीं कोरोना महामारी ने आम लोगों के आर्थिक जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। अगर सरकार कपड़े पर सात फीसदी दर को बढ़ाती तो कपड़े के रेट में लगभग 15 फीसदी तक इजाफा होना था। इस मामले को लेकर लगातार होजरी कारोबारी सरकार पर जीएसटी रेट नहीं बढ़ाने का दवाब बना रहे थे, ताकि वह अपने कारोबार को सही ढंग से आगे बढ़ा सके।
निटवियर क्लब फाइनेंस सचिव हरीश केयर पाल बताते है कि सरकार ने यह फैसला बहुत अच्छा लिया है। क्योंकि अगर कपड़े पर जीएसटी की नई दर लागू होती तो लगभग 15 फीसदी तक उत्पादों के दाम बढ़ जाने थे। कारोना महामारी के कारण उनका कारोबार पहले मंदा चल रहा है, उत्पादों के दाम बढ़ने से आम लोगों पर इसका सीधा असर होना था। सरकार ने पुराने रेट को बहाल रखा है, इसलिए सभी कारोबारी इसका स्वागत करते है।