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देह व्यापार में दोषी भगोड़ी पूर्व प्रिंसिपल गिरफ्तार
अमर उजाला, लुधियाना
Updated Fri, 01 Nov 2013 10:12 PM IST
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मोगा पुलिस ने देह व्यापार के मामले में सात साल से भगोड़ी पूर्व प्रिंसिपल को आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। उसे लुधियाना जेल भेज दिया है।
उम्रकैद की सजा काट रही महिला मंजिला पैरोल पर बाहर आने के बाद से फरार थी। हाईकोर्ट ने ढाई महीने पहले डीजीपी को डीएसपी की अगुवाई में विशेष जांच टीम बनाकर दोषी महिला को दो महीने में गिरफ्तार करने के बाद अदालत को सूचित करने का आदेश दिया था।
थाना सिटी पुलिस ने नौ मई 2000 में इस महिला के चुंगल में फंसी जिला लुधियाना की एक लड़की की शिकायत पर केस दर्ज किया था। आरोपी महिला एक माडल स्कूल में प्रिंसिपल थी।
जांच के दौरान सामने आया कि इस महिला के पास पढ़ने आने वाली एक लड़की ने बदनामी से 3 अप्रैल 1999 को आत्महत्या कर ली थी। महिला कब्जाई गई कोठी में ट्यूशन के नाम पर देह व्यापार का धंधा चलाती थी।
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लड़कियाें को पुलिस एवं सफेदपोशों का डर दिखाकर देह व्यापार करवाती थी। इस महिला पर पुलिस के सीनियर अधिकारी और कुछ सफेदपोश भी मेहरबान थे।
जिला एवं सेशन जज की अदालत ने 2005 में महिला को उम्रकैद और उसके पति को दस साल की कैद सुनाई थी। इसके बाद महिला चार सप्ताह के पैरोल पर बाहर आई और भाग गई।
एक अन्य आरोपी ने जिला अदालत के फैसले के खिलाफ पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इसी साल 8 अगस्त को महिला की उम्रकैद को बदल कर 12 साल कर दिया था।
उसके पति को निर्दोष मानते हुए छोड़ दिया था। मोगा सिटी थाना एक के एएसआई इंद्रजीत सिंह ने कहा कि महिला को आगरा में पकड़ लिया है। उसे आगरा में अदालत में पेश करने के बाद लुधियाना जेल भेज दिया है।
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उम्रकैद की सजा काट रही महिला मंजिला पैरोल पर बाहर आने के बाद से फरार थी। हाईकोर्ट ने ढाई महीने पहले डीजीपी को डीएसपी की अगुवाई में विशेष जांच टीम बनाकर दोषी महिला को दो महीने में गिरफ्तार करने के बाद अदालत को सूचित करने का आदेश दिया था।
थाना सिटी पुलिस ने नौ मई 2000 में इस महिला के चुंगल में फंसी जिला लुधियाना की एक लड़की की शिकायत पर केस दर्ज किया था। आरोपी महिला एक माडल स्कूल में प्रिंसिपल थी।
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जांच के दौरान सामने आया कि इस महिला के पास पढ़ने आने वाली एक लड़की ने बदनामी से 3 अप्रैल 1999 को आत्महत्या कर ली थी। महिला कब्जाई गई कोठी में ट्यूशन के नाम पर देह व्यापार का धंधा चलाती थी।
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लड़कियाें को पुलिस एवं सफेदपोशों का डर दिखाकर देह व्यापार करवाती थी। इस महिला पर पुलिस के सीनियर अधिकारी और कुछ सफेदपोश भी मेहरबान थे।
जिला एवं सेशन जज की अदालत ने 2005 में महिला को उम्रकैद और उसके पति को दस साल की कैद सुनाई थी। इसके बाद महिला चार सप्ताह के पैरोल पर बाहर आई और भाग गई।
एक अन्य आरोपी ने जिला अदालत के फैसले के खिलाफ पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इसी साल 8 अगस्त को महिला की उम्रकैद को बदल कर 12 साल कर दिया था।
उसके पति को निर्दोष मानते हुए छोड़ दिया था। मोगा सिटी थाना एक के एएसआई इंद्रजीत सिंह ने कहा कि महिला को आगरा में पकड़ लिया है। उसे आगरा में अदालत में पेश करने के बाद लुधियाना जेल भेज दिया है।