{"_id":"59e0ebbb4f1c1b70548b7390","slug":"41507912635-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्ज से परेशान नौजवान मजदूर ने लगाया फंदा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कर्ज से परेशान नौजवान मजदूर ने लगाया फंदा
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्ज से परेशान नौजवान मजदूर ने लगाया फंदा
संगरूर। जिले के गांव लेहल कलां में एक नौजवान मजदूर ने काम न मिलने और परिवार पर चढ़े कर्ज से परेशान होकर पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। नौजवान की मौत के कारण पूरा गांव मातम में डूब गया।
गांव लेहल कलां का 19 वर्षीय लवप्रीत मजदूरी का काम करता था। उसे काम भी कम ही मिलता था। ऐसे में वह ज्यादातर समय घर में ही रहता था। उसके परिवारपर बैंक व लोगों का करीब ढाई लाख का कर्ज चढ़ा था। काम न मिलने और कर्ज को न उतार पाने की वजह से लवप्रीत परेशान रहता था और इसी परेशानी के चलते उसने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
गांव लेहल कलां में ही दर्जी का काम करने वाले लवप्रीत के पिता गुरजंट सिंह ने बताया कि उनका पुत्र काम न मिलने और सिर पर चढ़े कर्ज के कारण परेशान रहता था। यही कारण रहा कि उसने मौत को गले लगा लिया। उन्होंने ौर गांववासियों ने सरकार से मांग की है कि परिवार री आर्थिक मदद की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
संगरूर। जिले के गांव लेहल कलां में एक नौजवान मजदूर ने काम न मिलने और परिवार पर चढ़े कर्ज से परेशान होकर पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। नौजवान की मौत के कारण पूरा गांव मातम में डूब गया।
गांव लेहल कलां का 19 वर्षीय लवप्रीत मजदूरी का काम करता था। उसे काम भी कम ही मिलता था। ऐसे में वह ज्यादातर समय घर में ही रहता था। उसके परिवारपर बैंक व लोगों का करीब ढाई लाख का कर्ज चढ़ा था। काम न मिलने और कर्ज को न उतार पाने की वजह से लवप्रीत परेशान रहता था और इसी परेशानी के चलते उसने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
विज्ञापन
गांव लेहल कलां में ही दर्जी का काम करने वाले लवप्रीत के पिता गुरजंट सिंह ने बताया कि उनका पुत्र काम न मिलने और सिर पर चढ़े कर्ज के कारण परेशान रहता था। यही कारण रहा कि उसने मौत को गले लगा लिया। उन्होंने ौर गांववासियों ने सरकार से मांग की है कि परिवार री आर्थिक मदद की जाए।
विज्ञापन