फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   आग लगने के बाद धमाके से ध्वस्त हुई चार मंजिला बिल्डिंग

आग लगने के बाद धमाके से ध्वस्त हुई चार मंजिला बिल्डिंग

Mon, 20 Nov 2017 06:50 PM IST
Updated Mon, 20 Nov 2017 06:50 PM IST
विज्ञापन
आग लगने के बाद धमाके से ध्वस्त हुई चार मंजिला बिल्डिंग
संशोधित, तीनों मृतकों की हुई पहचान
विज्ञापन

सभी केंद्रों के लिए

आग के बाद प्लास्टिक फैक्टरी में धमाका, तीन की मौत
फायर ब्रिगेड के तीन अफसर, दलित नेता समेत करीब बीस लोग दबे
शाम तक मलबे से तीन शव निकाले गए, दो घायल अस्पताल भेजे
मृतकों में एक पंजाब टैक्सी यूनियन का प्रधान भी
राहत बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, सेना और एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
जिला प्रशासन की कई जेसीबी मशीनें और पूरी मशीनरी मलबा हटाने में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
लुधियाना के इंडस्ट्रियल एरिया-ए में सुफियां चौक के नजदीक प्लास्टिक का सामान बनाने वाली फैक्टरी एमसन्स पालिमर्स में आग लगने के बाद अचानक धमाका हुआ और चार मंजिला इमारत देखते ही देखते ध्वस्त हो गई। मलबे के नीचे दमकल विभाग के तीन अफसर, मुलाजिम, एक दलित नेता सहित करीब बीस लोगों के दबने की संभावना है। शाम तक मलबे से तीन शव निकाले गए। जबकि दो घायलों को निकाल कर अस्पताल में इलाज के लिए भेजा है।
हादसे के बाद मौके पर हाहाकार मच गया। जिला प्रशासन के साथ साथ नेशनल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (एसडीआरएफ) और सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। लेकिन खंडहर इमारत से निकल रहे जहरीले धुएं से बचाव कार्य में मुश्किल आ रही है।
विज्ञापन

एक मृतक की पहचान पंजाब टैक्सी यूनियन के प्रधान इंद्रपाल सिंह पाल के तौर पर हुई है। जबकि दूसरे शव की पहचान सेमुअल गिल, सीनियर फायर अफसर और तीसरा मृतक पूर्ण सिंह, फायर कर्मी के तौर पर हुई है। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवा दिए गए हैं। मौके पर डिप्टी कमिश्नर प्रदीप अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके समेत प्रशासन के तमाम अधिकारी पहुंच गए। डीसी प्रदीप अग्रवाल व पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने बताया कि प्रशासन की जेसीबी मशीनें, एंबुलेंस समेत सारे जरूरी इंतजाम किए गए हैं। ताकि तेजी से राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

काबिलेजिक्र है कि सोमवार को सुबह करीब साढ़े सात बजे प्लास्टिक के उत्पाद बनाने वाली फैक्टरी में अचानक आग लग गई। मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाना शुरू कर दिया। करीब बारह बजे आग पर काबू पाया गया। तब फायर ब्रिगेड के अफसर और कर्मचारी अंदर ही थे। चार मंजिला फैक्टरी के संचालक और कुछ अन्य लोग इकाई में अंदर मुआयना करने गए। तभी एक जोरदार धमाके के साथ पूरी इमारत ध्वस्त हो गई। इसके साथ ही मौके पर हाहाकार मच गया। तीन फायर अफसर सेमुअल गिल, राजिंदर शर्मा, राज कुमार के अलावा फायर कर्मी राजन, पूर्ण सिंह, सुखदेव सिंह, मनप्रीत के अलावा दलित नेता लक्ष्मण द्रविड़ समेत कई लोग अंदर फंस गए। जिनमें से दो सेमुअल गिल और पूर्ण सिंह को निकाला गया, जिन्हें डॉक्टरों ने अस्पताल में मृत बता दिया। बाहर खड़े फायर कर्मी अपने साथियों को बचाने की कोशिश करने लगे। आसपास के लोग भी उनका साथ देने लगे। मौके पर राहत कार्य के दौरान एक व्यक्ति को घायल हालत में निकाला गया है तथा उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया है। मलबे में दबे लोगों के परिजनों को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हर कोई अपनों की तलाश कर रहा था।

लोगों की भीड़ काबू करने में पुलिस ने की मशक्कत
मौके पर उमड़ी लोगों की भीड़ पर काबूृ करने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। पूरे इलाके को रस्सी लगा कर सील करने का प्रयास किया गया। दलित नेता के भी मलबे में फंसा होने की सूचना मिलने पर दलित समाज से जुड़े लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए।

जहरीले धुएं ने किया परेशान
इमारत के गिरने के बाद उसमें से लगातार जहरीला धुंआ निकलता रहा। उससे आसपास के लोगों और राहत कार्य में जुटी टीमों को भारी दिक्कत हुई। सांस लेने में दिक्कत, गले में खराश और आंखों में जलन की शिकायत रही। हालांकि मौके पर मास्क भी उपलब्ध कराए गए, लेकिन वे भी नाकाफी साबित हो रहे थे।

आसपास की फैक्टरी और घरों को कराया खाली
आग के कारण प्रशासन ने एहतियातन आसपास की फैक्ट्रियों और घरों को खाली करा लिया था। जब बिल्डिंग गिरी तो उसका मलबा साथ लगती इकाई और घरों में भी गिरा। नजदीक रहने वाले गुरदेव सिंह ने कहा कि इमारत के पीछे उनके घर हैं। आग के बाद उन्होंने घर खाली कर दिए। इसके बाद इमारत गिरी और उनका बचाव हो गया। उनके घरों पर इमारत का मलबा भी गिरा।

इमारत गिरने से चंद मिनट पहले ही बाहर आए थे कुछ लोग
प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाली इकाई में आग बुझने के बाद कुछ लोग अंदर गए। धमाके से पहले बाहर आए हरबीर सिंह का कहना है कि वे इमारत में हुए नुकसान को देखने के लिए अंदर पहली मंजिल तक गए थे। एक कमरे में खिड़की से धुआं निकल रहा था। तभी एक मजदूर ने अंदर लगा शटर उठाया और तेज धुंआ आया। इससे वह बाहर आ गए। बाहर आने के कुछ देर बाद ही जोरदार धमाका हुआ। जबरदस्त धुआं चारों तरफ फैल गया। पहले कुछ समझ नहीं आया, फिर जब धुआं छटा तो देखा की पूरी बिल्डिंग मलबे में तबदील हो गई थी। नजदीक ही ऑटो पार्ट्स एवं रिपेयर कारोबारी रॉकी का कहना है कि वे भी कुछ देर पहले ही इमारत में गए थे। लेकिन आग के कारण सीमेंट उखड़ रखा था। उन्हें अंदेशा हुआ और कुछ ही देर बाद इमारत भरभरा कर गिर गई। अनूप कुमार ने कहा कि वे इमारत के नजदीक ही खड़े थे। अचानक धमाके के साथ इमारत एकदम से नीचे गिर गई और चारों तरफ अफरा तफरी मच गई।

नेताओं के आने का सिलसिला जारी
घटना स्थल पर राजनीतिक दलों के नेताओं के आने का सिलसिला भी जारी रहा। सेहत मंत्री ब्रह्म महिंदरा के अलावा विधायक भारत भूषण आशू, संजय तलवार, सिमरजीत सिंह बैंस के अलावा लोक इंसाफ पार्टी के विपिन सूद काका, भाजपा के परवीन बांसल, इंद्र अग्रवाल, केके बावा सहित कई नेता पहुंचे। नेताओं के आने जाने से भी राहत एवं बचाव कार्य में अड़चन आती रही। नेताओं ने ऐसे हादसों से निपटने के लिए प्रशासन को नाकाम बताया। उनका कहना है कि ऐसे हादसों से निपटने के लिए उनके पास पर्याप्त साजो सामान नहीं है।


प्लास्टिक एसोसिएशन ने लगाया लापरवाही का आरोप
पंजाब प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रधान जीएस बतरा ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ही इतना बड़ा हादसा हो गया। प्रशासन ने वक्त रहते बचाव कार्य तेजी से शुरू नहीं कराया। इसलिए कई लोग मलबे के नीचे दबे रह गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed