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पटवारी व उसके प्राइवेट करिंदे के विश्वास पर अकाली पार्षद को हस्ताक्षर करना पडा महंगा
Updated Mon, 30 Apr 2018 10:32 PM IST
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फर्जी दस्तावेज तैयार कर हड़पी जमीन
अकाली पार्षद सहित तीन के खिलाफ केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
शहर की पत्ती महणा के पटवारी और उसके निजी करिंदे के विश्वास पर अकाली पार्षद को हस्ताक्षर करना महंगा पड़ गया। थाना सिविल लाइन पुलिस ने महिला तरुणा निवासी रूप नगर की शिकायत पर वार्ड नंबर 37 के अकाली पार्षद हरजिंदर सिंह, शिकायतकर्ता की नानी विद्या देवी व मामा प्रेम चंद निवासी गणेश नगर बठिंडा समेत तीन लोगों को धोखाधड़ी के केस में नामजद किया है। मामला दर्ज होने के बाद अकाली पार्षद का कहना था कि पटवारी गुरमेल सिंह व उसके प्राइवेट करिंदे अमृत सिंह के विश्वास पर ही उसने हस्ताक्षर किए थे। लेकिन अब पता चला कि पटवारी व उसका करिंदा फर्जी काम करने में माहिर है।
पुलिस के पास दर्ज शिकायत में रूप नगर निवासी महिला तरुणा ने बताया कि उसकी नानी विद्या और मामा प्रेम चंद निवासी गणेश नगर बठिंडा ने पार्षद हरजिंदर सिंह के साथ मिलकर प्लाट के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर उसे अपने नाम करवा लिया है। मामले की जांच एक वर्ष पहले पुलिस विभाग के ईओ विंग ने शुरू की गई थी। एक साल बाद अब ईओ विंग के सहायक थानेदार दर्शन सिंह ने महिला की शिकायत पर अकाली पार्षद, शिकायतकर्ता की नानी एवं मामा पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। इस संबंध में बातचीत करते हुए ईओ विंग के थानेदार दर्शन सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला व उसकी नानी और मामा के बीच प्लाट को लेकर झगड़ा चल रहा था। विद्या देवी व प्रेम चंद ने प्लाट के फर्जी दस्तावेज तैयार कर अकाली पार्षद की गवाही के बाद तहसील में प्लाट की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली थी।
धोखाधड़ी के केस में नामजद अकाली पार्षद हरजिंदर सिंह का कहना था कि वह न तो शिकायतकर्ता को जानते थे और न ही शिकायतकर्ता के रिश्तेदारों को, उन्होंने तो पटवारी गुरमेल सिंह व उसके प्राइवेट करिंदे अमृत सिंह के विश्वास पर तहसील में अपनी गवाही के तहत हस्ताक्षर किए थे। पार्षद ने आरोप लगाया कि अब उसने पटवारी गुरमेल सिंह की जांच की तो पता चला कि पटवारी और उसका निजी कारिंदा फर्जी काम में माहिर है। पार्षद ने कहा कि अब वह उक्त पटवारी व उसके प्राइवेट कारिंदे के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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पार्षद हरजिंदर सिंह की ओर से पटवारी गुरमेल सिंह व उसकेे प्राइवेट कारिंदे अमृत पर लगाए आरोपों के संबंध में जब पटवारी व उसके कारिंदे से संपर्क कर पक्ष जानना चाहा तो दोनों ने फोन नहीं उठाया ।
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अकाली पार्षद सहित तीन के खिलाफ केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
शहर की पत्ती महणा के पटवारी और उसके निजी करिंदे के विश्वास पर अकाली पार्षद को हस्ताक्षर करना महंगा पड़ गया। थाना सिविल लाइन पुलिस ने महिला तरुणा निवासी रूप नगर की शिकायत पर वार्ड नंबर 37 के अकाली पार्षद हरजिंदर सिंह, शिकायतकर्ता की नानी विद्या देवी व मामा प्रेम चंद निवासी गणेश नगर बठिंडा समेत तीन लोगों को धोखाधड़ी के केस में नामजद किया है। मामला दर्ज होने के बाद अकाली पार्षद का कहना था कि पटवारी गुरमेल सिंह व उसके प्राइवेट करिंदे अमृत सिंह के विश्वास पर ही उसने हस्ताक्षर किए थे। लेकिन अब पता चला कि पटवारी व उसका करिंदा फर्जी काम करने में माहिर है।
पुलिस के पास दर्ज शिकायत में रूप नगर निवासी महिला तरुणा ने बताया कि उसकी नानी विद्या और मामा प्रेम चंद निवासी गणेश नगर बठिंडा ने पार्षद हरजिंदर सिंह के साथ मिलकर प्लाट के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर उसे अपने नाम करवा लिया है। मामले की जांच एक वर्ष पहले पुलिस विभाग के ईओ विंग ने शुरू की गई थी। एक साल बाद अब ईओ विंग के सहायक थानेदार दर्शन सिंह ने महिला की शिकायत पर अकाली पार्षद, शिकायतकर्ता की नानी एवं मामा पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। इस संबंध में बातचीत करते हुए ईओ विंग के थानेदार दर्शन सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला व उसकी नानी और मामा के बीच प्लाट को लेकर झगड़ा चल रहा था। विद्या देवी व प्रेम चंद ने प्लाट के फर्जी दस्तावेज तैयार कर अकाली पार्षद की गवाही के बाद तहसील में प्लाट की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली थी।
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धोखाधड़ी के केस में नामजद अकाली पार्षद हरजिंदर सिंह का कहना था कि वह न तो शिकायतकर्ता को जानते थे और न ही शिकायतकर्ता के रिश्तेदारों को, उन्होंने तो पटवारी गुरमेल सिंह व उसके प्राइवेट करिंदे अमृत सिंह के विश्वास पर तहसील में अपनी गवाही के तहत हस्ताक्षर किए थे। पार्षद ने आरोप लगाया कि अब उसने पटवारी गुरमेल सिंह की जांच की तो पता चला कि पटवारी और उसका निजी कारिंदा फर्जी काम में माहिर है। पार्षद ने कहा कि अब वह उक्त पटवारी व उसके प्राइवेट कारिंदे के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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पार्षद हरजिंदर सिंह की ओर से पटवारी गुरमेल सिंह व उसकेे प्राइवेट कारिंदे अमृत पर लगाए आरोपों के संबंध में जब पटवारी व उसके कारिंदे से संपर्क कर पक्ष जानना चाहा तो दोनों ने फोन नहीं उठाया ।