{"_id":"5ca39820bdec2214391ee0a8","slug":"141554225184-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशा छुड़ाने के नाम पर युवाओं को बना रखा था बंधक, पुलिस ने छुड़वाया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नशा छुड़ाने के नाम पर युवाओं को बना रखा था बंधक, पुलिस ने छुड़वाया
विज्ञापन
नशा छुड़ाने के नाम पर बंधक बना रखे थे युवक
एक ही हॉल में बंद थे 24 युवक, परिजनों को नहीं मिलने देते थे प्रबंधक
नशा छुड़ाने के नाम पर की जाती थी मारपीट, किसी के हाथ पर लगी है चोट तो किसी की टांग पर है चोट
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। मालेरकोटला रोड स्थित गुरुद्वारा मंजी साहिब आलमगीर के पास बने नशा छुड़ाओ केंद्र में प्रबंधकों ने युवाओं को बंधक बना रखा था। नशा छोड़ने के नाम पर केंद्र में दाखिल हुए युवाओं से गंदा व्यवहार किया जाता था। उनके साथ मारपीट की जाती थी। उन्हें पीने के लिए गर्म पानी दिया जाता था और खाने के लिए उबले हुए चावल। केंद्र में युवकों के लिए कोई पंखा भी नहीं था। नशा छुड़ाने के नाम पर युवाओं के परिवार वालों से दस से 12 हजार रुपये प्रति महीना लिया जा रहा था। जब इस बात का पता सेहत विभाग और थाना डेहलों की पुलिस को लगा तो उन्होंने बाबा बुड्डा जी नशा मुक्ति विद्यालय के नशा छुड़ाओ केंद्र में छापामारी की और बंदी बनाए युवकों को छुड़वाया। सभी युवकों को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। इन युवकों में से किसी के हाथ पर चोट लगी थी तो किसी के पैर पर। थाना डेहलों की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार आलमगीर के पास बाबा बुड्डा जी नशा मुक्ति विद्यालय के नाम से नशा छुड़ाओं केंद्र है जहां पर डॉ. जगजीत सिंह कार्यरत हैं। नशा मुक्ति केंद्र में करीब 24 युवा दाखिल हैं। डाक्टर एक है। सभी को एक ही हाल में बंद किया हुआ था। केंद्र में दाखिल मंजीत नगर निवासी प्रदीप सिंह रॉकी, मोगा के सुखदेव सिंह, फिरोजपुर के बलजिंदर सिंह, जगरांव के राजदीप सिंह, मोगा के कुलदीप सिंह, अमृतसर के जगजीत सिंह ने बताया कि सभी युवकों को एक ही हाल में रखा हुआ था। उन्हें पीने के लिए गर्म पानी और कभी कभार सिर दर्द की गोली दे दी जाती थी। जब वह खाना मांगते तो उन्हें उबले हुए चावल तो कभी गुरुद्वारा साहिब से आया हुआ लंगर मिलता था। उन्हें उनके परिवार वालों से भी मिलने की इजाजत नहीं थी। नशा छुड़ाने के नाम पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। हाल के अंदर ही बाथरूम बना हुआ है। उन्हें नहाने भी नहीं दिया जाता था। उन्होंने कहा कि किसी को जब इस बारे में पता चला तो उनके परिजनों तक बात पहुंची। इसके बाद सेहत विभाग और थाना डेहलों की पुलिस ने वहां छापामारी कर उन्हें छुड़वाया है। थाना डेहलों के एसएचओ इंस्पेक्टर धर्मवीर ने बताया कि जांच की जा रही है। जो कसूरवार होगा उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
एक ही हॉल में बंद थे 24 युवक, परिजनों को नहीं मिलने देते थे प्रबंधक
नशा छुड़ाने के नाम पर की जाती थी मारपीट, किसी के हाथ पर लगी है चोट तो किसी की टांग पर है चोट
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। मालेरकोटला रोड स्थित गुरुद्वारा मंजी साहिब आलमगीर के पास बने नशा छुड़ाओ केंद्र में प्रबंधकों ने युवाओं को बंधक बना रखा था। नशा छोड़ने के नाम पर केंद्र में दाखिल हुए युवाओं से गंदा व्यवहार किया जाता था। उनके साथ मारपीट की जाती थी। उन्हें पीने के लिए गर्म पानी दिया जाता था और खाने के लिए उबले हुए चावल। केंद्र में युवकों के लिए कोई पंखा भी नहीं था। नशा छुड़ाने के नाम पर युवाओं के परिवार वालों से दस से 12 हजार रुपये प्रति महीना लिया जा रहा था। जब इस बात का पता सेहत विभाग और थाना डेहलों की पुलिस को लगा तो उन्होंने बाबा बुड्डा जी नशा मुक्ति विद्यालय के नशा छुड़ाओ केंद्र में छापामारी की और बंदी बनाए युवकों को छुड़वाया। सभी युवकों को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। इन युवकों में से किसी के हाथ पर चोट लगी थी तो किसी के पैर पर। थाना डेहलों की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार आलमगीर के पास बाबा बुड्डा जी नशा मुक्ति विद्यालय के नाम से नशा छुड़ाओं केंद्र है जहां पर डॉ. जगजीत सिंह कार्यरत हैं। नशा मुक्ति केंद्र में करीब 24 युवा दाखिल हैं। डाक्टर एक है। सभी को एक ही हाल में बंद किया हुआ था। केंद्र में दाखिल मंजीत नगर निवासी प्रदीप सिंह रॉकी, मोगा के सुखदेव सिंह, फिरोजपुर के बलजिंदर सिंह, जगरांव के राजदीप सिंह, मोगा के कुलदीप सिंह, अमृतसर के जगजीत सिंह ने बताया कि सभी युवकों को एक ही हाल में रखा हुआ था। उन्हें पीने के लिए गर्म पानी और कभी कभार सिर दर्द की गोली दे दी जाती थी। जब वह खाना मांगते तो उन्हें उबले हुए चावल तो कभी गुरुद्वारा साहिब से आया हुआ लंगर मिलता था। उन्हें उनके परिवार वालों से भी मिलने की इजाजत नहीं थी। नशा छुड़ाने के नाम पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। हाल के अंदर ही बाथरूम बना हुआ है। उन्हें नहाने भी नहीं दिया जाता था। उन्होंने कहा कि किसी को जब इस बारे में पता चला तो उनके परिजनों तक बात पहुंची। इसके बाद सेहत विभाग और थाना डेहलों की पुलिस ने वहां छापामारी कर उन्हें छुड़वाया है। थाना डेहलों के एसएचओ इंस्पेक्टर धर्मवीर ने बताया कि जांच की जा रही है। जो कसूरवार होगा उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन