अनोखी चुनाव मुहिम: पंजाब में वैक्सीनेशन कैंप और गारंटी फार्म भरकर वोटरों का डाटा जुटा रहे नेता
डाटा इकट्ठा कर नेता के पास व्हाट्सअप नंबर आ रहा है उसके बाद वह एक ब्रॉडकास्ट लिस्ट बनाते हैं और उसी के जरिये अपनी पोस्ट और जो गारंटियां वोटर को देनी होती हैं, वह दे रहे हैं।
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कोरोना काल के कारण चुनाव आयोग की तरफ से कई तरह की चुनाव प्रचार पर पाबंदियां लगा दी हैं। पंजाब में उम्मीदवारों को पांच लोगों को साथ लेकर डोर टू डोर और छोटी मीटिंग करने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन उम्मीदवार भी किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने भी चुनाव आयोग के इस फैसले को परवान चढ़ाने के लिए अपने प्रचार का ढंग बदल दिया है। वह ज्यादातर डोर टू डोर चुनाव प्रचार करने में जुटे हैं, वहीं कुछ उम्मीदवारों ने कोरोना वैक्सीनेशन का सहारा लेना शुरू कर दिया है। कोई कैंप लगवा रहा है तो कोई गारंटी फार्म भरवाकर वर्करों का डाटा इकट्ठा कर रहा है।
वैक्सीनेशन में हर व्यक्ति का पता और फोन नंबर लिया जा रहा है। वैसे ही फार्म भरवाते वक्त भी पूरी डिटेल ली जा रही है, जिसके बाद नेता कुछ साथियों के जरिये वोटरों तक पहुंचने में सफल हो रहे हैं। साथ ही चुनाव आयोग के फैसले के मुताबिक ही डिजिटल प्लेटफार्म पर ही प्रचार करने में जुटे हैं।
व्हाट्सअप और फेसबुक के जरिये वोटरों तक पहुंचने में जुटे नेता
डाटा इकट्ठा कर नेता के पास व्हाट्सअप नंबर आ रहा है उसके बाद वह एक ब्रॉडकास्ट लिस्ट बनाते हैं और उसी के जरिये अपनी पोस्ट और जो गारंटियां वोटर को देनी होती हैं, वह दे रहे हैं। इसके साथ-साथ वह सोशल मीडिया फेसबुक के जरिये भी इलाके के वोटरों तक पहुंच बनाने में जुटे है। अगर बात की जाए कि कौन सी पार्टी ऐसा प्रचार करने में सबसे आगे है तो आम आदमी पार्टी का नाम सबसे पहले लिया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने ही भगवंत मान को सीएम चेहरा घोषित करने के लिए ही लोगों से मिस्ड कॉल देने की बात की थी। जिसके बाद करीब पंजाब के 21 लाख लोगों के फोन नंबर आम आदमी पार्टी के पास पहुंच गए। आप के पास पुराना डिजिटल मीडिया का तजुर्बा है। अब इनकी राह पर दूसरी पार्टियां भी चल पड़ी हैं। बहुत से उम्मीदवारों ने पिछले कुछ समय में कोरोना वैक्सीनेशन कैंप के डाटा से मोबाइल नंबर लेकर वोटरों से संपर्क साधा है।
आप के उम्मीदवारों को केजरीवाल की गारंटियों का सहारा
आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को अरविंद केजरीवाल द्वारा दी गई गारंटियों का सहारा मिल रहा है। दरअसल, केजरीवाल द्वारा दी गई गारंटी के बाद विधानसभा क्षेत्र वाइज फार्म भरे गए थे। इन फार्मों पर लोगों के मोबाइल नंबर अंकित हैं। इन पर आप उम्मीदवारों के समर्थक फोन कर वोट मांग रहे हैं। इसके लिए बाकायदा सेटअप लगाया गया है। रोजाना 1000 के करीब लोगों से मोबाइल पर संपर्क किया जाता है। इसके अलावा उन्होंने अपने कार्यालय में काम करवाने आने वाले लोगों का भी मोबाइल नंबर डाटा लिया हुआ है और इस पर कॉलिंग भी की जा रही है। 2 साल में कोरोना ने कहर बरपाया है, इसलिए पिछले साल जनवरी में वैक्सीन के लिए कैंप लगाए गए थे। कांग्रेस को पता था कि यह कैंप उनके लिए फायदेमंद साबित होंगे, इसलिए कैंपों का डाटा जमा करने के लिए पार्षदों की ड्यूटी लगाई गई थी। इन कैंपों से उनके पास खासा मोबाइल नंबरों का डाटा इकट्ठा हो गया है और अब इसके सहारे ही डिजिटल प्रचार किया जा रहा है। वोटरों को पार्षद द्वारा करवाए गए काम याद करवाए जा रहे हैं।