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संस्कार के समय शव में हरकत
अमर उजाला, हलवारा (लुधियाना)
Updated Thu, 17 Oct 2013 10:18 PM IST
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लुधियना के गांव हलवारा में वीरवार को आश्चर्यजनक घटना हुई। सुबह दिल का दौरा पड़ने के बाद डाक्टरों ने एक 17 वर्षीय लड़के जगदीप सिंह को मृत घोषित कर दिया। दोपहर को संस्कार के वक्त उसके शरीर में हरकत से श्मशान घाट में खलबली मच गई।
11वीं के छात्र जगदीप को लकड़ियों से निकालकर फिर अस्पताल में ले गए, जहां डाक्टरों ने फिर से मृत घोषित कर दिया। देर शाम एक बाबा ने परिजनों को बताया कि बच्चे में प्राण नहीं है, इसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया।
जगदीप के पिता सुखराज ने कहा कि सुबह पांच बजे के करीब जगदीप अपने दोस्त के साथ जागिंग के लिए निकला था। कुछ ही दूर चलने पर वह गिर गया। उसे तुरंत निजी नर्सिंग होम में ले जाया गया। वहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन उनका दिल नहीं माना तो उसे रायकोट के निजी अस्पताल ले गए।
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वहां भी डाक्टरों ने उसे मृत बताया। तमाम रस्में पूरी करके दोपहर करीब डेढ़ बजे उसके अंतिम संस्कार के वक्त शरीर में हरकत हुई। इस पर सारे लोग हैरान रह गए। लोग बिना देरी किए उसे तुरंत अस्पताल ले गए। डाक्टर ने उसे फिर मृत घोषित कर दिया। उधर डाक्टर संजीव चोपड़ा का कहना है कि सुबह युवक का ब्रेन डेड हो चुका था।
मृत घोषित करने के बाद परिजनों ने शव को पीर बाबा लालां वालों की दरगाह पर रख दिया। परिवार एवं गांव वाले किसी करिश्मे का इंतजार कर रहे थे। देर शाम बाबा ने आकर युवक को मृत बताया। उसके बाद संस्कार किया गया।
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11वीं के छात्र जगदीप को लकड़ियों से निकालकर फिर अस्पताल में ले गए, जहां डाक्टरों ने फिर से मृत घोषित कर दिया। देर शाम एक बाबा ने परिजनों को बताया कि बच्चे में प्राण नहीं है, इसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया।
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जगदीप के पिता सुखराज ने कहा कि सुबह पांच बजे के करीब जगदीप अपने दोस्त के साथ जागिंग के लिए निकला था। कुछ ही दूर चलने पर वह गिर गया। उसे तुरंत निजी नर्सिंग होम में ले जाया गया। वहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन उनका दिल नहीं माना तो उसे रायकोट के निजी अस्पताल ले गए।
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वहां भी डाक्टरों ने उसे मृत बताया। तमाम रस्में पूरी करके दोपहर करीब डेढ़ बजे उसके अंतिम संस्कार के वक्त शरीर में हरकत हुई। इस पर सारे लोग हैरान रह गए। लोग बिना देरी किए उसे तुरंत अस्पताल ले गए। डाक्टर ने उसे फिर मृत घोषित कर दिया। उधर डाक्टर संजीव चोपड़ा का कहना है कि सुबह युवक का ब्रेन डेड हो चुका था।
मृत घोषित करने के बाद परिजनों ने शव को पीर बाबा लालां वालों की दरगाह पर रख दिया। परिवार एवं गांव वाले किसी करिश्मे का इंतजार कर रहे थे। देर शाम बाबा ने आकर युवक को मृत बताया। उसके बाद संस्कार किया गया।