{"_id":"102-38908","slug":"Ludhiana-38908-102","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेरका को दस हजार लीटर दूध की आपूर्ति करेंगे कम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेरका को दस हजार लीटर दूध की आपूर्ति करेंगे कम
Ludhiana
Updated Fri, 28 Jun 2013 05:30 AM IST
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लुधियाना। प्रोग्रेसिव डेयरी फामर्स एसोसिएशन (पीडीएफए) के बैनर तले लुधियाना में वेरका को रोजाना 55 से 60 हजार लीटर दूध की आपूर्ति करने वाले किसान 28 जून से दस हजार लीटर दूध की आपूर्ति कम करेंगे। किसानों ने सरकारी और निजी क्षेत्र के मिल्क प्लांटों की नीतियों से तंग आकर अपना नया मिल्क प्लांट शुरू किया है। इस प्लांट के जरिए किसान ला-प्योर ब्रांड के तहत मार्केट में दूध और दुग्ध उत्पाद की मार्के टिंग करेंगे। वीरवार को पीडीएफए के प्रेसिडेंट दलजीत सिंह सदरपुरा ने कहा कि उपभोक्ताओं को शुद्ध और उच्च क्वालिटी का दूध प्रतिस्पर्धात्मक कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा।
सदरपुरा ने कहा कि पिछले साल कच्चे माल और अन्य इनपुट लागत बढ़ने से किसानों की लागत में इजाफा हुआ, लेकिन प्लांटों ने दूध प्रोक्योर करने की कीमतों में कमी कर दी। ऐसे में किसानों को डेयरी में जबरदस्त नुकसान हुआ। तभी पीडीएफए ने अपने ब्रांड के तहत मार्के ट में दूध और दूध उत्पाद बेचने की ठान ली।
सदरपुर ने कहा कि पीडीएफए के तहत जिले में छह हजार किसान रोजाना सवा लाख लीटर दूध प्रोक्योर कर रहे हैं। इसमें से 55 से साठ हजार लीटर वेरका को दिया जा रहा है, लेकिन अब खुद का प्लांट लगने से अन्य प्लांटों को दूध की आपूर्ति कम कर दी जाएगी। शुरुआती दौर में वेरका को दस हजार लीटर दूध की आपूर्ति कम की जाएगी, धीरे धीरे पचास हजार लीटर दूध की आपूर्ति कम कर दी जाएगी।
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सदरपुर ने कहा कि प्र्रोग्रेसिव डेयरी सोल्यूशन के मिल्क प्लांट की प्रथम चरण में क्षमता एक लाख लीटर की है। पीडीएफए के किसान सदस्य पंजाब में रोजाना 12 लाख लीटर दूध प्रोक्योर कर रहे हैं। अगले साल तक पीडीएफए पांच लाख लीटर की क्षमता का दूसरा प्लांट भी शुरू कर देगा। इस अवसर पर महाप्रबंधक मुनीश शर्मा समेत कई किसान भी मौजूद रहे।
कोट
मिल्क प्लांट रोजाना सवा दो लाख लीटर से अधिक दूध प्रोक्योर कर रहा है। मिल्क प्लांट के साथ बड़ी संख्या में किसान जुड़े हैं। कुछ हजार लीटर की आपूर्ति कम होने से प्लांट को कोई फर्क नहीं पड़ता। वेरका को दूध की कोई कमी नहीं है। वेरका लोगों की संस्था है और लोगों के लिए ही काम कर रही है। जनता को उच्च क्वालिटी का दूध एवं दूध उत्पाद मुहैया कराए जा रहे हैं।
-चेयरमैन अजमेर सिंह भागपुर, वेरका मिल्क प्लांट लुधियाना
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सदरपुरा ने कहा कि पिछले साल कच्चे माल और अन्य इनपुट लागत बढ़ने से किसानों की लागत में इजाफा हुआ, लेकिन प्लांटों ने दूध प्रोक्योर करने की कीमतों में कमी कर दी। ऐसे में किसानों को डेयरी में जबरदस्त नुकसान हुआ। तभी पीडीएफए ने अपने ब्रांड के तहत मार्के ट में दूध और दूध उत्पाद बेचने की ठान ली।
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सदरपुर ने कहा कि पीडीएफए के तहत जिले में छह हजार किसान रोजाना सवा लाख लीटर दूध प्रोक्योर कर रहे हैं। इसमें से 55 से साठ हजार लीटर वेरका को दिया जा रहा है, लेकिन अब खुद का प्लांट लगने से अन्य प्लांटों को दूध की आपूर्ति कम कर दी जाएगी। शुरुआती दौर में वेरका को दस हजार लीटर दूध की आपूर्ति कम की जाएगी, धीरे धीरे पचास हजार लीटर दूध की आपूर्ति कम कर दी जाएगी।
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सदरपुर ने कहा कि प्र्रोग्रेसिव डेयरी सोल्यूशन के मिल्क प्लांट की प्रथम चरण में क्षमता एक लाख लीटर की है। पीडीएफए के किसान सदस्य पंजाब में रोजाना 12 लाख लीटर दूध प्रोक्योर कर रहे हैं। अगले साल तक पीडीएफए पांच लाख लीटर की क्षमता का दूसरा प्लांट भी शुरू कर देगा। इस अवसर पर महाप्रबंधक मुनीश शर्मा समेत कई किसान भी मौजूद रहे।
कोट
मिल्क प्लांट रोजाना सवा दो लाख लीटर से अधिक दूध प्रोक्योर कर रहा है। मिल्क प्लांट के साथ बड़ी संख्या में किसान जुड़े हैं। कुछ हजार लीटर की आपूर्ति कम होने से प्लांट को कोई फर्क नहीं पड़ता। वेरका को दूध की कोई कमी नहीं है। वेरका लोगों की संस्था है और लोगों के लिए ही काम कर रही है। जनता को उच्च क्वालिटी का दूध एवं दूध उत्पाद मुहैया कराए जा रहे हैं।
-चेयरमैन अजमेर सिंह भागपुर, वेरका मिल्क प्लांट लुधियाना