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स्कूल से आते हुए बस में ही सो गई तीन साल की बच्ची, ड्राइवर बस लॉक कर खुद चला गया घर
Updated Wed, 18 Jul 2018 10:38 PM IST
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स्कूल से आते हुए बस में सो गई बच्ची, ड्राइवर बस लॉक कर चला गया घर
घबराई बच्ची ने की उल्टियां, पुलिस मुलाजिमों ने देखा तो बच्ची को निकाला बाहर
वैन में बच्ची को न देख परिजनों के उड़े होश, बस के पास पहुंचे तो मुलाजिमों के पास थी बच्ची
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। भाई रणधीर सिंह नगर स्थित एक निजी स्कूल में नर्सरी क्लास में पढ़ने वाली तीन साल की बच्ची घर जाते समय बस में ही सो गई। बस चालक की लापरवाही से बच्ची बस में ही रह गई और वह खुद बस को लॉक कर घर चला गया। बच्ची जब उठी तो वह खुद को अकेला देख घबरा गई और रोने लगी। इस दौरान वहां मौजूद दो पुलिस मुलाजिमों ने बच्ची को बस में अकेले देखा और उसे किसी तरह से चुप कराया। बच्ची को उन्होंने समझाया तो बच्ची ने किसी तरह ड्राइविंग सीट का शीशा कुछ खोला। बाकी शीशा तोड़ मुलाजिमों ने बच्ची को बाहर निकाला। जब तक वह बच्ची के परिजनों को सूचना देते, घर पहुंची वैन में बच्ची को न देख परिजन भी वहां पहुंच गए। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस के पास दी है। थाना डिविजन दो की पुलिस ने मामले जांच शुरू कर दी है।
मोहर सिंह नगर के रहने वाले भूपिंदर सिंह ने बताया कि उनकी तीन साल की बेटी हरनूर कौर (3) भाई रणधीर सिंह नगर स्थित एक कान्वेंट स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ती है। वह रोजाना बस द्वारा स्कूल से वापस आती है। आगे बस वाले ने एक छोटी वैन वाले को रखा हुआ जो सिविल अस्पताल तक बस से और आगे वैन से लेकर घर आते हैं। भूपिंदर सिंह के अनुसार वैन वाला रोजाना गली के बाहर आकर उन्हें फोन कर देता है ताकि बच्चों को रिसीव कर लिया जाए। मंगलवार को वैन वाला वहां आता तो उसने फोन किया। जब वह बच्ची को लेने के लिए आए तो बच्ची वैन में नहीं थी। वह सब घबरा गए। जब बच्ची के बारे में पूछा गया तो ड्राइवर ने कहा कि उसे कुछ मालूम नहीं है, वह बस वाले से पूछे। आनन फानन में वह सिविल अस्पताल के सामने ग्राउंड में खड़ी बस के पास पहुंचे तो वहां बच्ची पुलिस मुलाजिमों के पास खड़ी थी।
बस में आधे घंटे बाद खुली नींद
भूपिंदर सिंह के अनुसार बच्ची आते हुए बस में सो गई। ड्राइवर ने सिविल अस्पताल के पास बच्चे बस में से वैन में शिफ्ट कर दिए, लेकिन उसे बच्ची के सोने का पता नहीं चला। वह बस को सिविल अस्पताल के सामने ग्राउंड में खड़ा कर खुद चला गया। बच्ची की करीब आधे घंटे बाद नींद खुली तो वह खुद को अकेला देख घबरा गई। वह रोने लगी। घबराई हालत में बच्ची ने वहां उल्टियां कर दी। बच्ची ने खुद ही अपनी बोतल निकाल कर पानी पिया तो उसने शीशे पर हाथ मारा। बच्ची को शीशे पर हाथ मारते हुए वहां खड़े दो पुलिस मुलाजिमों ने देख लिया। पुलिस मुलाजिम तुरंत बस के पास पहुंचे। मगर बस को ताला लगा हुआ था। जिस कारण वह भी कुछ नहीं कर पाए। उन्होंने बच्ची को किसी तरह से शांत किया और उसे कुछ हिदायतें दी और धीरे धीरे ड्राइविंग सीट तक लाए। उन्होंने बच्ची से ड्राइविंग सीट वाला शीशा कुछ खुलवाया। बच्ची से शीशा पूरा नहीं खुला तो मुलाजिम ने हाथ अंदर घुसा कर शीशा तोड़ दिया। जिसके बाद बच्ची को बाहर निकाला।
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ड्राइवर और स्कूल वालों से नहीं हुआ संपर्क
भूपिंदर सिंह के अनुसार बच्ची के वैन में न होने के बाद वह बस के पास पहुंचे तो बच्ची मुलाजिमों के पास थी वह उसे पानी पिलाने के बाद बिस्कुट खिला चुके थे। मुलाजिमों ने उन्हें सारी बात बताई और कहा कि वह उन्हें फोन करने ही वाले थे। भूपिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि वह बस ड्राइवर और स्कूल प्रशासन से संपर्क करते रहे, लेकिन किसी का फोन नहीं मिला। उन्होंने इसकी शिकायत थाना डिविजन दो की पुलिस के पास की है। थाना डिविजन दो के एसएचओ इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह ने बताया कि उनके पास मामले की शिकायत आ चुकी है। परिवार वाले कार्रवाई करवाना चाहते है तो बस वाले पर कार्रवाई की जाएगी।
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घबराई बच्ची ने की उल्टियां, पुलिस मुलाजिमों ने देखा तो बच्ची को निकाला बाहर
वैन में बच्ची को न देख परिजनों के उड़े होश, बस के पास पहुंचे तो मुलाजिमों के पास थी बच्ची
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। भाई रणधीर सिंह नगर स्थित एक निजी स्कूल में नर्सरी क्लास में पढ़ने वाली तीन साल की बच्ची घर जाते समय बस में ही सो गई। बस चालक की लापरवाही से बच्ची बस में ही रह गई और वह खुद बस को लॉक कर घर चला गया। बच्ची जब उठी तो वह खुद को अकेला देख घबरा गई और रोने लगी। इस दौरान वहां मौजूद दो पुलिस मुलाजिमों ने बच्ची को बस में अकेले देखा और उसे किसी तरह से चुप कराया। बच्ची को उन्होंने समझाया तो बच्ची ने किसी तरह ड्राइविंग सीट का शीशा कुछ खोला। बाकी शीशा तोड़ मुलाजिमों ने बच्ची को बाहर निकाला। जब तक वह बच्ची के परिजनों को सूचना देते, घर पहुंची वैन में बच्ची को न देख परिजन भी वहां पहुंच गए। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस के पास दी है। थाना डिविजन दो की पुलिस ने मामले जांच शुरू कर दी है।
मोहर सिंह नगर के रहने वाले भूपिंदर सिंह ने बताया कि उनकी तीन साल की बेटी हरनूर कौर (3) भाई रणधीर सिंह नगर स्थित एक कान्वेंट स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ती है। वह रोजाना बस द्वारा स्कूल से वापस आती है। आगे बस वाले ने एक छोटी वैन वाले को रखा हुआ जो सिविल अस्पताल तक बस से और आगे वैन से लेकर घर आते हैं। भूपिंदर सिंह के अनुसार वैन वाला रोजाना गली के बाहर आकर उन्हें फोन कर देता है ताकि बच्चों को रिसीव कर लिया जाए। मंगलवार को वैन वाला वहां आता तो उसने फोन किया। जब वह बच्ची को लेने के लिए आए तो बच्ची वैन में नहीं थी। वह सब घबरा गए। जब बच्ची के बारे में पूछा गया तो ड्राइवर ने कहा कि उसे कुछ मालूम नहीं है, वह बस वाले से पूछे। आनन फानन में वह सिविल अस्पताल के सामने ग्राउंड में खड़ी बस के पास पहुंचे तो वहां बच्ची पुलिस मुलाजिमों के पास खड़ी थी।
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बस में आधे घंटे बाद खुली नींद
भूपिंदर सिंह के अनुसार बच्ची आते हुए बस में सो गई। ड्राइवर ने सिविल अस्पताल के पास बच्चे बस में से वैन में शिफ्ट कर दिए, लेकिन उसे बच्ची के सोने का पता नहीं चला। वह बस को सिविल अस्पताल के सामने ग्राउंड में खड़ा कर खुद चला गया। बच्ची की करीब आधे घंटे बाद नींद खुली तो वह खुद को अकेला देख घबरा गई। वह रोने लगी। घबराई हालत में बच्ची ने वहां उल्टियां कर दी। बच्ची ने खुद ही अपनी बोतल निकाल कर पानी पिया तो उसने शीशे पर हाथ मारा। बच्ची को शीशे पर हाथ मारते हुए वहां खड़े दो पुलिस मुलाजिमों ने देख लिया। पुलिस मुलाजिम तुरंत बस के पास पहुंचे। मगर बस को ताला लगा हुआ था। जिस कारण वह भी कुछ नहीं कर पाए। उन्होंने बच्ची को किसी तरह से शांत किया और उसे कुछ हिदायतें दी और धीरे धीरे ड्राइविंग सीट तक लाए। उन्होंने बच्ची से ड्राइविंग सीट वाला शीशा कुछ खुलवाया। बच्ची से शीशा पूरा नहीं खुला तो मुलाजिम ने हाथ अंदर घुसा कर शीशा तोड़ दिया। जिसके बाद बच्ची को बाहर निकाला।
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ड्राइवर और स्कूल वालों से नहीं हुआ संपर्क
भूपिंदर सिंह के अनुसार बच्ची के वैन में न होने के बाद वह बस के पास पहुंचे तो बच्ची मुलाजिमों के पास थी वह उसे पानी पिलाने के बाद बिस्कुट खिला चुके थे। मुलाजिमों ने उन्हें सारी बात बताई और कहा कि वह उन्हें फोन करने ही वाले थे। भूपिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि वह बस ड्राइवर और स्कूल प्रशासन से संपर्क करते रहे, लेकिन किसी का फोन नहीं मिला। उन्होंने इसकी शिकायत थाना डिविजन दो की पुलिस के पास की है। थाना डिविजन दो के एसएचओ इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह ने बताया कि उनके पास मामले की शिकायत आ चुकी है। परिवार वाले कार्रवाई करवाना चाहते है तो बस वाले पर कार्रवाई की जाएगी।