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सरकारी तंत्र की सुस्ती से जूझ रहा है सुनाम का एतिहासिक ओलंपिक स्टेडियम

Sun, 09 Jul 2017 10:19 PM IST
Updated Sun, 09 Jul 2017 10:19 PM IST
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सरकारी तंत्र की सुस्ती से जूझ रहा है सुनाम का एतिहासिक ओलंपिक स्टेडियम
ओलंपिक स्टेडियम की मरम्मत में सुस्ती
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सुनाम (संगरूर)। शहीद ऊधम सिंह के नाम पर बने ओलंपिक स्टेडियम की मरम्मत सरकारी तंत्र की सुस्ती का शिकार है। करीब डेढ़ वर्ष पहले दो करोड रुपये से शुरू हुआ मरम्मत का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इससे खिलाड़ियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। इतना ही नहीं स्टेडियम के भीतर बने फुटबाल मैदान घास नहीं लगाई गई है। परेशान खिलाड़ी अब खुद अपैसे का जुगाड़ करके घास लगाने को विवश हैं। कई अन्य काम भी अधूरे पडे़ हैं।
इस स्टेडियम ने देश को कई महान खिलाड़ी दिए हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय धाविका सुनीता रानी, फुटबाल खिलाड़ी दरबारा सिंह और महां सिंह शामिल हैं। 43 वर्ष पहले पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्ञानी जैल सिंह (पूर्व राष्ट्रपति) ने इंग्लैंड से शहीद ऊधम सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक शहर में मंगवाकर इसी स्टेडियम में अंतिम संस्कार कराया था।
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शहीद ऊधम सिंह फुटबाल क्लब के अध्यक्ष व पार्षद ऋषीपाल ने बताया कि स्टेडियम मात्र खेलने का स्थान नहीं है बल्कि इसके साथ इतिहास जुड़ा है। ऐसे में यहां अधूरा काम खिलाड़ियों को परेशान कर रहा है। फुटबाल मैदान में घास तक नहीं लगाया गई है। खिलाड़ी अपनी जेब से पैसा खर्च करके खुद ही घास लगा रहे हैं। स्टेडियम में लावारिस पशु घूमते रहते हैं। गंदगी का आलम है। खिलाड़ी मनदीप सिंह, सुनील कुमार, विजय कुमार, रवि कुमार, सूरज कुमार ने सरकार से मांग की कि इस स्टेडियम की मरम्मत का काम तुरंत पूरा कराया जाए।
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