{"_id":"5a16fdb04f1c1b4e718b5124","slug":"191511456176-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीण श्रमिकों की आर्थिक हालत सुधरने को सरकार गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीण श्रमिकों की आर्थिक हालत सुधरने को सरकार गंभीर
Updated Thu, 23 Nov 2017 10:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रामीण श्रमिकों के कर्ज माफ करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। सर्किट हाउस में वीरवार को सूबा सरकार की उच्चस्तरीय विधायकों एवं अधिकारियों की कमेटी ने पंजाब खेत मजदूर सभा एवं कुल हिंद खेत मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों से बैठक की। इसकी अध्यक्षता कमेटी के चेयरमैन सुख सरकारिया एवं कुलजीत सिंह नागरा ने की। इस दौरान गांवों में रह रहे श्रमिकों की मुश्किलों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद कमेटी ने कहा कि इन श्रमिकों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने ग्रामीण श्रमिकों की हर समस्या के बारे में कमेटी को जानकारी दी। साथ ही मांग की कि इन श्रमिकों के कर्ज भी माफ किए जाएं। इनकी आत्महत्याएं रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाएं। आत्महत्याएं कर चुके खेत मजदूरों के परिजनों को उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए दस-दस लाख रुपये की सहायता एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। इसके अलावा भी श्रमिकों की कई दिक्कतों के बारे पदाधिकारियों ने कमेटी को अवगत कराया। कमेटी ने भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों पर अमल के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान गुलजार सिंह गोरिया और राम सिंह नूरपुरी समेत कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। सर्किट हाउस में वीरवार को सूबा सरकार की उच्चस्तरीय विधायकों एवं अधिकारियों की कमेटी ने पंजाब खेत मजदूर सभा एवं कुल हिंद खेत मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों से बैठक की। इसकी अध्यक्षता कमेटी के चेयरमैन सुख सरकारिया एवं कुलजीत सिंह नागरा ने की। इस दौरान गांवों में रह रहे श्रमिकों की मुश्किलों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद कमेटी ने कहा कि इन श्रमिकों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने ग्रामीण श्रमिकों की हर समस्या के बारे में कमेटी को जानकारी दी। साथ ही मांग की कि इन श्रमिकों के कर्ज भी माफ किए जाएं। इनकी आत्महत्याएं रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाएं। आत्महत्याएं कर चुके खेत मजदूरों के परिजनों को उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए दस-दस लाख रुपये की सहायता एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। इसके अलावा भी श्रमिकों की कई दिक्कतों के बारे पदाधिकारियों ने कमेटी को अवगत कराया। कमेटी ने भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों पर अमल के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान गुलजार सिंह गोरिया और राम सिंह नूरपुरी समेत कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन