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किसान परिवार ने किया जलील, खेत मजदूर ने निगला जहर
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:46 PM IST
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मालिक ने लगाई फटकार, मजदूर ने दी जान
चार लोगों पर केस, किसान के यहां मजदूरी करता था गुरप्रीत
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर। मालिक को बिना बताए विवाह समागम में जाने की कीमत एक खेत मजदूर को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। मालिक ने उसे इतना भला बुरा कहा कि उसने जहर निगल लिया। पुलिस ने पीड़ित परिवार के बयान पर मालिक समेत चार लोगाें के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना संगरूर के गांव जलूर की है।
गांव जलूर निवासी जसवीर सिंह ने बताया कि उसका भाई गुरप्रीत सिंह (32) गांव के ही एक किसान के साथ खेत मजदूरी करता था। वह अविवाहित था। बीते दिनों उन्हीं के गांव में शादी थी। गुरप्रीत किसान को बिना बताए वहां चला गया। इससे किसान काफी नाराज हो गया। जब गुरप्रीत सिंह काम पर लौटा तो किसान और उसके परिवार के लोगों ने उसे काफी भला बुरा कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरप्रीत को खेत में जाकर मारा पीटा भी गया। इसके बाद उससे खेत में फसल पर दवा का छिड़काव भी करवाया गया। घटना से गुरप्रीत सिंह इतना आहत हो गया कि उसने जहरीली दवा पी ली। इसका पता जब गुरप्रीत के परिवार वालों को चला तो उन्होंने तुरंत किसान के परिवार को बताया। उन्होंने उसे अस्पताल ले जाने के लिए गाड़ी मांगी लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। बाद में अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।
मामले के जांच अधिकारी थाना लहरा के एएसआई सत प्रकाश ने बताया कि मजदूर के परिवार वालों के बयानों के आधार पर पुलिस ने किसान किरपाल सिंह, उसके पुत्र निर्मल सिंह और पुत्र वधु मलकीत कौर समेत चार पर केस दर्ज कर लिया है।
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वहीं जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के लहरा ब्लॉक के नेता बलवीर सिंह जलूर का कहना है कि दलितों पर अत्याचार दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। दलितों को उनके अधिकार देने की बजाय छीनने की कोशिश की जा रही है। यदि किसी दलित की मौत होती है तो उसे गंभीरता से लेने की बजाए चंद रुपये देकर राजीनामा करवाने पर जोर दिया जाता है।
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फोटो:21एसजीआरपी03 गुरप्रीत सिंह की फोटो।
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चार लोगों पर केस, किसान के यहां मजदूरी करता था गुरप्रीत
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर। मालिक को बिना बताए विवाह समागम में जाने की कीमत एक खेत मजदूर को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। मालिक ने उसे इतना भला बुरा कहा कि उसने जहर निगल लिया। पुलिस ने पीड़ित परिवार के बयान पर मालिक समेत चार लोगाें के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना संगरूर के गांव जलूर की है।
गांव जलूर निवासी जसवीर सिंह ने बताया कि उसका भाई गुरप्रीत सिंह (32) गांव के ही एक किसान के साथ खेत मजदूरी करता था। वह अविवाहित था। बीते दिनों उन्हीं के गांव में शादी थी। गुरप्रीत किसान को बिना बताए वहां चला गया। इससे किसान काफी नाराज हो गया। जब गुरप्रीत सिंह काम पर लौटा तो किसान और उसके परिवार के लोगों ने उसे काफी भला बुरा कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरप्रीत को खेत में जाकर मारा पीटा भी गया। इसके बाद उससे खेत में फसल पर दवा का छिड़काव भी करवाया गया। घटना से गुरप्रीत सिंह इतना आहत हो गया कि उसने जहरीली दवा पी ली। इसका पता जब गुरप्रीत के परिवार वालों को चला तो उन्होंने तुरंत किसान के परिवार को बताया। उन्होंने उसे अस्पताल ले जाने के लिए गाड़ी मांगी लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। बाद में अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।
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मामले के जांच अधिकारी थाना लहरा के एएसआई सत प्रकाश ने बताया कि मजदूर के परिवार वालों के बयानों के आधार पर पुलिस ने किसान किरपाल सिंह, उसके पुत्र निर्मल सिंह और पुत्र वधु मलकीत कौर समेत चार पर केस दर्ज कर लिया है।
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वहीं जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के लहरा ब्लॉक के नेता बलवीर सिंह जलूर का कहना है कि दलितों पर अत्याचार दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। दलितों को उनके अधिकार देने की बजाय छीनने की कोशिश की जा रही है। यदि किसी दलित की मौत होती है तो उसे गंभीरता से लेने की बजाए चंद रुपये देकर राजीनामा करवाने पर जोर दिया जाता है।
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फोटो:21एसजीआरपी03 गुरप्रीत सिंह की फोटो।