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आरोपी निर्भय सिंह के हक में खड़े हुए उसके गांव के लोग
Updated Fri, 16 Jun 2017 09:15 PM IST
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आरोपी निर्भय सिंह के हक में आए उसके गांव के लोग
कांस्टेबल अमनप्रीत कौर की आत्महत्या का मामला फिर गरमाया
गांव आंडलू की पंचायत और ग्रामीणों ने किया संघर्ष का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)।
थाना जोधा की कांस्टेबल अमनप्रीत कौर के आत्महत्या करने के मामले में नामजद आरोपी मुख्य मुंशी निर्भय सिंह के हक में उसके गांव आंडलू की पंचायत और ग्रामीणों ने संघर्ष का एलान कर दिया है। इससे अब माहौल और भी गरमा गया है। पुलिस प्रशासन को अब दो मोर्चों पर लड़ाई लड़नी होगी।
वीरवार रात संघर्ष कमेटी एवं बहुजन मुक्ति मोर्चा के बैनर तले कस्बा गुरुसर सुधार बाजार में सिपाही अमनप्रीत कौर को इंसाफ दिलवाने के लिए आप नेता प्रोफेसर तेजपाल सिंह, पंजाब इंकलाब केंद्र के नेता कंवलजीत खन्ना, डीटीएफ के नेता जसबीर सिंह अकालगढ़, चरपण सिंह नूरपुरा, जोगिंदर आजाद और बलदेव सिंह बुर्ज की अगवाई में कैंडल मार्च निकाला गया। दूसरी तरफ शुक्रवार को गांव आंडलू में मामले में आरोपी मुख्य मुंशी निर्भय सिंह के हक में कई लोग इकट्ठे हो गए।
मृतक सिपाही अमनप्रीत कौर के इंसाफ दिलवाने के लिए निकाले कैंडल मार्च में आरोपी निर्भय सिंह को सजा दिलवाने तक संघर्ष जारी रखने के नारे लगे तो दूसरी तरफ गांव आंडलू में निर्भय सिंह को बेकसूर बताते हुए उसे बचाने के लिए लामबंद हुए गांव वासियों ने संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी।
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गांव आंडलू के सरपंच बचितर सिंह, पूर्व सरपंच गुरमेल सिंह, पूर्व सरपंच इंद्रजीत सिंह सहित पंचायत और ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस ने जनता के आक्रोश के दबाव में निर्भय सिंह पर झूठा मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। पूर्व सरपंच गुरमेल सिंह ने कहा कि नौ जून को थाना जोधा में आत्महत्या करने से पहले सिपाही अमनप्रीत कौर द्वारा जो वाट्सअप संदेश अपनी सहेली अमृत को किए गए, उसमें साफ लिखा है कि वह सुधार बाजार के लड़के जस्स से परेशान होकर आत्महत्या कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने खुद यह संदेश उन्हें दिखाए हैं। इसके बावजूद निर्भय सिंह पर मामला खारिज नहीं किया जा रहा। सरपंच बचितर सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया साइट्स पर निर्भय सिंह के खिलाफ झूठा प्रचार कर उसके और परिवार की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है। गांव आंडलू वासियों ने एक हस्ताक्षर मुहिम चलाकर निर्भय सिंह के हक में उच्चाधिकारियों तक पहुंच करने की बात भी कही।
निर्भय सिंह के पिता अवतार सिंह और उसकी पत्नी मनमोहन कौर ने कहा कि अगर निर्भय सचमुच आरोपी है तो बेशक उसे फांसी दे दी जाए नहीं तो उन्हें इंसाफ मिलना चाहिए। मनमोहन कौर ने कहा कि उनके बेटे जसजीत सिंह और शानवीर सिंह सदमे में हैं। सोशल मीडिया साइट्स के प्रचार ने आरोप सिद्ध होने से पहले ही उनके पति को सजा भी सुना दी। उन्होंने पुलिस प्रशासन और पंजाब सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर उन्हें इंसाफ न मिला तो गांव आंडलू वासी भी सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेंगे।
दूसरी तरफ सिपाही अमनप्रीत कौर को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों ने कैंडल मार्च करने के बाद सुधार बाजार की धर्मशाला में जनसभा की। वक्ताओं ने इंसाफ मिलने तक लड़ने का एलान किया। सिपाही अमनप्रीत कौर के परिजन अब भी इस बात पर अड़े है कि उसने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसकी हत्या कर शव टांगा गया है।
18 जून को गांव खंडूर के गुरुद्वारा साहिब में अमनप्रीत कौर की आत्मिक शांति के लिए रखे पाठ का भोग डाला जाएगा। पुलिस प्रशासन कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है। लुधियाना देहाती के अलावा अन्य तीन चार पुलिस जिला की फोर्स को मंगवा लिया गया है। खंडूर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी की जाएगी। जोधा में हुड़दंग मचाकर सिपाही विजय कुमार की पिटाई करने और पुलिस फोर्स की बस में तोड़फोड़ करने वाले कई लोगों की पहचान हो चुकी है। उन्हें भोग कार्यक्रम से दूर रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। एसएसपी सुरजीत सिंह ने खंडूर की पंचायत और संघर्ष कमेटी के नेताओं से मिलकर भोग समागम में शांति बनाए रखने की अपील की।
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कांस्टेबल अमनप्रीत कौर की आत्महत्या का मामला फिर गरमाया
गांव आंडलू की पंचायत और ग्रामीणों ने किया संघर्ष का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)।
थाना जोधा की कांस्टेबल अमनप्रीत कौर के आत्महत्या करने के मामले में नामजद आरोपी मुख्य मुंशी निर्भय सिंह के हक में उसके गांव आंडलू की पंचायत और ग्रामीणों ने संघर्ष का एलान कर दिया है। इससे अब माहौल और भी गरमा गया है। पुलिस प्रशासन को अब दो मोर्चों पर लड़ाई लड़नी होगी।
वीरवार रात संघर्ष कमेटी एवं बहुजन मुक्ति मोर्चा के बैनर तले कस्बा गुरुसर सुधार बाजार में सिपाही अमनप्रीत कौर को इंसाफ दिलवाने के लिए आप नेता प्रोफेसर तेजपाल सिंह, पंजाब इंकलाब केंद्र के नेता कंवलजीत खन्ना, डीटीएफ के नेता जसबीर सिंह अकालगढ़, चरपण सिंह नूरपुरा, जोगिंदर आजाद और बलदेव सिंह बुर्ज की अगवाई में कैंडल मार्च निकाला गया। दूसरी तरफ शुक्रवार को गांव आंडलू में मामले में आरोपी मुख्य मुंशी निर्भय सिंह के हक में कई लोग इकट्ठे हो गए।
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मृतक सिपाही अमनप्रीत कौर के इंसाफ दिलवाने के लिए निकाले कैंडल मार्च में आरोपी निर्भय सिंह को सजा दिलवाने तक संघर्ष जारी रखने के नारे लगे तो दूसरी तरफ गांव आंडलू में निर्भय सिंह को बेकसूर बताते हुए उसे बचाने के लिए लामबंद हुए गांव वासियों ने संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी।
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गांव आंडलू के सरपंच बचितर सिंह, पूर्व सरपंच गुरमेल सिंह, पूर्व सरपंच इंद्रजीत सिंह सहित पंचायत और ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस ने जनता के आक्रोश के दबाव में निर्भय सिंह पर झूठा मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। पूर्व सरपंच गुरमेल सिंह ने कहा कि नौ जून को थाना जोधा में आत्महत्या करने से पहले सिपाही अमनप्रीत कौर द्वारा जो वाट्सअप संदेश अपनी सहेली अमृत को किए गए, उसमें साफ लिखा है कि वह सुधार बाजार के लड़के जस्स से परेशान होकर आत्महत्या कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने खुद यह संदेश उन्हें दिखाए हैं। इसके बावजूद निर्भय सिंह पर मामला खारिज नहीं किया जा रहा। सरपंच बचितर सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया साइट्स पर निर्भय सिंह के खिलाफ झूठा प्रचार कर उसके और परिवार की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है। गांव आंडलू वासियों ने एक हस्ताक्षर मुहिम चलाकर निर्भय सिंह के हक में उच्चाधिकारियों तक पहुंच करने की बात भी कही।
निर्भय सिंह के पिता अवतार सिंह और उसकी पत्नी मनमोहन कौर ने कहा कि अगर निर्भय सचमुच आरोपी है तो बेशक उसे फांसी दे दी जाए नहीं तो उन्हें इंसाफ मिलना चाहिए। मनमोहन कौर ने कहा कि उनके बेटे जसजीत सिंह और शानवीर सिंह सदमे में हैं। सोशल मीडिया साइट्स के प्रचार ने आरोप सिद्ध होने से पहले ही उनके पति को सजा भी सुना दी। उन्होंने पुलिस प्रशासन और पंजाब सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर उन्हें इंसाफ न मिला तो गांव आंडलू वासी भी सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेंगे।
दूसरी तरफ सिपाही अमनप्रीत कौर को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों ने कैंडल मार्च करने के बाद सुधार बाजार की धर्मशाला में जनसभा की। वक्ताओं ने इंसाफ मिलने तक लड़ने का एलान किया। सिपाही अमनप्रीत कौर के परिजन अब भी इस बात पर अड़े है कि उसने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसकी हत्या कर शव टांगा गया है।
18 जून को गांव खंडूर के गुरुद्वारा साहिब में अमनप्रीत कौर की आत्मिक शांति के लिए रखे पाठ का भोग डाला जाएगा। पुलिस प्रशासन कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है। लुधियाना देहाती के अलावा अन्य तीन चार पुलिस जिला की फोर्स को मंगवा लिया गया है। खंडूर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी की जाएगी। जोधा में हुड़दंग मचाकर सिपाही विजय कुमार की पिटाई करने और पुलिस फोर्स की बस में तोड़फोड़ करने वाले कई लोगों की पहचान हो चुकी है। उन्हें भोग कार्यक्रम से दूर रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। एसएसपी सुरजीत सिंह ने खंडूर की पंचायत और संघर्ष कमेटी के नेताओं से मिलकर भोग समागम में शांति बनाए रखने की अपील की।