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अब किताबों की फोटो कॉपी कराई तो खैर नहीं, बनेंगी जांच टीमें
Updated Mon, 26 Feb 2018 09:44 PM IST
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पंजाब में मई से शुरू किया जाएगा जांच अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
बाजारों में बिक रही सेकेंड हेंड किताबों और विद्यार्थियों की ओर से धड़ल्ले से करवाई जा रही फोटो स्टेट ने पब्लिशरों का धंधा चौपट कर दिया है। इस वजह से बिजनेस 35 से 45 फीसदी तक कम हो गया है। अभी बिहार में छापामारी की गई है और कॉपी राइट के तीन मामले दर्ज कराए गए हैं। पंजाब में यह अभियान मई या जून से शुरू किया जाएगा। कापी राइट के तहत तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। यह जानकारी एमबीडी प्रकाशन समूह के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बलवंत शर्मा डीलर मीट के बाद दी।
शर्मा ने कहा कि किताबों की हो रही फोटो स्टेट को रोकने के लिए एजेंसी के साथ तालमेल किया गया है। साथ ही खुद की जांच टीमें भी बनाई जा रही हैं। उनका मानना है कि शिक्षा बोर्ड एवं विश्वविद्यालयों की ओर से लगातार सिलेबस न बदलने के कारण ही यह समस्या आ रही है। दो साल में कागज का दाम 40 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 55 रुपये प्रति किलो हो गया है। बाजार में कारोबार की कमी के कारण सारा बोझ पब्लिशर उठा रहे हैं। शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षा बोर्ड की होनी अनिवार्य है। दूसरी कक्षाओं के सिलेबस भी दो-तीन साल में बदलने चाहिए।
डीलर मीट में कंपनी ने पंजाब से आए दो सौ डीलरों से सुझाव लिए। उनकी दिक्कतों को सुना और कंपनी की नई नीतियों के बारे में जानकारी दी। बिक्री का टारगेट पूरा करने वाले डीलरों को सम्मानित किया। इस अवसर पर एनसीईआरटी की किताबों के सॉल्यूशन लांच किए गए। साथ ही नीट एवं जेईई परीक्षा के लिए प्रतियोगिता पुस्तकें भी लांच की गई। मीट में महाप्रबंधक जवाहर शर्मा, आशीष पराशर, गुरदेव परमार, रविंद्र पठानिया, राजीव शर्मा, जेपी महेंद्रू, आशा भनोट, शैलजा संगर और राजेश कपूर शामिल रहे।
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स्टूडेंट्स को टेंशन से दूर करने के दिए टिप्स
दो सप्ताह बाद शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्टूडेंट इन दिनों टेंशन में हैं। इसी टेंशन को खत्म करने के लिए एसपीएस अस्पताल के सीनियर साइकेट्रिक्स डॉ. संदीप गोयल ने बच्चों व उनके परिजनों को कई टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को परीक्षा के दौरान अपनी तैयारी कम लगने लगती है। उन पर टॉप रैंक में आने का दबाव भी रहता है। परीक्षा की तैयारी के लिए टाइम टेबल बनाएं। अंतिम मिनट तक संबंधित सब्जेक्ट की रिवीजन करते रहना चाहिए। पिछली परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों को हल करना चाहिए। रात होने से पहले नोट्स रिव्यू करने चाहिए। परीक्षा के दिन किसी तरह की चिंता नहीं करनी चाहिए और अपने मन को शांत रखना चाहिए। मां-बाप को अपने बच्चों की ताकत व कमजोरी को पहचानना चाहिए। बच्चों को भी इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार करना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
बाजारों में बिक रही सेकेंड हेंड किताबों और विद्यार्थियों की ओर से धड़ल्ले से करवाई जा रही फोटो स्टेट ने पब्लिशरों का धंधा चौपट कर दिया है। इस वजह से बिजनेस 35 से 45 फीसदी तक कम हो गया है। अभी बिहार में छापामारी की गई है और कॉपी राइट के तीन मामले दर्ज कराए गए हैं। पंजाब में यह अभियान मई या जून से शुरू किया जाएगा। कापी राइट के तहत तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। यह जानकारी एमबीडी प्रकाशन समूह के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बलवंत शर्मा डीलर मीट के बाद दी।
शर्मा ने कहा कि किताबों की हो रही फोटो स्टेट को रोकने के लिए एजेंसी के साथ तालमेल किया गया है। साथ ही खुद की जांच टीमें भी बनाई जा रही हैं। उनका मानना है कि शिक्षा बोर्ड एवं विश्वविद्यालयों की ओर से लगातार सिलेबस न बदलने के कारण ही यह समस्या आ रही है। दो साल में कागज का दाम 40 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 55 रुपये प्रति किलो हो गया है। बाजार में कारोबार की कमी के कारण सारा बोझ पब्लिशर उठा रहे हैं। शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षा बोर्ड की होनी अनिवार्य है। दूसरी कक्षाओं के सिलेबस भी दो-तीन साल में बदलने चाहिए।
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डीलर मीट में कंपनी ने पंजाब से आए दो सौ डीलरों से सुझाव लिए। उनकी दिक्कतों को सुना और कंपनी की नई नीतियों के बारे में जानकारी दी। बिक्री का टारगेट पूरा करने वाले डीलरों को सम्मानित किया। इस अवसर पर एनसीईआरटी की किताबों के सॉल्यूशन लांच किए गए। साथ ही नीट एवं जेईई परीक्षा के लिए प्रतियोगिता पुस्तकें भी लांच की गई। मीट में महाप्रबंधक जवाहर शर्मा, आशीष पराशर, गुरदेव परमार, रविंद्र पठानिया, राजीव शर्मा, जेपी महेंद्रू, आशा भनोट, शैलजा संगर और राजेश कपूर शामिल रहे।
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स्टूडेंट्स को टेंशन से दूर करने के दिए टिप्स
दो सप्ताह बाद शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्टूडेंट इन दिनों टेंशन में हैं। इसी टेंशन को खत्म करने के लिए एसपीएस अस्पताल के सीनियर साइकेट्रिक्स डॉ. संदीप गोयल ने बच्चों व उनके परिजनों को कई टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को परीक्षा के दौरान अपनी तैयारी कम लगने लगती है। उन पर टॉप रैंक में आने का दबाव भी रहता है। परीक्षा की तैयारी के लिए टाइम टेबल बनाएं। अंतिम मिनट तक संबंधित सब्जेक्ट की रिवीजन करते रहना चाहिए। पिछली परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों को हल करना चाहिए। रात होने से पहले नोट्स रिव्यू करने चाहिए। परीक्षा के दिन किसी तरह की चिंता नहीं करनी चाहिए और अपने मन को शांत रखना चाहिए। मां-बाप को अपने बच्चों की ताकत व कमजोरी को पहचानना चाहिए। बच्चों को भी इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार करना चाहिए।