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जीएसटी में महंगी होंगी गारमेंट मशीनरी
Updated Fri, 09 Jun 2017 06:59 PM IST
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जीएसटी में महंगी होंगी गारमेंट मशीनरी
गमसा की ओर से जीएसटी पर सेमिनार आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
गारमेंट मशीनरी मैन्यूफैक्चरर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन (गमसा) की ओर से वस्तु एवं सेवा कर पर सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट संजीव मल्होत्रा ने उद्यमियों को जीएसटी के बारे में जानकारी दी।
सीए संजीव मल्होत्रा ने उद्यमियों के सवालों के जवाब भी दिए और उनको नई कर प्रणाली में रिटर्न भरने, रिफंड हासिल करने, दस्तावेजों को सही ढंग से ऑन लाइन लोड करना इत्यादि हर तरह की जानकारी दी।
गमसा के चेयरमैन राम कृष्ण ने कहा कि फिलहाल 99 फीसदी गारमेंट मशीनरी निर्माता सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी के दायरे से बाहर हैं क्योंकि अधिकतर इकाईयां माइक्रो एवं स्मॉल क्षेत्र में हैं और सेंट्रल एक्साइज में डेढ़ करोड़ की सालाना टर्नओवर की छूट का लाभ ले रही हैं। राम कृष्ण ने कहा कि फिलहाल मशीनरी पर केवल 6.05 फीसदी वैट लग रहा है, लेकिन जीएसटी में उक्त उत्पादों की दर 18 फीसदी रखी गई है। ऐसे में गारमेंट मशीनरी पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा और मशीनरी महंगी होगी। दूसरे उद्यमियों को कंप्यूटर, प्रिंटर, अकाउंटेंट और सीए के खर्च को बोझ बढ़ेगा। राम कृष्ण ने कहा कि इससे आयातित मशीनरी भी महंगी होगी। दूसरे मशीनरी महंगी होने से बिक्री प्रभावित होगी, इकाई चलाना मुश्किल होगा। बैठक में नरेंद्र मोहन, अमित जैन, गुरदेव सिंह, पंकज कालरा समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।
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गमसा की ओर से जीएसटी पर सेमिनार आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
गारमेंट मशीनरी मैन्यूफैक्चरर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन (गमसा) की ओर से वस्तु एवं सेवा कर पर सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट संजीव मल्होत्रा ने उद्यमियों को जीएसटी के बारे में जानकारी दी।
सीए संजीव मल्होत्रा ने उद्यमियों के सवालों के जवाब भी दिए और उनको नई कर प्रणाली में रिटर्न भरने, रिफंड हासिल करने, दस्तावेजों को सही ढंग से ऑन लाइन लोड करना इत्यादि हर तरह की जानकारी दी।
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गमसा के चेयरमैन राम कृष्ण ने कहा कि फिलहाल 99 फीसदी गारमेंट मशीनरी निर्माता सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी के दायरे से बाहर हैं क्योंकि अधिकतर इकाईयां माइक्रो एवं स्मॉल क्षेत्र में हैं और सेंट्रल एक्साइज में डेढ़ करोड़ की सालाना टर्नओवर की छूट का लाभ ले रही हैं। राम कृष्ण ने कहा कि फिलहाल मशीनरी पर केवल 6.05 फीसदी वैट लग रहा है, लेकिन जीएसटी में उक्त उत्पादों की दर 18 फीसदी रखी गई है। ऐसे में गारमेंट मशीनरी पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा और मशीनरी महंगी होगी। दूसरे उद्यमियों को कंप्यूटर, प्रिंटर, अकाउंटेंट और सीए के खर्च को बोझ बढ़ेगा। राम कृष्ण ने कहा कि इससे आयातित मशीनरी भी महंगी होगी। दूसरे मशीनरी महंगी होने से बिक्री प्रभावित होगी, इकाई चलाना मुश्किल होगा। बैठक में नरेंद्र मोहन, अमित जैन, गुरदेव सिंह, पंकज कालरा समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।
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