सीनियर अफसरों की ब्लैकमेलिंग से जेई ने दी जान

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जालंधर/ब्यूरो Published by: Updated Sat, 26 Jan 2013 02:29 PM IST
junior engineer commits suicide in office blames superiors

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पंचायत विभाग के पूर्वी ब्लॉक में तैनात एक जूनियर इंजीनियर ने अपने अधिकारियों की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर भार्गव कैंप स्थित ऑफिस में खुदकुशी कर ली। जान देने से पहले जेई ने डीडीपीओ, बीडीपीओ, एसडीओ द्वारा तंग करने की दास्तां कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर स्कैच पैन से लिखी।
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उसने एक सुसाइड नोट भी लिखकर जेब में डाल रखा था। माना जा रहा है कि जेई ने कोई जहरीला पदार्थ निगलकर जान दी है। एसीपी वेस्ट रविंदरपाल संधू ने बताया कि तीनों अधिकारियों के खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर लिया है।


घटना आबादपुरा स्थित पूर्वी ब्लॉक विकास पंचायत अधिकारी के कार्यालय में घटी, जहां जालंधर की कालिया कालोनी निवासी हरभजन सिंह (55) बतौर जूनियर इंजीनियर तैनात थे। शुक्रवार को उन्होंने ऑफिस में अपने कमरे की अंदर से कुंडी लगा ली। काफी समय तक दरवाजा नहीं खुला तो हरभजन सिंह की बेटी नवजोत कौर को बुलाया गया। खिड़की से झांककर अंदर देखा गया तो हरभजन सिंह जमीन पर पड़े हुए थे।

तत्काल खिड़की का शीशा तोड़कर जेई को निकाला गया। उनको एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उनको मृत करार दे दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचाया। पोस्टमार्टम के लिए डाक्टरों की तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।

'ब्लैकमेल कर रहे हैं, दो लाख दे चुका हूं'
मौके पर सबसे पहले चार नंबर डिवीजन की पुलिस पहुंची। हरभजन सिंह के कमरे में लगे बोर्ड पर स्कैच पेन से  लिखा था कि सुसाइड नोट उसकी जेब में है। उसकी मौत के लिए डीडीपीओ सर्बजीत सिंह, बीडीपीओ भगवान सिंह और एसडीओ नवदीप सिंह हैं। उसको ब्लैकमेल किया जा रहा है। वह अपने बैंक खाता नंबर 00342100035050 से दो लाख रुपये निकाल कर इनको दे चुका है। तीनों उसको संगरावाली मोगा के झूठे केस, धीना गलत पैमाइश, चचेवाल संसारपुर और मंजीत सिंह राही गलत एसेसमेंट केस में फंसा रहे हैं।

'रिश्तेदार की मदद से खुद बच जाते हैं'
सुसाइड नोट पर हरभजन सिंह के हस्ताक्षर हैं। पत्र में उसने लिखा है कि एक अधिकारी का रिश्तेदार डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात है, जिसके साथ मिलकर अधिकारी बच जाते हैं और उसको फंसा देते हैं। दो पेज के सुसाइड नोट में जेई ने इस बात का भी जिक्र किया है कि उसके बेटे को नौकरी दिलाई जाए। इसके लिए उसने विधायक परगट सिंह, जिला भाजपा देहाती प्रधान अरुण शर्मा, एसजीपीसी सदस्य परमजीत सिंह रायपुर, पार्षद बलवीर सिंह बिट्टू से आग्रह किया कि अगर वह अगर इस दुनिया से चला जाता है तो उसके परिवार की सहायता करें।

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