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बादल के गांव में टंकी पर चढ़े तीन बेरोजगार अध्यापक
ब्यूरो/अमर उजाला, बादल/लंबी (मुक्तसर)
Updated Wed, 06 Jul 2016 09:18 PM IST
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गांव बादल में सीएम निवास के साथ वाटर-वर्क्स की टंकी पर चढ़े बेरोजगार अध्यापक।
- फोटो : अमर उजाला
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टेट पास ईटीटी बेरोजगार अध्यापक यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष समेत तीन बेरोजगार अध्यापक बुधवार अल सुबह करीब साढ़े तीन बजे मुख्यमंत्री के पैतृक गांव बादल स्थित उनके निवास के पास वाटर-वर्क्स की टंकी पर चढ़ गए।
पुलिस प्रशासन सुबह से शाम तक बेरोजगार अध्यापकों को मनाने का प्रयास करता रहा, मगर वह मांगों के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात करवाने के बाद ही टंकी से उतरने की बात पर अडे़ रहे। टेट पास ईटीटी बेरोजगार अध्यापक यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह फिरोजपुर, हरदीप सिंह मानसा और हिमांशु बरेटा बुधवार सुबह साढ़े तीन बजे के आसपास अंधेरे का फायदा उठाते मुख्यमंत्री बादल की कोठी के पास स्थित वाटर-वर्क्स की टंकी पर चढ़ गए। सूचना मिलने पर एसएसपी गुरप्रीत सिंह गिल, डीएसपी मनविंदरबीर सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस अधिकारियों ने अध्यापकों को मनाने का प्रयास किया। अध्यापकों को मनाते-मनाते सुबह से शाम हो गई। इस दौरान भारी पुलिस दल टंकी की सीढ़ियों पर बैठा हुआ था, आसपास भी पुलिस कर्मचारी तैनात थे। शाम करीब पांच बजे एसएसपी गुरप्रीत सिंह गिल ने 7 जुलाई को पंजाब भवन चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के साथ शाम पांच बजे बैठक कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद देर शाम टंकी से नीचे उतर गए।
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टंकी पर चढ़े बेरोजगार अध्यापक राज्य सरकार की ओर से निकाली गईं 4,500 पोस्टों को बढ़ाकर 6,500 करने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह का कहना है कि अगर पोस्टें बढ़ा दी जाएंगी तो सभी बेरोजगार अध्यापकों को नौकरियां मिलेंगी। अन्यथा कई अध्यापक बेरोजगार ही रह जाएंगे। उन्होंने बताया कि वह बीते 45 दिनों से बठिंडा जिले के गांव जय सिंह वाला में धरने पर बैठे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल बुधवार सुबह ग्यारह बजे तक गांव बादल स्थित निवास पर ही थे। वह मंगलवार रात से ही गांव बादल आए हुए थे। सूत्रों के अनुसार बेरोजगार अध्यापकों के टंकी पर चढ़ने का पता चलने के बावजूद वह मौके पर नही पहुंचे, बल्कि कहीं और चले गए। शाम को करीब साढ़े चार बजे डिप्टी सीएम वापस गांव बादल लौट आए। देर शाम साढ़े छह बजे के आसपास प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत कंबोज गर्मी से बेसुध हो गए।
बठिंडा के गांव जय सिंह वाला में भी धरने के दौरान उनके समूह साथियों ने डेढ़ घंटा चक्का जाम किया। प्रदर्शनकारी अध्यापकों का कहना है कि वह मांगें पूरी न होने तक संघर्ष जारी रखेंगे। प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार पुलिस प्रशासन ने उन्हें दिन भर भूखा-प्यासा रखने की कोशिशों के मद्देनजर किसी साथी को टंकी पर पानी तक नहीं ले जाने दिया।
अमरजीत सिंह का कहना है कि उनके साथी उनके लिए पीने का पानी लेकर टंकी पर चढ़ रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। सुबह से गर्मी में भूख-प्यास से हाल-बेहाल हो गया है। मगर उनकी मांग पर प्रशासन गौर नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि अगर उनका जानी नुकसान होता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
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पुलिस प्रशासन सुबह से शाम तक बेरोजगार अध्यापकों को मनाने का प्रयास करता रहा, मगर वह मांगों के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात करवाने के बाद ही टंकी से उतरने की बात पर अडे़ रहे। टेट पास ईटीटी बेरोजगार अध्यापक यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह फिरोजपुर, हरदीप सिंह मानसा और हिमांशु बरेटा बुधवार सुबह साढ़े तीन बजे के आसपास अंधेरे का फायदा उठाते मुख्यमंत्री बादल की कोठी के पास स्थित वाटर-वर्क्स की टंकी पर चढ़ गए। सूचना मिलने पर एसएसपी गुरप्रीत सिंह गिल, डीएसपी मनविंदरबीर सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
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पुलिस अधिकारियों ने अध्यापकों को मनाने का प्रयास किया। अध्यापकों को मनाते-मनाते सुबह से शाम हो गई। इस दौरान भारी पुलिस दल टंकी की सीढ़ियों पर बैठा हुआ था, आसपास भी पुलिस कर्मचारी तैनात थे। शाम करीब पांच बजे एसएसपी गुरप्रीत सिंह गिल ने 7 जुलाई को पंजाब भवन चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के साथ शाम पांच बजे बैठक कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद देर शाम टंकी से नीचे उतर गए।
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टंकी पर चढ़े बेरोजगार अध्यापक राज्य सरकार की ओर से निकाली गईं 4,500 पोस्टों को बढ़ाकर 6,500 करने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह का कहना है कि अगर पोस्टें बढ़ा दी जाएंगी तो सभी बेरोजगार अध्यापकों को नौकरियां मिलेंगी। अन्यथा कई अध्यापक बेरोजगार ही रह जाएंगे। उन्होंने बताया कि वह बीते 45 दिनों से बठिंडा जिले के गांव जय सिंह वाला में धरने पर बैठे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल बुधवार सुबह ग्यारह बजे तक गांव बादल स्थित निवास पर ही थे। वह मंगलवार रात से ही गांव बादल आए हुए थे। सूत्रों के अनुसार बेरोजगार अध्यापकों के टंकी पर चढ़ने का पता चलने के बावजूद वह मौके पर नही पहुंचे, बल्कि कहीं और चले गए। शाम को करीब साढ़े चार बजे डिप्टी सीएम वापस गांव बादल लौट आए। देर शाम साढ़े छह बजे के आसपास प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत कंबोज गर्मी से बेसुध हो गए।
बठिंडा के गांव जय सिंह वाला में भी धरने के दौरान उनके समूह साथियों ने डेढ़ घंटा चक्का जाम किया। प्रदर्शनकारी अध्यापकों का कहना है कि वह मांगें पूरी न होने तक संघर्ष जारी रखेंगे। प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार पुलिस प्रशासन ने उन्हें दिन भर भूखा-प्यासा रखने की कोशिशों के मद्देनजर किसी साथी को टंकी पर पानी तक नहीं ले जाने दिया।
अमरजीत सिंह का कहना है कि उनके साथी उनके लिए पीने का पानी लेकर टंकी पर चढ़ रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। सुबह से गर्मी में भूख-प्यास से हाल-बेहाल हो गया है। मगर उनकी मांग पर प्रशासन गौर नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि अगर उनका जानी नुकसान होता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।