टांडा। नगर में मोहल्ला भब्बलपुरी स्थित नर्सिंग होम पर तहसीलदार ने छापा मारा। इस दौरान नर्सिंग होम में ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता पाया गया और न ही डॉक्टर मौजूद मिलेे। डॉक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ के बिना ही अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीन चलाई जा रही थीं। इसके साथ ही पैथलॉजी लैब का संचालन भी हो रहा था। नर्सिंग होम में मरीजों को अल्ट्रासाउंड दिखाने के लिए एक अतिरिक्त स्क्रीन भी लगा रखी थी। जिस पर तहसीलदार ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए अल्ट्रासाउंड, एक्सरे तथा पैथोलॉजी सेंटर को सील कर दिया।
गुरुवार सुबह तहसीलदार महेंद्र बहादुर सिंह ने नगर में आर्य समाज रोड पर स्थित चंद्रा नर्सिंग होम पर छापा मारा। जहां उन्होंने देखा की बड़ी संख्या में रोगी मौजूद हैं लेकिन कोई भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहा है। जिस पर उन्होंने अस्पताल पर 25 हजार का जुर्माना लगाया। इसके बाद उन्होंने अल्ट्रासाउंड कक्ष का निरीक्षण किया तो पाया कि वहां पर 40 मरीजों का अल्ट्रासाउंड बिना डॉक्टर के ही कर दिया गया। इतना ही नहीं अल्ट्रासाउंड कक्ष में रोगियों को दिखाने के लिए एक अतिरिक्त स्क्रीन भी लगी हुई पाई। जिसे देखते ही तहसीलदार भड़क गए और अल्ट्रासाउंड रूम और एक्स-रे कक्ष को सील करने को कहा। निरीक्षण के दौरान नर्सिंग होम में बिना पैथोलॉजिस्ट के पैथोलॉजी लैब संचालित होते हुए भी पाई गई, इसे भी सील कर दिया गया। तहसीलदार महेंद्र बहादुर का कहना है कि चिकित्सालय में भारी अनियमितता मिली है। बिना डॉक्टर के ही अल्ट्रासाउंड, एक्सरे तथा पैथोलॉजी सेंटर चलाया जा रहा था और मरीज को अल्ट्रासाउंड को दिखने के लिए स्क्रीन लगाना गंभीर विषय है। इसलिए उसको सील कर पच्चीस हजार का जुर्माना वसूल किया जा रहा है।