{"_id":"5f4538638ebc3e61e46e59bd","slug":"uapa-act-in-foreign-arms-smuggling-case-faridkot-news-pkl3857639168","type":"story","status":"publish","title_hn":"विदेशी हथियार तस्करी मामले में लगाया यूएपीए एक्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विदेशी हथियार तस्करी मामले में लगाया यूएपीए एक्ट
विज्ञापन
2014 के विदेशी हथियारों की तस्करी मामले में आर्गनाइज क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओकू) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए केस में गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए एक्ट) की धारा 16 की भी बढ़ोतरी कर दी है। कुछ दिन पहले ही इस केस की नए सिरे से जांच शुरू करते हुए ओकू ने विदेशी हथियारों की खरीद करने वाले छह व्यक्तियों को नामजद करते हुए चंडीगढ़ के गन डीलर सतीश कुमार और मोगा के कारोबारी पंकज बंसल को गिरफ्तार करके रिमांड पर लिया था। इनमें से सतीश कुमार से ओकू ने तीन पिस्टल बरामद की है और मंगलवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर दोनों को अदालत में पेश करके एक दिन के और रिमांड पर ले लिया।
जानकारी के अनुसार, सीआईए स्टाफ फरीदकोट ने अक्तूबर 2014 के दौरान विदेशी हथियारों की तस्करी के मामले से पर्दा उठाते हुए कुख्यात गैंगस्टर रणजीत सिंह डुपला और उसके एक साथी गुरचरण सिंह रिंका को गिरफ्तार किया था। उनसे विदेश से तस्करी करके लाए गए विदेशी हथियार बरामद किए गए थे, जिन्हें उन्होंने जाली दस्तावेज तैयार करके अपराधियों व अमीर लोगों को बेचे थे। हालांकि उस समय भी केस में यूएपीए की धारा शामिल की गई थी लेकिन बाद में तथाकथित राजनीतिक दबाव के चलते फरीदकोट पुलिस ने धारा को हटा लिया था लेकिन ओकू ने एक बार फिर से केस में यह धारा शामिल कर दी है।
ओकू की पड़ताल के दौरान मानसा के कल्याण गन हाउस की भूमिका भी सामने आई थी। केस के मुख्य आरोपी रणजीत सिंह डुपला ने इसी गन हाउस से तस्करी करके लाए गए हथियारों के जाली बिल तैयार करवाए थे। मालूम हो कि केस का मुख्य आरोपी रणजीत सिंह डुपला जमानत के बाद विदेश भाग चुका है जिसे फरीदकोट की अदालत ने दिसंबर 2017 को पीओ घोषित कर दिया था और ओकू ने उसके प्रत्यर्पण की तैयारी शुरू कर दी है। कुछ दिन पहले इस केस की जांच ओकू ने संभाली है और उन्होंने चंडीगढ़ के गन डीलर सतीश कुमार व मोगा के पंकज बांसल के अलावा करनाल के गन डीलर राज चोपड़ा, मुक्तसर जिले के भूपिंदर सिंह, दिल्ली के अमित गोयल और कोटकपूरा के रोहित छाबड़ा को केस में नामजद किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, सीआईए स्टाफ फरीदकोट ने अक्तूबर 2014 के दौरान विदेशी हथियारों की तस्करी के मामले से पर्दा उठाते हुए कुख्यात गैंगस्टर रणजीत सिंह डुपला और उसके एक साथी गुरचरण सिंह रिंका को गिरफ्तार किया था। उनसे विदेश से तस्करी करके लाए गए विदेशी हथियार बरामद किए गए थे, जिन्हें उन्होंने जाली दस्तावेज तैयार करके अपराधियों व अमीर लोगों को बेचे थे। हालांकि उस समय भी केस में यूएपीए की धारा शामिल की गई थी लेकिन बाद में तथाकथित राजनीतिक दबाव के चलते फरीदकोट पुलिस ने धारा को हटा लिया था लेकिन ओकू ने एक बार फिर से केस में यह धारा शामिल कर दी है।
विज्ञापन
ओकू की पड़ताल के दौरान मानसा के कल्याण गन हाउस की भूमिका भी सामने आई थी। केस के मुख्य आरोपी रणजीत सिंह डुपला ने इसी गन हाउस से तस्करी करके लाए गए हथियारों के जाली बिल तैयार करवाए थे। मालूम हो कि केस का मुख्य आरोपी रणजीत सिंह डुपला जमानत के बाद विदेश भाग चुका है जिसे फरीदकोट की अदालत ने दिसंबर 2017 को पीओ घोषित कर दिया था और ओकू ने उसके प्रत्यर्पण की तैयारी शुरू कर दी है। कुछ दिन पहले इस केस की जांच ओकू ने संभाली है और उन्होंने चंडीगढ़ के गन डीलर सतीश कुमार व मोगा के पंकज बांसल के अलावा करनाल के गन डीलर राज चोपड़ा, मुक्तसर जिले के भूपिंदर सिंह, दिल्ली के अमित गोयल और कोटकपूरा के रोहित छाबड़ा को केस में नामजद किया था।
विज्ञापन