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अबोहर सीट पर जाखड़ का मुकाबला डोडा से
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Wed, 18 Jan 2017 08:31 PM IST
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सुनील जाखड़
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अबोहर विधानसभा एक ऐसी सीट है जहां पर कांग्रेस प्रत्याशी सुनील जाखड़ का मुकाबला आजाद प्रत्याशी शिव लाल डोडा (भीम हत्या का मुख्य आरोपी, जो अमृतसर जेल में बंद है) से है। पिछले चुनाव में जाखड़ जीत जरूर गए थे, लेकिन दूसरे नंबर पर डोडा था। भीम हत्या का मुख्य आरोपी होने के कारण डोडा अमृतसर जेल में बंद है, लेकिन आजाद प्रत्याशी के तौर पर 13 जनवरी को अबोहर से नामांकन पत्र भर चुका है।
सियासी जानकारों के मुताबिक डोडा अबोहर से जाखड़ को हराने का सपना देख रहा है, क्योंकि जाखड़ और डोडा के बीच खींचतान चल रही है। आरोप है कि 11 दिसंबर, 2015 को अकाली नेता व शराब व्यवसायी शिव लाल डोडा के फार्म हाउस में भीम टांक के हाथ-पैर काट कर डोडा के कारिंदों ने हत्या कर दी थी। जाखड़ ने पीड़ित और दलित परिवार की मदद के लिए आवाज बुलंद की थी। भीम हत्या के बाद अबोहर में आगजनी व तोड़फोड़ की भी घटनाएं हुई थीं।
भीम हत्या का मामला विधानसभा व लोकसभा तक पहुंच गया था। पूरे देश में इस घटना की निंदा हुई थी। हत्या के बाद डोडा पर परचा दर्ज होने पर डोडा फरार हो गया था। पुलिस ने भगोड़ा भी घोषित कर दिया था। सियासी जानकारों का कहना है कि डोडा को कथित तौर पर एक बड़े अकाली नेता का समर्थन है।
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इसीलिए फाजिल्का जेल में डोडा अकाली नेताओं के साथ बैठ कर अबोहर से चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार कर रहा था कि चुनाव अधिकारी कम डिप्टी कमिश्नर ईशा कालिया की टीम ने सबको जेल के अंदर ही काबू कर लिया था। उसके बाद से डोडा को अमृतसर जेल भेज दिया था। सियासी जानकारों का कहना है कि डोडा चाहे जेल के अंदर बंद हो, लेकिन डोडा के चुनाव की कमान अकाली नेता संभालेंगे।
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सियासी जानकारों के मुताबिक डोडा अबोहर से जाखड़ को हराने का सपना देख रहा है, क्योंकि जाखड़ और डोडा के बीच खींचतान चल रही है। आरोप है कि 11 दिसंबर, 2015 को अकाली नेता व शराब व्यवसायी शिव लाल डोडा के फार्म हाउस में भीम टांक के हाथ-पैर काट कर डोडा के कारिंदों ने हत्या कर दी थी। जाखड़ ने पीड़ित और दलित परिवार की मदद के लिए आवाज बुलंद की थी। भीम हत्या के बाद अबोहर में आगजनी व तोड़फोड़ की भी घटनाएं हुई थीं।
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भीम हत्या का मामला विधानसभा व लोकसभा तक पहुंच गया था। पूरे देश में इस घटना की निंदा हुई थी। हत्या के बाद डोडा पर परचा दर्ज होने पर डोडा फरार हो गया था। पुलिस ने भगोड़ा भी घोषित कर दिया था। सियासी जानकारों का कहना है कि डोडा को कथित तौर पर एक बड़े अकाली नेता का समर्थन है।
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इसीलिए फाजिल्का जेल में डोडा अकाली नेताओं के साथ बैठ कर अबोहर से चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार कर रहा था कि चुनाव अधिकारी कम डिप्टी कमिश्नर ईशा कालिया की टीम ने सबको जेल के अंदर ही काबू कर लिया था। उसके बाद से डोडा को अमृतसर जेल भेज दिया था। सियासी जानकारों का कहना है कि डोडा चाहे जेल के अंदर बंद हो, लेकिन डोडा के चुनाव की कमान अकाली नेता संभालेंगे।