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विद्यार्थियों की बिना शर्त रिहाई को लेकर प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Mon, 15 Jun 2015 10:25 PM IST
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ऑर्बिट बस कांड का विरोध करते समय शिअद नेता की बस में तोड़फोड़ करने का
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मामले में गिरफ्तार विद्यार्थियों की बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर
पंजाब स्टूडेंट यूनियन, नौजवान भारत सभा, पेंडू मजदूर यूनियन व किरती किसान
यूनियन की अगुवाई में सोमवार को यहां पर प्रदेश स्तरीय रोष प्रदर्शन किया
गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से विभिन्न संगठनों के हजारों कार्यकर्ताओं ने
फरीदकोट की घटना के लिए जिम्मेवार पुलिस अधिकारियों, न्यू दीप बस कंपनी के
मालिक समेत मोगा के ऑर्बिट बस कांड में उपमुख्यमंत्री पर मामला दर्ज करने
और राज्य भर में ऑर्बिट बसों के चलने पर पाबंदी लगाने की मांग रखी।
पंजाब स्टूडेंट यूनियन के प्रांतीय महासचिव राजिंदर सिंह ने कहा कि फरीदकोट की घटना में विद्यार्थियों का कोई कसूर ही नहीं है बल्कि घटना वाले दिन न्यू दीप कंपनी की बस के ड्राइवर ने ही शांतिपूर्वक रोष मार्च निकाल रहे नौजवानों पर बस चढ़ाने की कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बादल परिवार अपने जुल्म के खिलाफ उठने वाली आवाज को डंडे के जोर पर दबाना चाहता है और यह केस भी उसी नीति के तहत दर्ज किया गया है।
रैली में विभिन्न संगठनों के नेताओं निरभै ढुड़ीके, जगमेल सिंह, कंवलजीत खन्ना, हरदेव संधू, रमिंदर पटियाला, कर्मजीत कोटकपूरा, तरसेम पीटर, गुरदीप सिंह, अमनदीप कौर देयोल, मनजीत पनेर, गुरदित्त सिंह सेखों, गुरदयाल भट्टी, मास्टर मक्खन सिंह, सुखविंदर ने भी विचार रखे और राज्य सरकार के खिलाफ संघर्ष और तेज करने का आह्वान किया। दरबारगंज रेस्ट हाउस में रोष रैली के उपरांत इन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शहर में रोष मार्च भी निकाला और मिनी सचिवालय के बाहर रोष प्रदर्शन भी किया।
पंजाब स्टूडेंट यूनियन के प्रांतीय महासचिव राजिंदर सिंह ने कहा कि फरीदकोट की घटना में विद्यार्थियों का कोई कसूर ही नहीं है बल्कि घटना वाले दिन न्यू दीप कंपनी की बस के ड्राइवर ने ही शांतिपूर्वक रोष मार्च निकाल रहे नौजवानों पर बस चढ़ाने की कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बादल परिवार अपने जुल्म के खिलाफ उठने वाली आवाज को डंडे के जोर पर दबाना चाहता है और यह केस भी उसी नीति के तहत दर्ज किया गया है।
रैली में विभिन्न संगठनों के नेताओं निरभै ढुड़ीके, जगमेल सिंह, कंवलजीत खन्ना, हरदेव संधू, रमिंदर पटियाला, कर्मजीत कोटकपूरा, तरसेम पीटर, गुरदीप सिंह, अमनदीप कौर देयोल, मनजीत पनेर, गुरदित्त सिंह सेखों, गुरदयाल भट्टी, मास्टर मक्खन सिंह, सुखविंदर ने भी विचार रखे और राज्य सरकार के खिलाफ संघर्ष और तेज करने का आह्वान किया। दरबारगंज रेस्ट हाउस में रोष रैली के उपरांत इन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शहर में रोष मार्च भी निकाला और मिनी सचिवालय के बाहर रोष प्रदर्शन भी किया।