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छह मौत से दहल उठा काहनपुर

Thu, 02 Jan 2014 10:09 PM IST
जालंधर, ब्यूरो
जालंधर, ब्यूरो Updated Thu, 02 Jan 2014 10:09 PM IST
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Six dead in Kahnpur

जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर काहनपुर के पास गुरुवार को हुई दुर्घटना में एक साथ छह लोगों की हुई मौत से पूरा कानपुर क्षेत्र दहल उठा।

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मौके पर जुटी लोगों की भीड़ ने सड़क हादसों में लगातार हो रही मौत पर सवाल उठाया। यह भी कहा कि  नेशनल हाईवे पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।

सरकार की ओर से सड़क हादसों को रोकने के लिए भले ही रोड सेफ्टी पॉलिसी बनाने का दावा किया जाए, लेकिन सरकार अभी तक ऐसी कोई भी पॉलिसी बनाने में नाकाम रही है।
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अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले साल यहां हुईं दुर्घटनाओं में तीन हजार से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई। जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर काहनपुर के पास दुर्घटनास्थल को देख साफ पता चल रहा था कि आठ लोग एनएच को उस स्थान से पार कर रहे थे, जहां पर वैध क्रासिंग नहीं थी।
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डिवाइडर को लोग क्रास न कर पाएं, इसके लिए एनएच अथॉरिटी ने हर गांव के स्टापेज पर लोहे की ग्रिल लगा रखी हैं। काहनपुर स्टापेज पर एक ग्रिल दो-तीन दिन पहले ही उतारी गई थी। यह ग्रिल किसने और क्यों उतारी, इसके बारे में किसी को कुछ पता नहीं है।

पंजाब में सरकार ने 220 प्वाइंट्स ऐसे चिह्नित कर रखे हैं, जहां पर अधिकतर दुर्घटनाएं होती हैं। इन प्वाइंट्स पर सरकार ने कोई भी ऐसी तैयारी या नाकेबंदी नहीं की है, जिससे लोगों को यह पता चल सके कि यह इलाका संवेदनशील है।


2012 में पंजाब में 3220 लोग मौत का ग्रास बने, जबकि बीते साल भी यह आकंड़ा तीन हजार से ऊपर ही रहा।


कराहते मासूम की जुबां पर सिर्फ...मां
वीरवार को नेशनल हाईवे पर सड़क हादसे में मौत का ग्रास बने लोगों में एक परिवार राजू का भी था। हादसे में उसकी पत्नी लाजवंती, बेटे राजा व राजू की मौत हो गई।

इसे भगवान का करिश्मा ही कहेंगे दुर्घटना में बेटे करण की जान बच गई। सिविल अस्पताल में दाखिल करण दर्द से कराहते सिर्फ मां ही बोल पा रहा था।


मासूम को नहीं पता था कि उसकी मां लाजवंती ही नहीं बल्कि पिता व भाई भी अब इस दुनिया में नहीं रही। अस्पताल में इलाज करने वाली नर्सों के आंख भी नम थे। सभी यही चर्चा कर रहे थे कि अब बच्चे की परवरिश कौन करेगा?

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