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कोटकपूरा में पेट्रोल लेकर टंकी पर चढ़े चार दुकानदार
अमर उजाला ब्यूरो/कोटकपूरा (फरीदकोट)
Updated Mon, 21 Mar 2016 08:52 PM IST
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कोटकपूरा में पुनर्वास का भरोसा मिलने के बाद पानी की टंकी से उतरते पटड़ी दुकानदार।
- फोटो : अमर उजाला
नगर सुधार ट्रस्ट की तरफ से मुख्य चौक के पास जैतो रोड़ पर प्रस्तावित नई मार्केट के बूथों की बोली के खिलाफ नगर प्रशासन ने नई दाना मंडी में इन बूथों की बोली रखी हुई थी। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद नगर प्रशासन ने बोली रद्द करते हुए पुनर्वास का भरोसा देकर पटड़ी दुकानदारों को टंकी से नीचे उतारा।
राज्य सरकार की हिदायतों पर नगर सुधार ट्रस्ट ने डेढ़ साल पहले जैतो रोड पर थाना सिटी से सटी सरकारी जमीन पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के नाम पर मार्केट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन इस जमीन के आगे पिछले कई वर्षों से करीब तीन दर्जन पटड़ी दुकानदार अपना कारोबार चला रहे थे। पिछले साल 10 अप्रैल को नगर प्रशासन ने इन तमाम पटड़ी दुकानदारों को जबरन हटा दिया था। हालांकि इसके बाद उनके संघर्ष करने पर उन्हें पुर्नवास का भी भरोसा दिया गया लेकिन अभी तक कोई योग्य जगह अलॉट नहीं की गई।
सोमवार को नगर सुधार ट्रस्ट ने इस प्रस्तावित नई मार्केट के 17 बूथों की बेचने के लिए नई दाना मंडी में नीलामी रखी हुई थी और इस बोली में विघ्न डालने के लिए सुबह करीब 4 बजे पटड़ी दुकानदार यूनियन के प्रधान प्रभु दयाल समेत नरिंद्र हैप्पी, अशोक टोनी व विजय कुमार अपने हाथों में पेट्रोल की बोतलें लेकर नई दाना मंडी में पानी की टंकी पर चढ़ गए और बोली करने की सूरत में आत्मदाह की धमकियां देने लगे।
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उनकी हिमायत में आम आदमी पार्टी, सीपीआई व कांग्रेसी वर्करों समेत सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी जुटने लगे। सूचना मिलने पर एसडीएम फरीदकोट विजय कुमार सियाल, डीएसपी कोटकपूरा बलजीत सिंह सिद्धू, तहसीलदार सुखराज सिंह ढिल्लों, नायब तहसीलदार मोहन सिंह समेत नगर सुधार ट्रस्ट के ईओ हरप्रीत सिंह भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए फायर बिग्रेड व एंबुलेंस की गाड़ियों को भी मौके पर बुला लिया।
पटड़ी दुकानदारों के समर्थन में जुटे धरनाकारियों की अगुवाई कर रहे आप नेता डॉ. सुरिंदर दिवेदी व गुरदित्त सिंह सेखों ने प्रशासन को चेताया कि अगर उजाड़े गए दुकानदारों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम न उठाए तो संघर्ष तेज किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की तरफ से आम लोगों की कोई प्रवाह नहीं की जा रही और अपने खजाने को भरने के लिए गरीब लोगों को बिना वजह उजाड़ा जा रहा है। इस दौरान प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के लगातार प्रयासों के बाद बूथों की बोली रद्द करने और इनके जल्द पुनर्वास का भरोसा देकर टंकी पर चढ़े पटड़ी दुकानदारों को नीचे उतारा गया।
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राज्य सरकार की हिदायतों पर नगर सुधार ट्रस्ट ने डेढ़ साल पहले जैतो रोड पर थाना सिटी से सटी सरकारी जमीन पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के नाम पर मार्केट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन इस जमीन के आगे पिछले कई वर्षों से करीब तीन दर्जन पटड़ी दुकानदार अपना कारोबार चला रहे थे। पिछले साल 10 अप्रैल को नगर प्रशासन ने इन तमाम पटड़ी दुकानदारों को जबरन हटा दिया था। हालांकि इसके बाद उनके संघर्ष करने पर उन्हें पुर्नवास का भी भरोसा दिया गया लेकिन अभी तक कोई योग्य जगह अलॉट नहीं की गई।
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सोमवार को नगर सुधार ट्रस्ट ने इस प्रस्तावित नई मार्केट के 17 बूथों की बेचने के लिए नई दाना मंडी में नीलामी रखी हुई थी और इस बोली में विघ्न डालने के लिए सुबह करीब 4 बजे पटड़ी दुकानदार यूनियन के प्रधान प्रभु दयाल समेत नरिंद्र हैप्पी, अशोक टोनी व विजय कुमार अपने हाथों में पेट्रोल की बोतलें लेकर नई दाना मंडी में पानी की टंकी पर चढ़ गए और बोली करने की सूरत में आत्मदाह की धमकियां देने लगे।
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उनकी हिमायत में आम आदमी पार्टी, सीपीआई व कांग्रेसी वर्करों समेत सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी जुटने लगे। सूचना मिलने पर एसडीएम फरीदकोट विजय कुमार सियाल, डीएसपी कोटकपूरा बलजीत सिंह सिद्धू, तहसीलदार सुखराज सिंह ढिल्लों, नायब तहसीलदार मोहन सिंह समेत नगर सुधार ट्रस्ट के ईओ हरप्रीत सिंह भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए फायर बिग्रेड व एंबुलेंस की गाड़ियों को भी मौके पर बुला लिया।
पटड़ी दुकानदारों के समर्थन में जुटे धरनाकारियों की अगुवाई कर रहे आप नेता डॉ. सुरिंदर दिवेदी व गुरदित्त सिंह सेखों ने प्रशासन को चेताया कि अगर उजाड़े गए दुकानदारों के पुनर्वास के लिए ठोस कदम न उठाए तो संघर्ष तेज किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की तरफ से आम लोगों की कोई प्रवाह नहीं की जा रही और अपने खजाने को भरने के लिए गरीब लोगों को बिना वजह उजाड़ा जा रहा है। इस दौरान प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के लगातार प्रयासों के बाद बूथों की बोली रद्द करने और इनके जल्द पुनर्वास का भरोसा देकर टंकी पर चढ़े पटड़ी दुकानदारों को नीचे उतारा गया।