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उत्तराखंड से चली शौर्यांजली यात्रा पहुंची पठानकोट
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पठानकोट। 1971 के शहीदों को समर्पित 7वीं शौर्यांजलि यात्रा पठानकोट मोहल्ला आनंदपुर के पास 1971 के भारत-पाक युद्घ में शहीद हुए जिले के पहले शहीद सैनिक मोहन सिंह चिब सेना मेडल के स्मारक पर पहुंची। इस मौके पर शौर्यांजलि टीम ने शहीद मेजर कुलबीर सिंह राणा, शहीद सिपाही मोहन सिंह चिब, शहीद सिपाही मग्घर सिंह वीर चक्र के अलावा शहीद लेफ्टिनेंट गुरदीप सलारिया और शहीद सिपाही मक्खन सिंह के परिवार को सम्मानित किया।
40 हजार किलोमीटर की यात्रा का दिल्ली में समापन
शौर्यांजलि यात्रा के संयोजक संग्राम सिंह तोमर ने बताया कि एक सितंबर को उत्तराखंड के परमार्थ निकेतन ऋषिकेश से शुरू हुई यह यात्रा रुड़की, हरिद्वार, देहरादून, गाजियाबाद, हरियाणा से पंजाब के कई जिलों से होते हुए पठानकोट पहुंची है। यहां शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के सदस्यों व शहीद परिवारों ने शौर्यांजलि यात्रा के संयोजक संग्राम सिंह तोमर व उनके साथ देव कुमार सिंह, अभय कुमार पांडे, तेज प्रकाश सिंह का भव्य स्वागत किया।
अब यात्रा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू (20 राज्यों) से होते हुए 40 हजार किलोमीटर का सफर तय करके साढ़े तीन माह बाद 16 दिसंबर विजय दिवस पर दिल्ली के कांस्टीट्यूशनल क्लब में पहुंचेगी। परिषद के महासचिव कुंवर रवींद्र सिंह विक्की ने कहा कि शौर्यांजलि यात्रा के संयोजक संग्राम सिंह तोमर देश भर में शहीदों के सम्मान में यह यात्रा निकालकर शहीद परिवारों के मनोबल को बढ़ा रहे हैं। इस मौके पर परिषद के प्रेस सचिव बिट्टा काटल, वरिन्द्र सहदेव, पारस कश्यप, अक्षय चिब, रामा खुशदिल, पूनम सहदेव, कनिका चिब, रवि कुमार मौजूद रहे।
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फोटो:-6-शौर्याजंलि यात्रा टीम को सम्मानित करते शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद् पदाधिकारी।
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40 हजार किलोमीटर की यात्रा का दिल्ली में समापन
शौर्यांजलि यात्रा के संयोजक संग्राम सिंह तोमर ने बताया कि एक सितंबर को उत्तराखंड के परमार्थ निकेतन ऋषिकेश से शुरू हुई यह यात्रा रुड़की, हरिद्वार, देहरादून, गाजियाबाद, हरियाणा से पंजाब के कई जिलों से होते हुए पठानकोट पहुंची है। यहां शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के सदस्यों व शहीद परिवारों ने शौर्यांजलि यात्रा के संयोजक संग्राम सिंह तोमर व उनके साथ देव कुमार सिंह, अभय कुमार पांडे, तेज प्रकाश सिंह का भव्य स्वागत किया।
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अब यात्रा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू (20 राज्यों) से होते हुए 40 हजार किलोमीटर का सफर तय करके साढ़े तीन माह बाद 16 दिसंबर विजय दिवस पर दिल्ली के कांस्टीट्यूशनल क्लब में पहुंचेगी। परिषद के महासचिव कुंवर रवींद्र सिंह विक्की ने कहा कि शौर्यांजलि यात्रा के संयोजक संग्राम सिंह तोमर देश भर में शहीदों के सम्मान में यह यात्रा निकालकर शहीद परिवारों के मनोबल को बढ़ा रहे हैं। इस मौके पर परिषद के प्रेस सचिव बिट्टा काटल, वरिन्द्र सहदेव, पारस कश्यप, अक्षय चिब, रामा खुशदिल, पूनम सहदेव, कनिका चिब, रवि कुमार मौजूद रहे।
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फोटो:-6-शौर्याजंलि यात्रा टीम को सम्मानित करते शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद् पदाधिकारी।