फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   Punjabis Disillusionment with Britain Strict Visa Rules High Inflation Job Crisis Shatter Dream

पंजाबियों का ब्रिटेन से मोहभंग: सख्त वीजा नियम, महंगाई और नौकरी संकट ने तोड़ा विदेश का सपना, लाैट रहे वतन

Sat, 23 May 2026 08:32 AM IST
Nivedita सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: Nivedita Updated Sat, 23 May 2026 08:32 AM IST
सार

कई पंजाबी परिवार अब यह महसूस करने लगे हैं कि विदेश में कमाई से ज्यादा खर्च और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग वापस लौट रहे हैं या दूसरे देशों की ओर रुख कर रहे हैं।
 

विज्ञापन
Punjabis Disillusionment with Britain Strict Visa Rules High Inflation Job Crisis Shatter Dream
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई

विस्तार

पंजाब के युवाओं के लिए कभी ब्रिटेन जाना सबसे बड़ा सपना माना जाता था लेकिन हाल ही में जारी रिपोर्ट ने इस ख्वाहिश को झटका दिया है।
विज्ञापन


ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की लंदन रिपोर्ट के अनुसार जून 2025 तक एक वर्ष में रिकॉर्ड 74,000 भारतीय ब्रिटेन छोड़कर चले गए। इसमें 51,000 छात्र, 21,000 कामगार और 3,000 अन्य शामिल हैं।

यूके के रहने वाले तिरपाल सिंह के मुताबिक ब्रिटेन सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में आव्रजन नियम बेहद सख्त कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए अपने परिवार को साथ ले जाना कठिन बना दिया गया है। न्यूनतम वेतन सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे नौकरी पाना मुश्किल हो गया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी न मिलने पर युवाओं को वापस लौटना पड़ रहा है। स्थायी निवास की अवधि बढ़ाने की चर्चाओं ने भी प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है।
विज्ञापन


यूके की रहने वाली पंजाबी मूल की बलजिंदर कौर का कहना है कि महंगाई ने हालात और खराब कर दिए हैं। घरों का किराया, बिजली, गैस, यात्रा और रोजमर्रा के खर्च इतने बढ़ चुके हैं कि मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए वहां टिक पाना कठिन होता जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट के बावजूद ब्रिटेन में पंजाबी समुदाय की पहचान मजबूत बनी हुई है। लंदन, बर्मिंघम, वॉल्वरहैम्प्टन और ब्रैडफोर्ड जैसे क्षेत्रों में पंजाबी संस्कृति और भाषाई पहचान कायम है। ब्रिटिश संसद में पंजाबी मूल के सांसदों की संख्या लगातार बढ़ रही है।


आम युवाओं के बीच कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दुबई और यूरोप के अन्य देशों की ओर रुझान बढ़ता जा रहा है। पुराने प्रवासी भी अपने देश और मिट्टी की ओर लौटने लगे हैं। अब पंजाब के गांवों में ब्रिटेन का पासपोर्ट कभी जैसी प्रतिष्ठा नहीं रखता और विदेश की ख्वाहिश पहले जैसी सुनहरी नहीं रही।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed