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मोहभंग: विदेश में पढ़ाई से कतराने लगे पंजाबी, कनाडा समेत यूके-ऑस्ट्रेलिया जाने वालों की संख्या में गिरावट
Fri, 03 Jan 2025 09:59 AM IST
निवेदिता वर्मा
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 03 Jan 2025 09:59 AM IST
सार
पंजाब से युवा बड़ी संख्या में पढ़ाई के लिए विदेशों का रुख करते हैं। उनका सपना विदेश में पढ़ाई कर वहीं बसने का होता है। हालांकि पिछले कुछ समय से स्टडी के लिए बाहर जाने वालों की संख्या में गिरावट आ रही है। इसके कई कारण हैं।
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पढ़ाई के लिए सूबे में विकल्प तलाश रहे पंजाबी युवा
- फोटो : freepik
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विस्तार
विदेश में पढ़ाई से अब पंजाब के युवा कतराने लगे हैं। कनाडा ही नहीं अब ऑस्ट्रेलिया व यूके जाने वाले युवाओं की संख्या में भी कमी आई है। युवा अब पंजाब में ही विकल्प तलाश रहे हैं।
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कनाडा की अप्लाई बोर्ड कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक 2024 के अंत तक दिए गए नए स्टडी परमिट की संख्या 231,000 के करीब हैं, जो 2023 में स्वीकृत 436,000 से काफी कम है। कनाडा में 50 फीसदी विद्यार्थियों का ग्राफ गिर गया है।
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कनाडा जाने वालों की संख्या में तेजी से गिरावट
2022 में कनाडा गए 5.5 लाख विद्यार्थियों में से 2.26 लाख भारत से थे, जिसमें 3.2 लाख भारतीय छात्र वीजा पर कनाडा में रहे और अर्थव्यवस्था में योगदान दिया, लेकिन 2023 में संख्या कम हुई और 2024 में तो संख्या आधी रह गई। कनाडा में बेरोजगारी व महंगाई और बढ़े हुए बैंक ब्याज के कारण स्टूडेंट्स की संंख्या गिरी है।कनाडा व भारत के बीच काफी तनाव रहा है, जिसका असर स्टडी वीजा पर भी हुआ है। पंजाब से कनाडा जाने वालों की संख्या काफी कम हो गई है। कनाडा से युवा अब पंजाब में विकल्प तलाश रहे हैं। कनाडा में पीआर लेने वाले आंखों के सर्जन डॉ सतबीर भ्यौरा वापस आ गए हैं और अकाल आई अस्पताल चलाने लगे हैं। उनका कहना है कि कनाडा में हालात पहले जैसे नहीं हैं। वह बड़ी उम्मीद के साथ गए थे, लेकिन पंजाब में वापस आ गए हैं।